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सिंभावली मिल की पुरानी चीनी खरीदकर किसानों के बकाया 250 करोड़ का भुगतान कराये सरकार-दानिश
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सिंभावली मिल की चीनी खरीदकर किसानों का भुगतान कराए सरकार
हापुड़। अमरोहा-गढ़मुक्तेश्वर लोकसभा क्षेत्र से बसपा के सांसद कुंवर दानिश अली ने केन्द्र और प्रदेश सरकार से मांग की है कि सिंभावली मिल के पुराने स्टाक 5.28 लाख क्विंटल चीनी खरीदकर किसानों को पिछले सीजन के बकाया गन्ना मूल्य करीब 250 करोड़ का भुगतान कराए। क्योंकि उक्त मिल प्रबंधन चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित किये जाने के कारण चीनी की बिक्री नहीं होने से आर्थिक संकट का बहाना कर रहा है।
दरअसल केन्द्र सरकार ने सभी चीनी मिलों पर यह प्रतिबंध लगा रखा है कि सरकार द्वारा जारी कोटे के अनुसार ही चीनी की बिक्री खुले बाजार में की जाए। सिंभावली चीनी मिल को सिर्फ 64000 क्विंटल चीनी हर माह बेचने का परमिट मिलता है। जबकि मिल के पास करीब 5.28 लाख क्विंटल चीनी का स्टाक इस माह तक शेष था।
सांसद कुंवर दानिश अली ने बताया कि जब किसान नेता मिल पर जाकर गन्ना के बकाया 250 करोड़ के तत्काल भुगतान की मांग करते हैं तो मिल प्रबंधन के अधिकारी चीनी की बिक्री पर रोक की बात करने लगते हैं।
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उन्होंने मिल प्रबंधन से वार्ता की तो उन्हें बताया गया कि सिंभावली चीनी मिल ने पिछले सीजन में 484.74 करोड़ का गन्ना खरीदा जिसमें से अब तक 243.14 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। मिल को पिछले सीजन का बकाया 250.59 करोड़ का भुगतान करना बाकी है।
चीनी मिल प्रबंधन ने यह भी बताया कि अगर उन्हें चीनी का पुराना स्टाक 5.28 लाख क्विंटल चीनी को बेचने की इजाजत मिल जाए तो करीब 175 करोड़ रुपये का भुगतान एक मुश्त किया जा सकता है। उधर करीब 30 करोड़ रुपये चीनी निर्यात किये जाने की सब्सिडी का केन्द्र सरकार ने अभी तक भुगतान नहीं किया। अगर उक्त पैसा मिल जाए तो किसानों के बकाया का भुगतान करने में और मदद मिलेगी।
सांसद कुंवर दानिश अली ने उक्त चीनी की बिक्री करने की छूट दिये जाने या फिर सरकार द्वारा खरीदकर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराये जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की नीति का खामियाजा किसान आर्थिक संकट के रूप में भुगत रहे हैं जो शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के सांसदों के वेतन और भत्तों के भुगतान पर रोक जाये तो उन्हें पता चलेगा कि जेब में पैसा नहीं होने का कष्ट कैसा होता है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के साथ हो रहे इस अन्याय को वह लोकसभा में उठायेंगे।
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हापुड़। अमरोहा-गढ़मुक्तेश्वर लोकसभा क्षेत्र से बसपा के सांसद कुंवर दानिश अली ने केन्द्र और प्रदेश सरकार से मांग की है कि सिंभावली मिल के पुराने स्टाक 5.28 लाख क्विंटल चीनी खरीदकर किसानों को पिछले सीजन के बकाया गन्ना मूल्य करीब 250 करोड़ का भुगतान कराए। क्योंकि उक्त मिल प्रबंधन चीनी बिक्री का कोटा निर्धारित किये जाने के कारण चीनी की बिक्री नहीं होने से आर्थिक संकट का बहाना कर रहा है।
दरअसल केन्द्र सरकार ने सभी चीनी मिलों पर यह प्रतिबंध लगा रखा है कि सरकार द्वारा जारी कोटे के अनुसार ही चीनी की बिक्री खुले बाजार में की जाए। सिंभावली चीनी मिल को सिर्फ 64000 क्विंटल चीनी हर माह बेचने का परमिट मिलता है। जबकि मिल के पास करीब 5.28 लाख क्विंटल चीनी का स्टाक इस माह तक शेष था।
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सांसद कुंवर दानिश अली ने बताया कि जब किसान नेता मिल पर जाकर गन्ना के बकाया 250 करोड़ के तत्काल भुगतान की मांग करते हैं तो मिल प्रबंधन के अधिकारी चीनी की बिक्री पर रोक की बात करने लगते हैं।
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उन्होंने मिल प्रबंधन से वार्ता की तो उन्हें बताया गया कि सिंभावली चीनी मिल ने पिछले सीजन में 484.74 करोड़ का गन्ना खरीदा जिसमें से अब तक 243.14 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। मिल को पिछले सीजन का बकाया 250.59 करोड़ का भुगतान करना बाकी है।
चीनी मिल प्रबंधन ने यह भी बताया कि अगर उन्हें चीनी का पुराना स्टाक 5.28 लाख क्विंटल चीनी को बेचने की इजाजत मिल जाए तो करीब 175 करोड़ रुपये का भुगतान एक मुश्त किया जा सकता है। उधर करीब 30 करोड़ रुपये चीनी निर्यात किये जाने की सब्सिडी का केन्द्र सरकार ने अभी तक भुगतान नहीं किया। अगर उक्त पैसा मिल जाए तो किसानों के बकाया का भुगतान करने में और मदद मिलेगी।
सांसद कुंवर दानिश अली ने उक्त चीनी की बिक्री करने की छूट दिये जाने या फिर सरकार द्वारा खरीदकर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराये जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की नीति का खामियाजा किसान आर्थिक संकट के रूप में भुगत रहे हैं जो शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के सांसदों के वेतन और भत्तों के भुगतान पर रोक जाये तो उन्हें पता चलेगा कि जेब में पैसा नहीं होने का कष्ट कैसा होता है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के साथ हो रहे इस अन्याय को वह लोकसभा में उठायेंगे।