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पिलखुवा के सीओ पर गिरी गाज, गढ़ का मिला चार्ज
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पिलखुवा के सीओ पर गिरी गाज, गढ़ का मिला चार्ज
हापुड़। पिलखुवा पुलिस की हिरासत में मारे गए प्रदीप तोमर की मौत के जिम्मेदार कोतवाली प्रभारी, छिजारसी चौकी प्रभारी और एक आरक्षी को एसपी द्वारा सोमवार को ही निलंबित कर दिया गया था। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार माने जा रहे सीओ पर मंगलवार को गाज गिरी। एसपी ने उनका स्थानांतरण पिलखुवा से गढ़ के लिए कर दिया है। जबकि सीओ गढ़ अशोक कुमार शुक्ल को पिलखुवा का चार्ज दिया गया है।
प्रदीप पर अपनी सलज प्रीति की हत्या का शक था। पुलिस की मानें तो सुपारी किलर के मोबाइल से उसके फोन पर करीब सौ बार फोन किया गया। इसी आधार पर पुलिस ने धोखे से प्रदीप को थाने बुलाया और करीब चार पांच घंटे यातनाएं दी। जिससे उसकी मौत हो गई। यह पूरा मामला खुला तो लखनऊ तक महकमा थर्रा गया। लखनऊ से आए निर्देशों के बाद पिलखुवा कोतवाली प्रभारी योगेश बालियान, छिजारसी चौकी प्रभारी अजब सिंह और आरक्षी मनीष को निलंबित कर दिया गया था। लेकिन इस पूरी कहानी में पर्दे के पीछे से भूमिका निभाने वाले सीओ संतोष कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे लोगों में रोष व्याप्त था। मृतक के पिता राजकुमार तोमर ने भी मंडलायुक्त को पत्र देकर सीओ पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी।
लोगों के बढ़ते आक्रोश और पुरानी घटनाओं में भी विवादित भूमिका निभाने वाले सीओ पर एसपी की गाज गिरी। मंगलवार को उनका स्थानांतरण गढ़ कर दिया गया। हालांकि वह बात और है कि गढ़ में अधिवक्ताओं के साथ हुए विवाद के बाद उनका स्थानांतरण पिलखुवा किया गया था। सीओ अब दोबारा गढ़ की पुरानी चुनौतियों से जूझने के साथ गढ़ मेले की जिम्मेदारी निभाएंगे।
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एसपी डा. यशवीर सिंह ने बताया कि कानून व्यवस्था को देखते हुए सीओ संतोष कुमार मिश्रा का गढ़ स्थानांतरण कर दिया गया है। वहीं अशोक कुमार शुक्ल को पिलखुवा का चार्ज दिया गया है।
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हापुड़। पिलखुवा पुलिस की हिरासत में मारे गए प्रदीप तोमर की मौत के जिम्मेदार कोतवाली प्रभारी, छिजारसी चौकी प्रभारी और एक आरक्षी को एसपी द्वारा सोमवार को ही निलंबित कर दिया गया था। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार माने जा रहे सीओ पर मंगलवार को गाज गिरी। एसपी ने उनका स्थानांतरण पिलखुवा से गढ़ के लिए कर दिया है। जबकि सीओ गढ़ अशोक कुमार शुक्ल को पिलखुवा का चार्ज दिया गया है।
प्रदीप पर अपनी सलज प्रीति की हत्या का शक था। पुलिस की मानें तो सुपारी किलर के मोबाइल से उसके फोन पर करीब सौ बार फोन किया गया। इसी आधार पर पुलिस ने धोखे से प्रदीप को थाने बुलाया और करीब चार पांच घंटे यातनाएं दी। जिससे उसकी मौत हो गई। यह पूरा मामला खुला तो लखनऊ तक महकमा थर्रा गया। लखनऊ से आए निर्देशों के बाद पिलखुवा कोतवाली प्रभारी योगेश बालियान, छिजारसी चौकी प्रभारी अजब सिंह और आरक्षी मनीष को निलंबित कर दिया गया था। लेकिन इस पूरी कहानी में पर्दे के पीछे से भूमिका निभाने वाले सीओ संतोष कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे लोगों में रोष व्याप्त था। मृतक के पिता राजकुमार तोमर ने भी मंडलायुक्त को पत्र देकर सीओ पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी।
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लोगों के बढ़ते आक्रोश और पुरानी घटनाओं में भी विवादित भूमिका निभाने वाले सीओ पर एसपी की गाज गिरी। मंगलवार को उनका स्थानांतरण गढ़ कर दिया गया। हालांकि वह बात और है कि गढ़ में अधिवक्ताओं के साथ हुए विवाद के बाद उनका स्थानांतरण पिलखुवा किया गया था। सीओ अब दोबारा गढ़ की पुरानी चुनौतियों से जूझने के साथ गढ़ मेले की जिम्मेदारी निभाएंगे।
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एसपी डा. यशवीर सिंह ने बताया कि कानून व्यवस्था को देखते हुए सीओ संतोष कुमार मिश्रा का गढ़ स्थानांतरण कर दिया गया है। वहीं अशोक कुमार शुक्ल को पिलखुवा का चार्ज दिया गया है।