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चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय तैयार, वकीलों का जोरदार प्रदर्शन
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बैनामा लेखकों के समर्थन में सड़क पर उतरे अधिवक्ता
हापुड़। रजिस्ट्री कार्यालय के चितौली में शिफ्ट होने के विरोध में बृहस्पतिवार को बैनामा लेखकों के समर्थन में अधिवक्ता भी उतर गए। न्यायिक कार्य से विरत रहकर अधिवक्ताओं ने बैनामा लेखकों की मांग को लेकर तहसील चौपला पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय शिफ्ट कराने का पूरी तरह से विरोध किया।
गुरुवार को हापुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर धर्मपाल सिंह तोमर एवं सचिव संदीप त्यागी के नेतृत्व में अधिवक्ता तहसील पहुंचे। उन्होंने तहसील परिसर में गांव चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय शिफ्ट कराने को लेकर हड़ताल पर बैठे बैनामा लेखकों को समर्थन दिया।
उसके बाद अधिवक्ता नारेबाजी करते हुये तहसील चौपले पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रशासन की अनदेखी की वजह से बैनामा लेखक व लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में रजिस्ट्री कार्यालय तहसील के निकट सूर्या विहार में चलाया जा रहा है। शहर के बीच होने से लेाग आसानी से पहुंच जाते हैं, लेकिन अब प्रशासन रजिस्ट्री कार्यालय को शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर देहात में शिफ्ट कराना चाह रहा है। अगर यह कार्यालय वहां पर शिफ्ट हो गया तो, सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था का रहेगा। आए दिन ऐसे रास्तों पर दिन में भी लूटपाट हो जाती है। अगर रजिस्ट्री कार्यालय वहां पर बन गया तो आपराधिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी होगी। वहीं बैनामा लेखकों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। बैनामा लेखकों ने अपनी मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी। इस अवसर पर राजदीप त्यागी, ओमनीष, योगेश, लोकेश, नरेश चौधरी, सतीश चौधरी, युसुफ, रामदत्त अधिवक्ता, इंद्रजीत, मुकेश, राजीव, अनिल त्यागी, अशोक त्यागी रहे।
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बैनामा कराने वालों की सुरक्षा को लेकर उठने लगे हैं सवाल
देहात क्षेत्र के गांव चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय को लेकर बैनामा लेखक हड़ताल कर रहे हैं। वहीं रजिस्ट्री कार्यालय को शहर के बीचों बीच से हटाकर करीब सात-आठ किलोमीटर देहात में पहुंचने पर बैनामा कराने वालों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। चितौली मार्ग पर कई बार लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व में चितौली मार्ग पर एक बैंक का 15 लाख का केश लुट गया था। पुलिस चौकी व सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने को लेकर अधिवक्ता काफी चिंतित हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय बनकर तैयार, सड़क बनना बाकि
चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय बनकर तैयार है। इसका निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था समाज कल्याण विभाग के सहायक अभियंता पीके श्रीवास्तव ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय 4 करोड़ 43 लाख से बनवाया जा रहा है। 70 लाख रुपये की आखिरी किश्त जारी नहीं होने से सड़क निर्माण आदि कार्य नहीं हुए हैं। पूर्व में नोडल अधिकारी संतोष यादव ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। उसके बाद डीएम शेष धनराशि को लेकर शासन को पत्र लिख चुकी है। बुधवार को जिला प्रभारी मंत्री के समक्ष भी निर्माण कार्य का मुद्दा उठा था।
हड़ताल से 45 लाख के राजस्व का नुकसान
सहायक आयुक्त स्टाम्प शिव कुमार ने बताया कि बैनामा लेखकों की हड़ताल से करीब 40-45 लाख रुपये स्टांप की हानि का अंदाजा लगाया जा रहा है। वैसे भी पितृ पक्ष होने की वजह से लोग रजिस्ट्री कार्यालय कम ही पहुंचते हैं। लेकिन हड़ताल जारी रही तो आने वाले नवरात्रों में नुकसान की संभावना है।
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हापुड़। रजिस्ट्री कार्यालय के चितौली में शिफ्ट होने के विरोध में बृहस्पतिवार को बैनामा लेखकों के समर्थन में अधिवक्ता भी उतर गए। न्यायिक कार्य से विरत रहकर अधिवक्ताओं ने बैनामा लेखकों की मांग को लेकर तहसील चौपला पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय शिफ्ट कराने का पूरी तरह से विरोध किया।
गुरुवार को हापुड़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर धर्मपाल सिंह तोमर एवं सचिव संदीप त्यागी के नेतृत्व में अधिवक्ता तहसील पहुंचे। उन्होंने तहसील परिसर में गांव चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय शिफ्ट कराने को लेकर हड़ताल पर बैठे बैनामा लेखकों को समर्थन दिया।
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उसके बाद अधिवक्ता नारेबाजी करते हुये तहसील चौपले पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रशासन की अनदेखी की वजह से बैनामा लेखक व लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में रजिस्ट्री कार्यालय तहसील के निकट सूर्या विहार में चलाया जा रहा है। शहर के बीच होने से लेाग आसानी से पहुंच जाते हैं, लेकिन अब प्रशासन रजिस्ट्री कार्यालय को शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर देहात में शिफ्ट कराना चाह रहा है। अगर यह कार्यालय वहां पर शिफ्ट हो गया तो, सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था का रहेगा। आए दिन ऐसे रास्तों पर दिन में भी लूटपाट हो जाती है। अगर रजिस्ट्री कार्यालय वहां पर बन गया तो आपराधिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी होगी। वहीं बैनामा लेखकों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। बैनामा लेखकों ने अपनी मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी। इस अवसर पर राजदीप त्यागी, ओमनीष, योगेश, लोकेश, नरेश चौधरी, सतीश चौधरी, युसुफ, रामदत्त अधिवक्ता, इंद्रजीत, मुकेश, राजीव, अनिल त्यागी, अशोक त्यागी रहे।
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बैनामा कराने वालों की सुरक्षा को लेकर उठने लगे हैं सवाल
देहात क्षेत्र के गांव चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय को लेकर बैनामा लेखक हड़ताल कर रहे हैं। वहीं रजिस्ट्री कार्यालय को शहर के बीचों बीच से हटाकर करीब सात-आठ किलोमीटर देहात में पहुंचने पर बैनामा कराने वालों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। चितौली मार्ग पर कई बार लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व में चितौली मार्ग पर एक बैंक का 15 लाख का केश लुट गया था। पुलिस चौकी व सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने को लेकर अधिवक्ता काफी चिंतित हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय बनकर तैयार, सड़क बनना बाकि
चितौली में रजिस्ट्री कार्यालय बनकर तैयार है। इसका निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था समाज कल्याण विभाग के सहायक अभियंता पीके श्रीवास्तव ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय 4 करोड़ 43 लाख से बनवाया जा रहा है। 70 लाख रुपये की आखिरी किश्त जारी नहीं होने से सड़क निर्माण आदि कार्य नहीं हुए हैं। पूर्व में नोडल अधिकारी संतोष यादव ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। उसके बाद डीएम शेष धनराशि को लेकर शासन को पत्र लिख चुकी है। बुधवार को जिला प्रभारी मंत्री के समक्ष भी निर्माण कार्य का मुद्दा उठा था।
हड़ताल से 45 लाख के राजस्व का नुकसान
सहायक आयुक्त स्टाम्प शिव कुमार ने बताया कि बैनामा लेखकों की हड़ताल से करीब 40-45 लाख रुपये स्टांप की हानि का अंदाजा लगाया जा रहा है। वैसे भी पितृ पक्ष होने की वजह से लोग रजिस्ट्री कार्यालय कम ही पहुंचते हैं। लेकिन हड़ताल जारी रही तो आने वाले नवरात्रों में नुकसान की संभावना है।