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जीएसटी के विरोध में गरजे उद्यमी
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जीएसटी के विरोध में गरजे उद्यमी, सौंपा ज्ञापन
हापुड़। एक राष्ट्र एक कर प्रणाली पर आधारित जीएसटी उद्यमियों के लिए गले की फांस बन गया है। इसकी जटिलताएं लोगों को परेशान कर रही हैं। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के आह्वान पर उद्यमियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन, वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर को सौंपा।
एसोसिएशन के सचिव अमन गुप्ता ने कहा कि जीएसटी की जटिलताएं व्यापार को प्रभावित कर रही हैं। व्यापारियों द्वारा ई-वे बिल जारी करने के लिए कभी कभी पॉर्टल पर 3-4 घंटे तक समय लग जाता है, इससे माल के परिवहन पर असर पड़ता है। व्यापारी को स्वयं की खरीद का मिलान/सत्यापन करने में समस्या आ रही है। बिक्री के प्रारूप जीएसटी-प्रथम व खरीद का प्रारूप जीएसटीआर-द्वितीय ए करने मिलान में असुविधा हो रही है।
एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पुरुषोत्तम शरण अग्रवाल ने कहा कि विभागीय पोर्टल पर पूरे वर्ष का जीएसटीआर-द्वितीय ए डाउनलोड करने की कोई सुविधा नहीं है। प्रारूप जीएसटीआर-9 जो 17-18 गतवर्ष के लिए दाखिल किया जाना था। उसमें खरीद व बिक्री का मिलान नहीं हो पा रहा है। पोर्टल को 31 मार्च 2020 तक खोला जाए। इन समस्याओं के निस्तारण को लेकर उद्यमियों ने वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जल्द समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
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इस मौके पर सुनील जैन, संजय गर्ग, विजेंद्र लोहे वाले, दीपांशु गर्ग, ब्रह्मानंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। एक राष्ट्र एक कर प्रणाली पर आधारित जीएसटी उद्यमियों के लिए गले की फांस बन गया है। इसकी जटिलताएं लोगों को परेशान कर रही हैं। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को हापुड़ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के आह्वान पर उद्यमियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन, वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर को सौंपा।
एसोसिएशन के सचिव अमन गुप्ता ने कहा कि जीएसटी की जटिलताएं व्यापार को प्रभावित कर रही हैं। व्यापारियों द्वारा ई-वे बिल जारी करने के लिए कभी कभी पॉर्टल पर 3-4 घंटे तक समय लग जाता है, इससे माल के परिवहन पर असर पड़ता है। व्यापारी को स्वयं की खरीद का मिलान/सत्यापन करने में समस्या आ रही है। बिक्री के प्रारूप जीएसटी-प्रथम व खरीद का प्रारूप जीएसटीआर-द्वितीय ए करने मिलान में असुविधा हो रही है।
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एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पुरुषोत्तम शरण अग्रवाल ने कहा कि विभागीय पोर्टल पर पूरे वर्ष का जीएसटीआर-द्वितीय ए डाउनलोड करने की कोई सुविधा नहीं है। प्रारूप जीएसटीआर-9 जो 17-18 गतवर्ष के लिए दाखिल किया जाना था। उसमें खरीद व बिक्री का मिलान नहीं हो पा रहा है। पोर्टल को 31 मार्च 2020 तक खोला जाए। इन समस्याओं के निस्तारण को लेकर उद्यमियों ने वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जल्द समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
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इस मौके पर सुनील जैन, संजय गर्ग, विजेंद्र लोहे वाले, दीपांशु गर्ग, ब्रह्मानंद शर्मा आदि मौजूद रहे।