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हापुड़ और पिलखुवा के एक्सईन को विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम का नोटिस
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हापुड़ और पिलखुवा के एक्सईएन को विद्युत
उपभोक्ता फोरम का नोटिस
-31 साल से गांव नान का किसान लगा रहा था निगम अफसरों के चक्कर
-पूरा बिल जमा होने के बावजूद करीब डेढ़ लाख की बकायेदारी का भेजा था नोटिस
-अफसरों से इंसाफ न मिलने पर पीड़ित किसान ने लिया उपभोक्ता फोरम का सहारा
माई सिटी रिपोर्टर
हापुड़। गांव नान निवासी एक किसान को बिजली निगम के अफसरों ने 31 साल बाद भी इंसाफ नहीं दिलाया। कर्मचारियों द्वारा उसके नलकूप रिकॉर्ड में की गई हेराफेरी को दूर कराने के लिए वह चक्कर लगाता रहा, लेकिन पूरा बिल जमा करने के बाद भी निगम की ओर से उसे करीब डेढ़ लाख की बकायेदारी का नोटिस जारी कर दिया गया। अब पीड़ित की शिकायत पर विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम ने हापुड़ और पिलखुवा के एक्सईएन को नोटिस जारी कर 30 अगस्त को साक्ष्यों समेत अदालत में तलब किया है।
गौरतलब है कि गांव नान निवासी हुकमचंद के पिता निहाल सिंह ने वर्ष 1979 में नलकूप का पांच एचपी का कनेक्शन लगवाया था। वर्ष 1988 में निहाल सिंह की मृत्यु के बाद हुकमचंद के नाम कनेक्शन कर दिया गया, कनेक्शन स्थानांतरित होने के आदेश के बाद उसे एक रिकॉर्ड किताब भी मिली।
वर्ष 1988 से वह लगातार बिल जमा करता आ रहा है। आरोप है कि वर्ष 2004 में निगम की ओर से उनके पिता के नाम 30,175 रुपये की बकायेदारी का एक नोटिस जारी किया। जिसे देख वह चौंक गया क्योंकि 1988 में ही उनके पिता के नाम जो कनेक्शन था, पूरा बिल जमा करने के बाद वह उसके नाम स्थानांतरित किया जा चुका था।
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इतना ही नहीं अपने नाम कनेक्शन होने से वह लगातार बिल जमा करता आ रहा था, लेकिन पूछताछ करने पर पता चला कि उसके द्वारा जमा किए बिल का कोई रिकॉर्ड निगम में है ही नहीं। वर्ष 2017 में फिर से उसके पिता के नाम ही 1,47,947 लाख की बकायेदारी का नोटिस भेज दिया।
आरोप है कि वह 31 साल से संशोधन को लेकर निगम अफसरों के चक्कर लगाता रहा लेकिन समस्या का समाधान तो दूर उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। कुछ कर्मचारियों ने यह पैसा जमा करने का दबाव बनाया, शिकायत करने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई। परेशान किसान ने इस मामले में विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में वाद दायर किया।
जिसके बाद विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम ने हापुड़ और पिलखुवा के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर 30 अगस्त को जन अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने के आदेश किए हैं।
कोट
पिलखुवा एक्सईएन केके तेवतिया ने बताया कि फिलहाल उन्हें नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने पर कोर्ट के आदेशों का पालन कराया जाएगा।
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हापुड़ और पिलखुवा के एक्सईएन को विद्युत
उपभोक्ता फोरम का नोटिस
-31 साल से गांव नान का किसान लगा रहा था निगम अफसरों के चक्कर
-पूरा बिल जमा होने के बावजूद करीब डेढ़ लाख की बकायेदारी का भेजा था नोटिस
-अफसरों से इंसाफ न मिलने पर पीड़ित किसान ने लिया उपभोक्ता फोरम का सहारा
माई सिटी रिपोर्टर
हापुड़। गांव नान निवासी एक किसान को बिजली निगम के अफसरों ने 31 साल बाद भी इंसाफ नहीं दिलाया। कर्मचारियों द्वारा उसके नलकूप रिकॉर्ड में की गई हेराफेरी को दूर कराने के लिए वह चक्कर लगाता रहा, लेकिन पूरा बिल जमा करने के बाद भी निगम की ओर से उसे करीब डेढ़ लाख की बकायेदारी का नोटिस जारी कर दिया गया। अब पीड़ित की शिकायत पर विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम ने हापुड़ और पिलखुवा के एक्सईएन को नोटिस जारी कर 30 अगस्त को साक्ष्यों समेत अदालत में तलब किया है।
गौरतलब है कि गांव नान निवासी हुकमचंद के पिता निहाल सिंह ने वर्ष 1979 में नलकूप का पांच एचपी का कनेक्शन लगवाया था। वर्ष 1988 में निहाल सिंह की मृत्यु के बाद हुकमचंद के नाम कनेक्शन कर दिया गया, कनेक्शन स्थानांतरित होने के आदेश के बाद उसे एक रिकॉर्ड किताब भी मिली।
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वर्ष 1988 से वह लगातार बिल जमा करता आ रहा है। आरोप है कि वर्ष 2004 में निगम की ओर से उनके पिता के नाम 30,175 रुपये की बकायेदारी का एक नोटिस जारी किया। जिसे देख वह चौंक गया क्योंकि 1988 में ही उनके पिता के नाम जो कनेक्शन था, पूरा बिल जमा करने के बाद वह उसके नाम स्थानांतरित किया जा चुका था।
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इतना ही नहीं अपने नाम कनेक्शन होने से वह लगातार बिल जमा करता आ रहा था, लेकिन पूछताछ करने पर पता चला कि उसके द्वारा जमा किए बिल का कोई रिकॉर्ड निगम में है ही नहीं। वर्ष 2017 में फिर से उसके पिता के नाम ही 1,47,947 लाख की बकायेदारी का नोटिस भेज दिया।
आरोप है कि वह 31 साल से संशोधन को लेकर निगम अफसरों के चक्कर लगाता रहा लेकिन समस्या का समाधान तो दूर उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। कुछ कर्मचारियों ने यह पैसा जमा करने का दबाव बनाया, शिकायत करने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई। परेशान किसान ने इस मामले में विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में वाद दायर किया।
जिसके बाद विद्युत उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम ने हापुड़ और पिलखुवा के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर 30 अगस्त को जन अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने के आदेश किए हैं।
कोट
पिलखुवा एक्सईएन केके तेवतिया ने बताया कि फिलहाल उन्हें नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने पर कोर्ट के आदेशों का पालन कराया जाएगा।