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स्वच्छता सर्वेक्षण में जलभराव से गिरेगी हापुड़ की रैंक

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2019 11:39 PM IST
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स्वच्छता सर्वेक्षण में जलभराव से गिरेगी हापुड़ की रैंक
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मुनीश शर्मा
हापुड़। भले ही नगर पालिका परिषद के अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन को लेकर गंभीरता बरतने का दावा कर रहे हों लेकिन जलभराव की समस्या पालिका की रैकिंग प्रभावित कर सकती है। मंगलवार को हुई बारिश से पालिका के सफाई अभियान की भी पोल खुल गई। जगह-जगह जलभराव की समस्या से लोग परेशान दिखे।
हर वर्ष सरकार स्वच्छता सर्वेक्षण में शहरों की रैंक जारी करती है। सूची जारी करने से पहले सफाई से लेकर जलनिकासी, शौचालय आदि नगरीकरण जैसी व्यवस्थाओं को परखा जाता है। सर्वेक्षण में हर मानक के अंक निर्धारित होते हैं। इसके आधार पर ही स्वच्छता रैकिंग जारी की जाती है। विगत वर्षों में हापुड़ नगर की स्थिति भी ठीक-ठाक नहीं रही है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर पालिका गंभीरता से कार्य करने का दावा जरूर कर रहा है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि पालिका पुरानी गलतियों से सीख लेने को तैयार नहीं है। अगर यही स्थिति रही तो पालिका की रैकिंग एक बार फिर से प्रभावित रहेगी। इसे प्रभावित करने में जलभराव, नाला के मुहानों पर जमा गंदगी, जल निकासी समुचित व्यवस्था का अभाव आदि जिम्मेदार होंगे।
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शिकायतों पर नहीं हुआ कार्य
जलभराव, नाले, गंदगी, कूड़ा उठान, नये नालों का निर्माण आदि समस्याओं को लेकर लोग नगर पालिका परिषद से शिकायत करते रहते हैं। पालिका अफसर शहरवासियों की शिकायतों पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। इसका नतीजा बारिश में जलभराव के रूप में भी देखने को मिलता है। वहीं सर्वेक्षण में लोगों का फीडबैक भी पालिका के कार्यों की पोल खोल देगा। हालांकि पालिका की तरफ से एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया है, जिस पर जो भी शिकायतें आती हैं उनका त्वरित निस्तारण कराया जाता है।
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नेगेटिव अंक से घटेगी रैंकिंग
शहर में अगर गंदगी व जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिली स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग के दौरान नेगेटिव अंक जोड़े जाएंगे। इससे जिले की स्वच्छता रेैंकिंग पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे जिले के स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल होना मुश्किल काम हो जाएगा।

कोट-
स्वच्छता अभियान को लेकर पालिका पूरी तरह गंभीर है। शहर में नौ नालों का प्रस्ताव शासन में अटका हुआ है। बुलंदशहर रोड व मेरठ रोड पर नाले बनाए जा रहे हैं। बड़े नालों की सफाई कराई जा रही है। सर्वेक्षण में इस बार पालिका की रैंक बेहतर आएगी। इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
- जितेंद्र कुमार आनंद, ईओ नगर पालिका हापुड़
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