{"_id":"5d448a5e8ebc3e6c9d3b521d","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd1815351196","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘तीन तलाक बिल में सजा का प्रावधान अनुचित’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘तीन तलाक बिल में सजा का प्रावधान अनुचित’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘तीन तलाक बिल में सजा का प्रावधान अनुचित’
हापुड़। तीन तलाक बिल में सजा का प्रावधान अनुचित है।
सरकार को बिल लाने से पूर्व धरातल पर कार्य करना चाहिए था। यह बातें हापुड़ में एक शोक सभा में पहुंचे जदयू नेता केसी त्यागी ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहीं।
मेरठ रोड स्थित दीप उत्सव में समाजसेवी महावीर सिंह त्यागी की शोक सभा में जदयू नेता केसी त्यागी पहुंचे। उन्होंने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि भाजपा सरकार देश में सुधारों की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने स्वयं को भी देश में हो रहे सुधारों का पक्षधर बताया। उन्होंने तीन तलाक बिल के प्रावधानों पर
भी प्रश्रचिन्ह लगाए। कहा कि सरकार को तीन तलाक के मामलों में सजा का प्रवधान लाने का प्रावधान अर्थपूर्ण प्रतीत नहीं होता है। सरकार को बिल लाने से पूर्व मुस्लिम समाज की राय भी जाननी चाहिए थी। इससे समाज के लोगों की राय भी बिल में समाहित होती। इससे तीन तलाक को ठोस आधार प्रदान किया जा सकता था। दोनों सदनों में पास हुआ बिल काफी मजबूत होता है। आने वाले समय में तीन तलाक के मामलों में गिरावट भी आती। दोनों सदनों में बिल पास होने के बाद भी तीन तलाक के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने भले ही तीन तलाक बिल के प्रावधानों पर अलग राय व्यक्त की हो, लेकिन देश में हो रहे सुधारों को सकारात्मक संकेतक भी करार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। तीन तलाक बिल में सजा का प्रावधान अनुचित है।
सरकार को बिल लाने से पूर्व धरातल पर कार्य करना चाहिए था। यह बातें हापुड़ में एक शोक सभा में पहुंचे जदयू नेता केसी त्यागी ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहीं।
मेरठ रोड स्थित दीप उत्सव में समाजसेवी महावीर सिंह त्यागी की शोक सभा में जदयू नेता केसी त्यागी पहुंचे। उन्होंने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि भाजपा सरकार देश में सुधारों की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने स्वयं को भी देश में हो रहे सुधारों का पक्षधर बताया। उन्होंने तीन तलाक बिल के प्रावधानों पर
विज्ञापन
भी प्रश्रचिन्ह लगाए। कहा कि सरकार को तीन तलाक के मामलों में सजा का प्रवधान लाने का प्रावधान अर्थपूर्ण प्रतीत नहीं होता है। सरकार को बिल लाने से पूर्व मुस्लिम समाज की राय भी जाननी चाहिए थी। इससे समाज के लोगों की राय भी बिल में समाहित होती। इससे तीन तलाक को ठोस आधार प्रदान किया जा सकता था। दोनों सदनों में पास हुआ बिल काफी मजबूत होता है। आने वाले समय में तीन तलाक के मामलों में गिरावट भी आती। दोनों सदनों में बिल पास होने के बाद भी तीन तलाक के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने भले ही तीन तलाक बिल के प्रावधानों पर अलग राय व्यक्त की हो, लेकिन देश में हो रहे सुधारों को सकारात्मक संकेतक भी करार दिया।
विज्ञापन