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सड़क के गड्ढों से मुश्किल होगी कांवड़ियों की राह
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सड़क के गड्ढों से मुश्किल होगी कांवड़ियों की राह
हापुड़। कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सड़कों को 16 जुलाई तक गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन अभी भी कुछ मार्ग ऐेसे हैें जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। जिन्हें इतने कम समय में दुरुस्त किया जाना संभव नहीं है। इस स्थिति में कांवड़ियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कुचेसर रोड चौपला से रसूलपुर नहर की पटरी से होते हुए बड़ी संख्या में कांवड़िये अपने गंतव्य को जाते हैं। यह वह रास्ता है, जिसे बुलंदशहर की ओर जाने वाले शिवभक्त शार्ट कट के रूप में प्रयुक्त करते हैं। इसके अलावा छपकौली मंदिर को जाने वाले शिवभक्त भी इसी मार्ग का सहारा लेते हैं। लेकिन यह रास्ता इस समय लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इस रास्ते पर बरसात के कारण जहां जगह जगह जलभराव है, वहीं रास्ते पर बड़े बड़े गड्ढे भी बने हुए हैं। दूर तक सड़क पर पानी ही पानी दिखाई देता है। ऐसे में बारिश और पड़ती है तो यह मार्ग पूरी तरह से पानी से लबालब हो जाएगा। उधर प्रशासन ने 16 जुलाई तक ऐसे सभी कांवड़ मार्गों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन इस सड़क की स्थिति को देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि इस मार्ग को समय रहते दुरुस्त कर लिया जाएगा।
इस संबंध में एसडीएम सत्यप्रकाश का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर सड़क का गड्ढा मुक्त कराया जाएगा।
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हापुड़। कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सड़कों को 16 जुलाई तक गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन अभी भी कुछ मार्ग ऐेसे हैें जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। जिन्हें इतने कम समय में दुरुस्त किया जाना संभव नहीं है। इस स्थिति में कांवड़ियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कुचेसर रोड चौपला से रसूलपुर नहर की पटरी से होते हुए बड़ी संख्या में कांवड़िये अपने गंतव्य को जाते हैं। यह वह रास्ता है, जिसे बुलंदशहर की ओर जाने वाले शिवभक्त शार्ट कट के रूप में प्रयुक्त करते हैं। इसके अलावा छपकौली मंदिर को जाने वाले शिवभक्त भी इसी मार्ग का सहारा लेते हैं। लेकिन यह रास्ता इस समय लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इस रास्ते पर बरसात के कारण जहां जगह जगह जलभराव है, वहीं रास्ते पर बड़े बड़े गड्ढे भी बने हुए हैं। दूर तक सड़क पर पानी ही पानी दिखाई देता है। ऐसे में बारिश और पड़ती है तो यह मार्ग पूरी तरह से पानी से लबालब हो जाएगा। उधर प्रशासन ने 16 जुलाई तक ऐसे सभी कांवड़ मार्गों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन इस सड़क की स्थिति को देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि इस मार्ग को समय रहते दुरुस्त कर लिया जाएगा।
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इस संबंध में एसडीएम सत्यप्रकाश का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर सड़क का गड्ढा मुक्त कराया जाएगा।