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गंगा नदी उफनाई, खादर क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न
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गढ़ गंगा नदी में उफान के बाद जंगल को जाने वाले मार्ग पर भरा पानी।
- फोटो : GARH
गंगा नदी उफनाई, खादर क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न
गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड में पहाड़ों पर लगातार बारिश होने के कारण गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। येलो अलर्ट के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे रह गया है, जिसके चलते खादर क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़नी शुरू हो गई है। वहीं तहसील प्रशासन ने भी संबंधित राजस्व निरीक्षक और लेखपालों को गांवों में पहुंचकर निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
बिजनौर बैराज से एक लाख 58 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ब्रजघाट गंगा नदी का जलस्तर 198.45 मीटर से बढ़कर 198.65 पहुंच गया है। जिससे रविवार को दिन निकलते ही खादर क्षेत्र के गांव शाकरपुर, भगवंतपुर, रेते वाली मढैया, नयागांव, अब्दुल्लापुर, लठीरा, नयाबांस का हजारों हेक्टेयर जंगल, उसमें लहलहा रहीं फसल और गांवों से जुड़े अधिकांश रास्ते जलमग्न हो गए। जिसको देखकर लगने लगा है कि गंगा का रौद्र रूप खादर क्षेत्र के लोगों को परेशानी बनेगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 24 घंटे के भीतर गंगा के जलस्तर में करीब 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जिससे गंगा नदी उफान पर दिख रही है।
सड़क किनारे रखे बिटौरे भी जलमग्न
जंगल समेत आवागमन से जुड़े रास्ते पर जलभराव होने से खादर क्षेत्र के कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। सड़क किनारे रखे बिटौरे भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे ईंधन भी पानी भरने से खराब हो गया है, जिसके कारण ग्रामीणों को चूल्हा चलाने में भी दिक्कत हो रही है। वहीं धान की फसल, हरी सब्जी समेत चारा भी गंगा नदी के पानी में डूबकर नष्ट हो रहा है।
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बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने से लोगों में बेचैनी बनी
मेरठ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे रविवार की दोपहर को पिछले दिनों के मुकाबले बिजनौर बैराज से 1 लाख 58 हजार क्यूसेक जल का डिस्चार्ज किया गया है। बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज का सिलसिला जारी रहने से खादर वासियों में बेचैनी व्याप्त है, जिन्हें डर सता रहा है कि बिजनौर से छोड़ा गया पानी आने से गंगा जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर जंगल में पानी की मात्रा और भी बढ़ सकती है।
तहसील प्रशासन हुआ सतर्क
बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है, हर घंटे जलस्तर की रिपोर्ट ली जा रही है। इसके अलावा प्रशासन बाढ़ से निपटने के इंतजाम पहले ही पूर्ण कर चुका है। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- विवेक कुमार यादव, एसडीएम
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गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड में पहाड़ों पर लगातार बारिश होने के कारण गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। येलो अलर्ट के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे रह गया है, जिसके चलते खादर क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़नी शुरू हो गई है। वहीं तहसील प्रशासन ने भी संबंधित राजस्व निरीक्षक और लेखपालों को गांवों में पहुंचकर निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं।
बिजनौर बैराज से एक लाख 58 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ब्रजघाट गंगा नदी का जलस्तर 198.45 मीटर से बढ़कर 198.65 पहुंच गया है। जिससे रविवार को दिन निकलते ही खादर क्षेत्र के गांव शाकरपुर, भगवंतपुर, रेते वाली मढैया, नयागांव, अब्दुल्लापुर, लठीरा, नयाबांस का हजारों हेक्टेयर जंगल, उसमें लहलहा रहीं फसल और गांवों से जुड़े अधिकांश रास्ते जलमग्न हो गए। जिसको देखकर लगने लगा है कि गंगा का रौद्र रूप खादर क्षेत्र के लोगों को परेशानी बनेगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 24 घंटे के भीतर गंगा के जलस्तर में करीब 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जिससे गंगा नदी उफान पर दिख रही है।
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सड़क किनारे रखे बिटौरे भी जलमग्न
जंगल समेत आवागमन से जुड़े रास्ते पर जलभराव होने से खादर क्षेत्र के कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। सड़क किनारे रखे बिटौरे भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे ईंधन भी पानी भरने से खराब हो गया है, जिसके कारण ग्रामीणों को चूल्हा चलाने में भी दिक्कत हो रही है। वहीं धान की फसल, हरी सब्जी समेत चारा भी गंगा नदी के पानी में डूबकर नष्ट हो रहा है।
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बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने से लोगों में बेचैनी बनी
मेरठ कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे रविवार की दोपहर को पिछले दिनों के मुकाबले बिजनौर बैराज से 1 लाख 58 हजार क्यूसेक जल का डिस्चार्ज किया गया है। बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज का सिलसिला जारी रहने से खादर वासियों में बेचैनी व्याप्त है, जिन्हें डर सता रहा है कि बिजनौर से छोड़ा गया पानी आने से गंगा जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर जंगल में पानी की मात्रा और भी बढ़ सकती है।
तहसील प्रशासन हुआ सतर्क
बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया है, हर घंटे जलस्तर की रिपोर्ट ली जा रही है। इसके अलावा प्रशासन बाढ़ से निपटने के इंतजाम पहले ही पूर्ण कर चुका है। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- विवेक कुमार यादव, एसडीएम