{"_id":"6192a803d295a86b2636a4c6","slug":"hapur-news-garh-news-gbd2294199157","type":"story","status":"publish","title_hn":"खादर में गूंज रहे गंगा मैया के जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खादर में गूंज रहे गंगा मैया के जयकारे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खादर में गूंज रहे गंगा मैया के जयकारे
गढ़मुक्तेश्वर। खादर मेला स्थल पर अब तक करीब 9 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा के रेतीले टापू पर पड़ाव डाल लिया है। जो गंगा में स्नान कर जयकारे लगाते हुए भक्ति से सराबोर दिखाई पड़ रहे है।
खादर में मेला स्थल पर लाखों श्रद्धालु पड़ाव डाल चुके हैं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान वाले दिन तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहेगा। ट्रैक्टर ट्रॉलियों, भैंसा बुग्गी, कारों, बाइकों से श्रद्धालु मेले में पहुंच रहे हैं। मेला मार्ग पर श्रद्धालुओं के वाहनों की लाइन लगी हुई है। हर-हर गंगे के जयकारों से गंगा घाट गूंजने लगे हैं। परंपरा के साथ आधुनिकता की बहार दिखाई पड़ रही है। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालु गंगा मैया के जयकारों के साथ मेला स्थल पर कदम रख रहे हैं। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान 19 नवंबर की सुबह को है, इससे पहले 18 नवंबर की शाम गंगा घाट किनारे दीपदान होगा।
श्रद्धालुओं की भीड़ से बढ़ेगी पुलिस की चुनौती
जैसे जैसे गंगा मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। वैसे ही पुलिस प्रशासन को मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। जिसमें गंगा घाट किनारे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सदर बाजार मेले के मुख्य रास्ते पर भीड़, पशु मेला समेत अन्य जगहों पर पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था में सख्ती बरतने की आवश्यकता पड़ेगी।
विज्ञापन
झूले और मौत का कुएं से बढ़ी रौनक
अभी तक कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र में मनोरंजन के साधनों का अभाव था। लेकिन रविवार को मेले में बड़े झूले और मौत का कुआं का सामान पहुंच गया। संचालक अपना तैयारी करने में जुटे हुए हैं। संचालकों का कहना है कि मंगलवार की शाम तक झूला और मौत का कुआं तैयार हो जाएंगे।
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। खादर मेला स्थल पर अब तक करीब 9 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा के रेतीले टापू पर पड़ाव डाल लिया है। जो गंगा में स्नान कर जयकारे लगाते हुए भक्ति से सराबोर दिखाई पड़ रहे है।
खादर में मेला स्थल पर लाखों श्रद्धालु पड़ाव डाल चुके हैं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान वाले दिन तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहेगा। ट्रैक्टर ट्रॉलियों, भैंसा बुग्गी, कारों, बाइकों से श्रद्धालु मेले में पहुंच रहे हैं। मेला मार्ग पर श्रद्धालुओं के वाहनों की लाइन लगी हुई है। हर-हर गंगे के जयकारों से गंगा घाट गूंजने लगे हैं। परंपरा के साथ आधुनिकता की बहार दिखाई पड़ रही है। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालु गंगा मैया के जयकारों के साथ मेला स्थल पर कदम रख रहे हैं। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान 19 नवंबर की सुबह को है, इससे पहले 18 नवंबर की शाम गंगा घाट किनारे दीपदान होगा।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं की भीड़ से बढ़ेगी पुलिस की चुनौती
जैसे जैसे गंगा मेले में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। वैसे ही पुलिस प्रशासन को मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। जिसमें गंगा घाट किनारे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सदर बाजार मेले के मुख्य रास्ते पर भीड़, पशु मेला समेत अन्य जगहों पर पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था में सख्ती बरतने की आवश्यकता पड़ेगी।
विज्ञापन
झूले और मौत का कुएं से बढ़ी रौनक
अभी तक कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र में मनोरंजन के साधनों का अभाव था। लेकिन रविवार को मेले में बड़े झूले और मौत का कुआं का सामान पहुंच गया। संचालक अपना तैयारी करने में जुटे हुए हैं। संचालकों का कहना है कि मंगलवार की शाम तक झूला और मौत का कुआं तैयार हो जाएंगे।