{"_id":"5d39fa388ebc3e6cb713c663","slug":"hapur-news-garh-news-gbd181041995","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांवड़ियों की दस्तक से के सरिया होने लगीं सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांवड़ियों की दस्तक से के सरिया होने लगीं सड़कें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांवड़ियों की दस्तक से के सरिया होने लगीं सड़कें
गढ़मुक्तेश्वर। हरिद्वार को जा रहे क्षेत्रीय कांवडियों की रवानगी में तेजी आने से सड़कें भी केसरिया रंग में डूबने लगी हैं। सड़कों पर बम बम भोले और हर हर महादेव के जयकारे गूंजने से वातावरण शिवमयी होने होने लगा है।
इस बार 17 जुलाई को प्रारंभ हुई सावन मास की कांवड़ यात्रा का जलाभिषेक पर्व शिवरात्रि के दिन 30 जुलाई को होगा, जिसका समय नजदीक आने पर कांवड़ यात्रा में लगातार तेजी आ रही है। हरिद्वार से कांवड़ भरकर लाने वाले गढ़ क्षेत्र के शिवभक्त ट्रेन और बसों में सवार होकर रवानगी कर रहे हैं। शिवभक्तों को रवानगी देने को महिला और बच्चों समेत पड़ोसी भी बस अड्डों पर पहुंच रहे हैं, जो मंगल गीत और भोले के भजनों के बीच उन्हें सकुशल हरिद्वार पहुंचने और फिर कांवड़ भरकर वापिस लौटने की कामना भी कर रहे हैं। आबादी से लेकर सड़क और बस अड्डों पर हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों की गूंज बढ़ने से समूचे क्षेत्र का वातावरण शिवमयी रंग में परिवर्तित होता जा रहा है। पिछले बीस सालों से हरिद्वार और गौमुख से कांवड़ ला रहे गांव झड़ीना निवासी अतुल त्यागी का कहना है कि हरिद्वार से कांवड़ भरकर लाने वालों को क्षेत्र में वापसी करने पर औसतन दिन का समय लग जाता है, इसलिए शनिवार को गढ़ क्षेत्र से हरिद्वार के लिए आखिरी जत्थों की रवानगी हो जाएगी।
--दूसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए आज पहुंचेंगे शिवभक्त
गंगा पार के जनपद अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, पीलीभीत में सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान भोले का जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता प्रचलित है, जिसके चलते दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने वाले गंगा पार के शिवभक्तों की ब्रजघाट गंगानगरी में शुक्रवार(आज) की दोपहर से आमद चालू हो जाएगी। गंगा सभा अध्यक्ष अशोक नागर, गंगा विचार मंच के वेस्टर्न यूपी सह संयोजक अशोक शर्मा और श्री गंगा सेवा समिति अध्यक्ष विनय मिश्रा का कहना है कि गंगा पार के जनपदों में सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान भोले का जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता प्रचलित है, जिसके चलते दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने वाले हजारों शिवभक्त ब्रजघाट गंगा से कांवड़ भरकर ले जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। हरिद्वार को जा रहे क्षेत्रीय कांवडियों की रवानगी में तेजी आने से सड़कें भी केसरिया रंग में डूबने लगी हैं। सड़कों पर बम बम भोले और हर हर महादेव के जयकारे गूंजने से वातावरण शिवमयी होने होने लगा है।
इस बार 17 जुलाई को प्रारंभ हुई सावन मास की कांवड़ यात्रा का जलाभिषेक पर्व शिवरात्रि के दिन 30 जुलाई को होगा, जिसका समय नजदीक आने पर कांवड़ यात्रा में लगातार तेजी आ रही है। हरिद्वार से कांवड़ भरकर लाने वाले गढ़ क्षेत्र के शिवभक्त ट्रेन और बसों में सवार होकर रवानगी कर रहे हैं। शिवभक्तों को रवानगी देने को महिला और बच्चों समेत पड़ोसी भी बस अड्डों पर पहुंच रहे हैं, जो मंगल गीत और भोले के भजनों के बीच उन्हें सकुशल हरिद्वार पहुंचने और फिर कांवड़ भरकर वापिस लौटने की कामना भी कर रहे हैं। आबादी से लेकर सड़क और बस अड्डों पर हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों की गूंज बढ़ने से समूचे क्षेत्र का वातावरण शिवमयी रंग में परिवर्तित होता जा रहा है। पिछले बीस सालों से हरिद्वार और गौमुख से कांवड़ ला रहे गांव झड़ीना निवासी अतुल त्यागी का कहना है कि हरिद्वार से कांवड़ भरकर लाने वालों को क्षेत्र में वापसी करने पर औसतन दिन का समय लग जाता है, इसलिए शनिवार को गढ़ क्षेत्र से हरिद्वार के लिए आखिरी जत्थों की रवानगी हो जाएगी।
विज्ञापन
--दूसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए आज पहुंचेंगे शिवभक्त
गंगा पार के जनपद अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, पीलीभीत में सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान भोले का जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता प्रचलित है, जिसके चलते दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने वाले गंगा पार के शिवभक्तों की ब्रजघाट गंगानगरी में शुक्रवार(आज) की दोपहर से आमद चालू हो जाएगी। गंगा सभा अध्यक्ष अशोक नागर, गंगा विचार मंच के वेस्टर्न यूपी सह संयोजक अशोक शर्मा और श्री गंगा सेवा समिति अध्यक्ष विनय मिश्रा का कहना है कि गंगा पार के जनपदों में सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान भोले का जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता प्रचलित है, जिसके चलते दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने वाले हजारों शिवभक्त ब्रजघाट गंगा से कांवड़ भरकर ले जाएंगे।
विज्ञापन