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रसूलपुर के रसूलपुर के किसानों ने की गन्ना सेंटर बदलवाने की मांग
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रसूलपुर के किसानों ने की गन्ना सेंटर बदलवाने की मांग
हापुड़। रसूलपुर व फतेहपुर के किसानों ने गन्ना क्रय केंद्र बदलवाने की मांग को लेकर गन्ना समिति के सचिव को ज्ञापन सौंपा। इसमें सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन पर भ्रष्टाचार और भुगतान में विलंबता का आरोप लगाते हुए इस चीनी मिल को गन्ना सप्लाई करने से इंकार किया है। मांग पूरी नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।
सचिव को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने बताया कि गांवों में चीनी मिल के दो केंद्र लगे हैं, इन केंद्रों से जुड़े किसान सिंभावली चीनी मिल के गलत भुगतान प्रणाली से परेशान हैं। इतना ही नहीं इस मिल का प्रबंधन भ्रष्टाचार में लिप्त है, जिन्होंने किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये का ऋण भी निकाल लिया था। इस प्रकरण की सीबीआई जांच अभी तक चल रही है।
ऐसे में किसानों का पैसा भी इस मिल पर सुरक्षित नहीं है। गन्ना उठान, पर्ची में देरी, घटतौली के जरिये भी किसानों के साथ धोखाधड़ी की जाती है। दूसरे जिलों के चीनी मिलों ने सत्र 2021-22 का पूरा भुगतान कर दिया है। लेकिन सिंभावली चीनी मिल इस सत्र का पूरा भुगतान नहीं कर सकी है, 40 फीसदी के करीब देनदारी बाकी है। किसानों ने सचिव को ज्ञापन सौंपकर, गांव से सिंभावली चीनी मिल का केंद्र हटाकर नंगलामल/अगौता/साबितगढ़ का केंद्र लगवाने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले नली हुसैनपुर के ग्रामीण भी सिंभावली चीनी मिल को गन्ना सप्लाई देने से इंकार कर चुके हैं।
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ज्ञापन देने वालों में कर्मवीर सिंह, गौरव कुमार, अशोक कुमार, सौराज सिंह, जयकरण, हरी सिंह, सुभाष पाल, सुरेश पाल, जयपाल, सतराज आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। रसूलपुर व फतेहपुर के किसानों ने गन्ना क्रय केंद्र बदलवाने की मांग को लेकर गन्ना समिति के सचिव को ज्ञापन सौंपा। इसमें सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन पर भ्रष्टाचार और भुगतान में विलंबता का आरोप लगाते हुए इस चीनी मिल को गन्ना सप्लाई करने से इंकार किया है। मांग पूरी नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।
सचिव को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने बताया कि गांवों में चीनी मिल के दो केंद्र लगे हैं, इन केंद्रों से जुड़े किसान सिंभावली चीनी मिल के गलत भुगतान प्रणाली से परेशान हैं। इतना ही नहीं इस मिल का प्रबंधन भ्रष्टाचार में लिप्त है, जिन्होंने किसानों के नाम पर करोड़ों रुपये का ऋण भी निकाल लिया था। इस प्रकरण की सीबीआई जांच अभी तक चल रही है।
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ऐसे में किसानों का पैसा भी इस मिल पर सुरक्षित नहीं है। गन्ना उठान, पर्ची में देरी, घटतौली के जरिये भी किसानों के साथ धोखाधड़ी की जाती है। दूसरे जिलों के चीनी मिलों ने सत्र 2021-22 का पूरा भुगतान कर दिया है। लेकिन सिंभावली चीनी मिल इस सत्र का पूरा भुगतान नहीं कर सकी है, 40 फीसदी के करीब देनदारी बाकी है। किसानों ने सचिव को ज्ञापन सौंपकर, गांव से सिंभावली चीनी मिल का केंद्र हटाकर नंगलामल/अगौता/साबितगढ़ का केंद्र लगवाने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले नली हुसैनपुर के ग्रामीण भी सिंभावली चीनी मिल को गन्ना सप्लाई देने से इंकार कर चुके हैं।
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ज्ञापन देने वालों में कर्मवीर सिंह, गौरव कुमार, अशोक कुमार, सौराज सिंह, जयकरण, हरी सिंह, सुभाष पाल, सुरेश पाल, जयपाल, सतराज आदि मौजूद रहे।