{"_id":"676ed2c381d2b99ffd0fd088","slug":"godown-in-hapur-and-dhaulana-hapur-news-c-135-1-hpr1005-118521-2024-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: हापुड़ और धौलाना में बनेगा एक हजार मीट्रिक टन का गोदाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: हापुड़ और धौलाना में बनेगा एक हजार मीट्रिक टन का गोदाम
Fri, 27 Dec 2024 09:46 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 27 Dec 2024 09:46 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। शासन की महत्वाकांक्षी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत जिले में एक हजार मीट्रिक टन से अधिक क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे। इसके लिए डीएम प्रेरणा शर्मा ने एसडीएम हापुड़ और धौलाना को भूमि का चयन कर सर्वे पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र सरकार की अन्न भंडारण योजना का उद्देश्य है कि जिस जिले में अन्न की खरीद हो रही है, वहीं पर ही स्टॉक के लिए गोदाम बनाए जाएं। कोऑपरेटिव विभाग इन गोदामों का निर्माण कराकर एफसीआई को सौंपेगे। एक गोदाम पर दो से चार करोड़ रुपये तक की लागत आएगी। करीब एक हजार मीट्रिक टन के गोदाम के लिए 1500 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। डीएम ने भी दोनों एसडीएम को ऐसे मार्ग पर भूमि की तलाश के निर्देश दिए हैं, जहां आसानी से ट्रकों का आवागमन हो सके। देश में अन्न भंडारण की क्षमता को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसलिए ही इन गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा जितनी जमीन मिलेगी, उसके हिसाब से भी उतनी ही क्षमता के गोदामों का निर्माण होगा।
मामले में एआर कोऑपरेटिव प्रेमशंकर ने बताया कि जिलाधिकारी ने जल्द जमीन की तलाश पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि समय से गोदामों का निर्माण कराया जा सके।
विज्ञापन
राजस्व अभिलेखों में दर्ज होगी समितियों की भूमि--
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डवलपमेंट कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में एआर कोऑपरेटिव प्रेमशंकर ने बताया कि जनपद की सभी 36 पैक्स समिति, दो मत्स्य सहकारी समिति व 123 डेयरी सहकारी समितियों का विवरण राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस पोर्टल पर फीड किया जा चुका है। साथ ही सभी 49 न्याय पंचायत स्तर पर एक बी-पैक्स का गठन के सापेक्ष वर्तमान में 36 बी-पैक्स संचालित हैं। वहीं, डीएम ने समितियों की भूमि भू-राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए समितियों का विवरण एडीएम न्यायिक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उपदुग्धशाला विकास अधिकारी को निष्क्रिय डेयरी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की अन्न भंडारण योजना का उद्देश्य है कि जिस जिले में अन्न की खरीद हो रही है, वहीं पर ही स्टॉक के लिए गोदाम बनाए जाएं। कोऑपरेटिव विभाग इन गोदामों का निर्माण कराकर एफसीआई को सौंपेगे। एक गोदाम पर दो से चार करोड़ रुपये तक की लागत आएगी। करीब एक हजार मीट्रिक टन के गोदाम के लिए 1500 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। डीएम ने भी दोनों एसडीएम को ऐसे मार्ग पर भूमि की तलाश के निर्देश दिए हैं, जहां आसानी से ट्रकों का आवागमन हो सके। देश में अन्न भंडारण की क्षमता को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसलिए ही इन गोदामों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा जितनी जमीन मिलेगी, उसके हिसाब से भी उतनी ही क्षमता के गोदामों का निर्माण होगा।
विज्ञापन
मामले में एआर कोऑपरेटिव प्रेमशंकर ने बताया कि जिलाधिकारी ने जल्द जमीन की तलाश पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि समय से गोदामों का निर्माण कराया जा सके।
विज्ञापन
राजस्व अभिलेखों में दर्ज होगी समितियों की भूमि
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डवलपमेंट कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में एआर कोऑपरेटिव प्रेमशंकर ने बताया कि जनपद की सभी 36 पैक्स समिति, दो मत्स्य सहकारी समिति व 123 डेयरी सहकारी समितियों का विवरण राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस पोर्टल पर फीड किया जा चुका है। साथ ही सभी 49 न्याय पंचायत स्तर पर एक बी-पैक्स का गठन के सापेक्ष वर्तमान में 36 बी-पैक्स संचालित हैं। वहीं, डीएम ने समितियों की भूमि भू-राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए समितियों का विवरण एडीएम न्यायिक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उपदुग्धशाला विकास अधिकारी को निष्क्रिय डेयरी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।