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आम बजट: किसानों को कर्जदार बनाने का इंतजाम

Wed, 01 Feb 2017 10:19 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Wed, 01 Feb 2017 10:19 PM IST
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general budget.
बजट - फोटो : amar ujala

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में किसानों को कर्ज देने के तमाम उपाय किए हैं, लेकिन खाद, बिजली और ब्याज में कोई रियायत नहीं दी है। वहीं पांच साल में किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा पर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकांश किसान इस बजट से नाखुश हैं।

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बुधवार को पेश किए बजट में किसानों को खेती के कर्ज के लिए 10 लाख करोड़ रुपये, मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपये, फसल बीमा के लिए 9,000 करोड़ रुपये, डेयरी विकास के लिए 8,000 करोड़ रुपये के प्रावधान सहित ग्रामीण क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएं की हैं।
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नोटबंदी के बाद आर्थिक संकट में फंसे किसान बिजली, खाद, बीज, गन्ना भुगतान के संबंध में राहत मिलने की आस लगाए बैठे थे, लेकिन बजट पेश होते ही किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई। किसानों का कहना था कि वह तो पहले से ही कर्जदार बने बैठे हैं। बजट में और कर्जदार बनाने का इंतजाम किया गया है।
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श्यामपुर गांव  के किसान नरेंद्र सहवाग ने कहा कि आम बजट में किसानों का कर्ज तक माफ नहीं किया गया है। यह बजट पूरी तरह से किसानों को परेशानी में डालने वाला है। किसानों को कोई रियायत नहीं दी गई है।

वहीं धनौरा गांव के किसान शिवकुमार त्यागी ने कहा कि बजट में बिजली, खाद, बीज पर कोई रियायत नहीं दी गई है। किसानों को कर्ज देने के लिए 10 लाख करोड़ का इंतजाम किया है, इससे किसानों को राहत कम, परेशानी ज्यादा मिलेगी।

क्योंकि किसान पहले ही कर्जदार हैं। बजट से उम्मीद थी कि किसानों का कर्ज माफ होगा। लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। सीतादेई के किसान यशवीर सिंह ने कहा कि बजट में घोषणाओं से तो किसानों को कोई राहत नहीं मिल सकी है।

लेकिन यह दावा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है, गले नहीं उतर रहा। क्योंकि आज हालत यह है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य तो दूर लागत तक वापस नहीं मिल रही जबकि लागत लगातार बढ़ रही है। खाद पर कोई छूट नहीं दी गयी। फसल बीमा योजना का आज तक किसानों को लाभ नहीं मिला।


ददायरा गांव के किसान कालूराम मटरवाले ने कहा कि बजट में गांव के विकास, किसानों के कल्याण तथा फसलों के बीमा पर हजारों करोड़ रुपये का प्राविधान सरकार ने किया है। इसका किसानों को तभी लाभ होगा कि सरकार इसके आंकड़े भी जारी करे कि फसल बीमा योजना से कितने किसानों को लाभ हुआ।

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