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Hapur News: गढ़-अमरोहा लोकसभा के मतदाताओं ने किसी पार्टी को नहीं किया निराश
Wed, 20 Mar 2024 10:33 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 20 Mar 2024 10:33 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ अमरोहा लोकसभा सीट पर मतदाताओं ने किसी भी पार्टी और निर्दलीय को निराशा नहीं किया है। इस सीट पर मतदाताओं ने सभी को वोट देकर संसद तक भेजने काम किया है। इस बार जनता जनार्दन किस को अपने मतों से विजय बनाएगी यह अभी अतीत के गर्भ में छिपा है।
वर्ष 1952 से लेकर 1971 तक तीन बार कांग्रेस ने और इसके बाद दो बार सीपीआई ने जीत दर्ज की थी। 1977 और 1980 में जनता पार्टी, 1984 में कांग्रेस और 1989 में एक बार फिर जनता दल को जीत मिली। 1991 के बाद 1998 में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान सांसद चुने गए। विधानसभा सीटों में वर्चस्व रखने वाली समाजवादी पार्टी महज एक बार 1996 में चुनाव जीत सकी है। वहीं 1999 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर राशिद अल्वी ने चुनाव जीता था। 2004 में यह सीट निर्दलीय हरीश नागपाल और 2009 में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के खाते मे चली गई थी। वहीं 2014 में यहां पर भाजपा के कंवर सिंह तंवर को जीत मिली थी, जबकि 2019 में सपा-बसपा के गठबंधन पर यहां बसपा के दानिश ने जीत दर्ज की थी।
लोकसभा सीट पर जातिगत लोग
गढ़-अमरोहा लोकसभा सीट पर दलित, सैनी और जाट वोटर अधिक संख्या में हैं, मुस्लिम वोटरों की संख्या 20 फीसदी से ऊपर है। इसके अलावा जाट, सैनी और खड़गवंशी भी मुस्लिम-दलित गठजोड़ को बराबरी की टक्कर देते हैं।
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लोकसभा में है पांच विधान सभा
गढ़-अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें जिसमें गढ़मुक्तेश्वर, धनौरा, नौगावां सादत, अमरोहा, हसनपुर शामिल हैं।
2019 के चुनाव में मिली जीत पर एक नजर
गढ़- अमरोहा लोकसभा सीट पर वर्ष 2019 में सपा और बसपा का गठबंधन था। गठबंधन होने बसपा ने कुंवर दानिश अली के मैदान में उतारा था। चुनाव के दौरान दानिश अली को 6,01,082 वोटों के साथ जीत हासिल की। उन्होंने इस सीट से रहे बीजेपी के सासंद कंवर सिंह तंवर को हराया। 2014 के विजेता कंवर सिंह तंवर को 5,37,834 वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस के सचिन चौधरी को मात्र 12,510 वोट ही मिल पाए थे। (संवाद)
आस्था के साथ कलाकार और क्रिकेटरों से है पहचान
गढ़-अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में करीब 17 लाख मतदाता हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण और कौरव पांडवों की कर्मभूमि का इतिहास भी अपने आप में गवाही देता है। यहां पर भगवान श्रीकृष्ण के कदमों पर उगे कदंब के पेड़ और सैकड़ों बीघा जमीन पर बना वासुदेव तीर्थ और राजा सगर के सौ पुत्रों का मुक्ति धाम गढ़मुक्तेश्वर स्थित है। गढ़-अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में देश ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा गुरुकुल है, जहां की छात्राओं ने तीरंदाजी में पदक जीत कर लोकसभा क्षेत्र को एक पहचान देने का काम किया है। लोकसभा क्षेत्र से क्रिकेट खिलाड़ी स्व. चेतन चौहान और मोहम्मद शमी ने पहचान दिलाई है। इनके अलावा कलाकार कमाल अमरोही जान एलिया, सिंभावली के गांव पीरनगर निवासी फिल्म कलाकार विश्वजीत प्रधान, बाल कलाकार मायरा सिंह क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
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वर्ष 1952 से लेकर 1971 तक तीन बार कांग्रेस ने और इसके बाद दो बार सीपीआई ने जीत दर्ज की थी। 1977 और 1980 में जनता पार्टी, 1984 में कांग्रेस और 1989 में एक बार फिर जनता दल को जीत मिली। 1991 के बाद 1998 में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान सांसद चुने गए। विधानसभा सीटों में वर्चस्व रखने वाली समाजवादी पार्टी महज एक बार 1996 में चुनाव जीत सकी है। वहीं 1999 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर राशिद अल्वी ने चुनाव जीता था। 2004 में यह सीट निर्दलीय हरीश नागपाल और 2009 में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के खाते मे चली गई थी। वहीं 2014 में यहां पर भाजपा के कंवर सिंह तंवर को जीत मिली थी, जबकि 2019 में सपा-बसपा के गठबंधन पर यहां बसपा के दानिश ने जीत दर्ज की थी।
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लोकसभा सीट पर जातिगत लोग
गढ़-अमरोहा लोकसभा सीट पर दलित, सैनी और जाट वोटर अधिक संख्या में हैं, मुस्लिम वोटरों की संख्या 20 फीसदी से ऊपर है। इसके अलावा जाट, सैनी और खड़गवंशी भी मुस्लिम-दलित गठजोड़ को बराबरी की टक्कर देते हैं।
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लोकसभा में है पांच विधान सभा
गढ़-अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें जिसमें गढ़मुक्तेश्वर, धनौरा, नौगावां सादत, अमरोहा, हसनपुर शामिल हैं।
2019 के चुनाव में मिली जीत पर एक नजर
गढ़- अमरोहा लोकसभा सीट पर वर्ष 2019 में सपा और बसपा का गठबंधन था। गठबंधन होने बसपा ने कुंवर दानिश अली के मैदान में उतारा था। चुनाव के दौरान दानिश अली को 6,01,082 वोटों के साथ जीत हासिल की। उन्होंने इस सीट से रहे बीजेपी के सासंद कंवर सिंह तंवर को हराया। 2014 के विजेता कंवर सिंह तंवर को 5,37,834 वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस के सचिन चौधरी को मात्र 12,510 वोट ही मिल पाए थे। (संवाद)
आस्था के साथ कलाकार और क्रिकेटरों से है पहचान
गढ़-अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में करीब 17 लाख मतदाता हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण और कौरव पांडवों की कर्मभूमि का इतिहास भी अपने आप में गवाही देता है। यहां पर भगवान श्रीकृष्ण के कदमों पर उगे कदंब के पेड़ और सैकड़ों बीघा जमीन पर बना वासुदेव तीर्थ और राजा सगर के सौ पुत्रों का मुक्ति धाम गढ़मुक्तेश्वर स्थित है। गढ़-अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में देश ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा गुरुकुल है, जहां की छात्राओं ने तीरंदाजी में पदक जीत कर लोकसभा क्षेत्र को एक पहचान देने का काम किया है। लोकसभा क्षेत्र से क्रिकेट खिलाड़ी स्व. चेतन चौहान और मोहम्मद शमी ने पहचान दिलाई है। इनके अलावा कलाकार कमाल अमरोही जान एलिया, सिंभावली के गांव पीरनगर निवासी फिल्म कलाकार विश्वजीत प्रधान, बाल कलाकार मायरा सिंह क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।