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खाली कर दो गांव..गंगा उफनाई

Sun, 03 Jul 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़ Updated Sun, 03 Jul 2016 10:34 PM IST
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Ganvkkganga vacate Ufnai
गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

पहाड़ों पर बादल फटने व झमाझम बरसात से उफनाई गंगा रविवार को खतरे का निशान पार कर गई। इससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। वहीं, खादर में बसे लोग बाढ़ में घर-गृहस्थी बह जाने से डर से खौफजदा हैं। बाढ़ की आशंका से तहसील प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। बाढ़ संभावित गांवों में रहने वालों को खास चौकसी बरतने की हिदायत दी है। साथ ही गंगा से सटे गांवों के लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचने के लिए कहा गया है। उधर, बाढ़ संभावित कई गांवों में पानी भरने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई।

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ब्रजघाट में गंगा का पानी शुक्रवार की रात से बढ़ना शुरू हो गया था। शनिवार को भी जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहा। रविवार को दिन में उफनाई गंगा खतरे के निशान 198.33 मीटर को लांघकर 198.36 मीटर पर पहुंच गई।  रविवार की देर शाम को गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी चल रहा है। हजारों हेक्टेयर निचले जंगल में बड़े स्तर पर जलभराव और वहां लहलहा रहीं फसलों को पानी से घिरा देख खादर के गांवों में रहने वालों में दहशत फैल गई, जो अपने परिवार और पशुओं समेत भारी भरकम सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने में जुट गए।
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वहीं, तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसने तत्काल प्रभाव से एहतियाती कदम उठाए हैं। खादर में बसे गांवों में सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई। साथ ही एकदम किनारे वाले गांवों के लोगों से सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचने को कहा गया।
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वहीं, गड़ावली, लठीरा, मंढैया किशनसिंह, रामपुर न्यामतपुर, काकाठेर मंढैया, रामसिंह मंढैया, कुदैनी मंढैया, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर समेत दो दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को बाढ़ आने का खतरा सता रहा है।


तहसील प्रशासन ने गंगा नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए बाढ़ की संभावना के मद्देनजर आलमपुर, भगवंतपुर, अब्दुल्लापुर, नक्का कुआं, मीरा रेती और ब्रजघाट में राहत चौकियों की स्थापना की हुई है, जिनमें बाढ़ पीड़ितो के ठहराव से लेकर सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराए जाने का दावा भी किया जा रहा है। अगर गंगा नदी में बाढ़ आती है तो फिर प्रभावित गांवों के लोग अपने परिवार और मवेशियों के साथ इन राहत चौकियों में शरण ले सकते हैं। जिन्हें प्रशासनिक स्तर से हरसंभव सुविधाएं मुहैया कराई जानी हैं।


आज और बढ़ सकता है गंगा का पानी
गढ़मुक्तेश्वर। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के सूत्रों ने बताया कि मूसलधार बारिश और पहाड़ों में 6 स्थानों पर बादल फटने की घटना होने से टिहरी डैम में पानी की मात्रा तेजी से बढ़ रही है, जिसके चलते शनिवार के बाद रविवार की देर शाम को भी टिहरी डैम और बिजनौर बैराज से 1.31 लाख सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सोमवार की सुबह से लेकर दोपहर तक ब्रजघाट गंगा में पहुंच जाएगा। पानी आने से गंगा के जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होनी संभव है।

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