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Hapur News: गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, तटीय गांवों में मची हलचल
Wed, 13 Aug 2025 10:31 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 13 Aug 2025 10:31 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण बिजनौर बैराज से अतिरिक्त जल छोड़ने से गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। पिछले तीन दिन से राहत महसूस कर रहे ग्रामीणों में फिर से दहशत बढ़ने लगी है। उन्हें डर है कि यदि गंगा का पानी दोबारा बाढ़ के निशान के पार कर गया तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
बुधवार को क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 199.22 मीटर (समुद्र तल से) दर्ज किया गया। जो मंगलवार से छह सेंटीमीटर अधिक है। गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने से गंगा तटीय क्षेत्र में भूकटान का खतरा मंडरा रहा है। जबकि उमस बढ़ने और पानी में सड़न से संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बढ़ गया है। खेतों में जलभराव होने से पशुओं के चारे की किल्लत बढ़ रही।
पशुओं के चारे के लिए मशक्कत कर रहे ग्रामीण
गंगा नदी का जलस्तर भले ही घट-बढ़ रहा हो, लेकिन गंगानगर और आसपास के गांवों के लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा है। ग्रामीण जलभराव के बीच पशुओं के लिए चारा काटने को मजबूर है। हालांकि, प्रशासन की ओर से भूसा वितरण किया जा रहा है, लेकिन किसान अपने पशुओं को हरा चारा भी खिला रहे हैं।
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फसलों का सर्वे करेगी टीम
खादर क्षेत्र के गांवों में अधिकांश पॉलेज, धान, गन्ने की फसलों की पैदावार होती है, बाढ़ आने के बाद पॉलेज की फसल तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। एसडीएम श्रीराम ने बताया कि किसानों की परेशानी को देखते हुए फसलों का सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए टीम का गठन किया गया है।
ग्रामीणों ने प्रधान और लेखपाल पर लगाए आरोप
खादर क्षेत्र के गांव गडावली के ग्रामीण बुधवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे। जिन्होंने हंगामा करते हुए ग्राम प्रधान समेत लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ग्रस्त गांवों में खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है, लेकिन पात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि ग्राम प्रधान से सांठगांठ कर अपात्र लोगों के घर राशन पहुंचाया जा रहा है। कई परिवार ऐसे हैं, जिनका राशन दूषित पानी में भीग कर बर्बाद हो चुका है, लेकिन उन तक राशन नहीं पहुंच पा रहा।
कोट -
एसडीएम श्रीराम सिंह का कहना है कि जलस्तर जल्द ही कम होना शुरू हो जाएगा। गांवों में लगातार राशन, चारा वितरण कराया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविर के साथ ही सफाई व्यवस्था, फसलों में नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। वहीं, राशन वितरण में अनियमितता के आरोप की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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बुधवार को क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 199.22 मीटर (समुद्र तल से) दर्ज किया गया। जो मंगलवार से छह सेंटीमीटर अधिक है। गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होने से गंगा तटीय क्षेत्र में भूकटान का खतरा मंडरा रहा है। जबकि उमस बढ़ने और पानी में सड़न से संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बढ़ गया है। खेतों में जलभराव होने से पशुओं के चारे की किल्लत बढ़ रही।
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पशुओं के चारे के लिए मशक्कत कर रहे ग्रामीण
गंगा नदी का जलस्तर भले ही घट-बढ़ रहा हो, लेकिन गंगानगर और आसपास के गांवों के लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा है। ग्रामीण जलभराव के बीच पशुओं के लिए चारा काटने को मजबूर है। हालांकि, प्रशासन की ओर से भूसा वितरण किया जा रहा है, लेकिन किसान अपने पशुओं को हरा चारा भी खिला रहे हैं।
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फसलों का सर्वे करेगी टीम
खादर क्षेत्र के गांवों में अधिकांश पॉलेज, धान, गन्ने की फसलों की पैदावार होती है, बाढ़ आने के बाद पॉलेज की फसल तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। एसडीएम श्रीराम ने बताया कि किसानों की परेशानी को देखते हुए फसलों का सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए टीम का गठन किया गया है।
ग्रामीणों ने प्रधान और लेखपाल पर लगाए आरोप
खादर क्षेत्र के गांव गडावली के ग्रामीण बुधवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे। जिन्होंने हंगामा करते हुए ग्राम प्रधान समेत लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ग्रस्त गांवों में खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है, लेकिन पात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि ग्राम प्रधान से सांठगांठ कर अपात्र लोगों के घर राशन पहुंचाया जा रहा है। कई परिवार ऐसे हैं, जिनका राशन दूषित पानी में भीग कर बर्बाद हो चुका है, लेकिन उन तक राशन नहीं पहुंच पा रहा।
कोट -
एसडीएम श्रीराम सिंह का कहना है कि जलस्तर जल्द ही कम होना शुरू हो जाएगा। गांवों में लगातार राशन, चारा वितरण कराया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविर के साथ ही सफाई व्यवस्था, फसलों में नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। वहीं, राशन वितरण में अनियमितता के आरोप की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।