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Hapur News: बारिश और बैराज के डिस्चार्ज से उफनाई गंगा, फसल बचाने की चिंता में किसान
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जलस्तर बढऩे से खादर क्षेत्र में तेज हुआ गंग का बहाव। संवाद
गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब ब्रजघाट में गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर बढकर 198.05 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 198.33 मीटर से अब महज 28 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव ने प्रशासन के साथ-साथ गंगा किनारे खेती करने वाले किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार अतिरक्ति डिस्चार्ज के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार परिवर्तन हो रहा है। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा और बैराज से अधिक पानी छोड़ा गया तो आने वाले दिनों में जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी शुरू कर दी है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे अधिक चिंता गंगा के खादर क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को सता रही है। गंगा किनारे खड़ी हजारों बीघा फसल पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो धान, मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलें पानी में डूब सकती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कई किसानों ने खेतों से कृषि उपकरण और जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना भी शुरू कर दिया है। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों पर विशेष नजर रखने के साथ लोगों से गंगा किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। वहीं, किसान अब मौसम और गंगा के जलस्तर पर टिकी निगाहों के साथ इस उम्मीद में हैं कि बारिश और बैराज से पानी का दबाव कम हो, ताकि उनकी मेहनत से तैयार फसल सुरक्षित रह सके।
एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है, कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार अतिरक्ति डिस्चार्ज के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार परिवर्तन हो रहा है। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा और बैराज से अधिक पानी छोड़ा गया तो आने वाले दिनों में जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी शुरू कर दी है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे अधिक चिंता गंगा के खादर क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को सता रही है। गंगा किनारे खड़ी हजारों बीघा फसल पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो धान, मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलें पानी में डूब सकती हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कई किसानों ने खेतों से कृषि उपकरण और जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना भी शुरू कर दिया है। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों पर विशेष नजर रखने के साथ लोगों से गंगा किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। वहीं, किसान अब मौसम और गंगा के जलस्तर पर टिकी निगाहों के साथ इस उम्मीद में हैं कि बारिश और बैराज से पानी का दबाव कम हो, ताकि उनकी मेहनत से तैयार फसल सुरक्षित रह सके।
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एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है, कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।