फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Game of Meter Tamping.

मीटर टैंपरिंग के खेल में कारपोरेशन को लाखों का चूना

Mon, 29 May 2017 10:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Mon, 29 May 2017 10:37 PM IST
विज्ञापन
 Game of Meter Tamping.
बिजली का मीटर - फोटो : अमर उजाला

पावर कारपोरेशन के मीटर विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा सिलिंग रिपोर्ट पर टैंपर्ड के आगे नोट लिखकर मीटर को ओके दर्शाया गया है। हालांकि निगम कर्मियों में चर्चा है कि उपभोक्ता से सांठगांठ के बाद नोट शब्द लिखा गया है।

विज्ञापन


इस खेल के जरिए ऊर्जा निगम को लाखों रुपये की चपत लगाई जा रही है। एसई ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। मोहल्ला शिवपुरी निवासी आकाश ने इस मामले में साक्ष्य एकत्र कर पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को शिकायत भेजी है।
विज्ञापन


साक्ष्यों में 22 सितंबर 2016 में पन्नापुरी निवासी एक उपभोक्ता के मीटर की जांच कर एई मीटर ने उसे टैंपर्ड करार दिया था। शिकायती पत्र में कहा गया है कि टैंपर्ड मीटर का भय दिखा उपभोक्ता को परेशान किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद एई मीटर ने सांठगांठ कर टैंपर्ड के आगे नोट शब्द लिख दिया, इससे टैंपर्ड मीटर पल भर में ओके हो गया और निगम को लाखों रुपये का चूना लग गया। इस तरह के कई मामले अफसर दबाए बैठे हैं।

मीटर की जांच के दौरान यदि मीटर सही मिलता है तो उस पर ओके लिखा जाता है और यदि मीटर खराब है तो सिलिंग रिपोर्ट में टैंपर्ड लिखा जाता है। एई मीटर इन दिनों मीटर टैंपर्ड के खेल में निगम को लाखों रुपये का राजस्व चूना लगा रहे हैं। कई मीटर पर वह अवर अभियंता पर दबाव बनाकर जांच से पहले ही हस्ताक्षर करा लेते हैं,

इसके बाद मीटर को टैंपर्ड घोषित कर दिया जाता है। परेशान उपभोक्ता से हजारों रुपये का सुविधा शुल्क वसूलकर टैंपर्ड के आगे नोट शब्द लिख दिया जाता है। ऐसे में अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है।

अधीक्षण अभियंता ने पटना मुरादपुर स्थित मीटर लैब का निरीक्षण किया था। इसमें तीन मीटर में हजारों रीडिंग इंस्टाल मिली थीं। इस मामले की अभी जांच चल रही है। विभाग में चर्चा है कि टैंपर्ड के आगे नोट शब्द लिखने के खेल में ही इन मीटर को पास किया गया था।

एक साल पहले मीटर टैंपर्ड के मामले में उच्च स्तरीय जांच के बाद एई मीटर, अधिशासी अभियंता और एसई पर भी गाज गिर गई थी। सभी अधिकारियों का जिले से तबादला कर दिया गया था। फिर से इस तरह के मामले प्रकाश में आने से निगम में हड़कंप मचा हुआ है।


एसई बीएल मौर्य का कहना है कि मीटर सीलिंग पर टैंपर्ड या ओके शब्द का ही प्रयोग किया जा सकता है। नोट टैंपर्ड लिखना सही नहीं है, इस मामले में गहनता से जांच की जा रही है।

एई मीटर योगेंद्र कुमार का कहना है कि सिलिंग पर नोट टैंपर्ड लिखने का अर्थ भी ओके ही है। उन्होंने किसी खास उद्देश्य से यह शब्द नहीं लिखा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed