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Hapur News: फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण पूरा, 31 को होगा ट्रायल
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हापुड़। मालगाड़ियों के निर्बाध संचालन के लिए पश्चिम बंगाल से लुधियाना तक बन रहे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कार्य खुर्जा से खतौली तक पूरा कर लिया गया है। अब 31 मार्च को इसका पहला लोको ट्रायल होगा। इसके लिए अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। बुधवार को अधिकारियों की एक टीम दिल्ली से इसके निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। 31 मार्च अधिकारियों का पूरा अमला यहां होगा और उनकी निगरानी में ट्रायल होगा।
एलएंडटी कंपनी द्वारा खुर्जा से सहारनपुर के पिलखनी तक 225 किलोमीटर में कार्य कर रही है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के खुर्जा से मेेरठ के खतौली तक 133 किलोमीटर लंबी लाइन पर ट्रायल की तैयारियां पिछले काफी समय से चल रही थीं। हापुड़ में इस ट्रैक की लंबाई 21 किलोमीटर है। खुर्जा से खतौली तक रेलवे ट्रैक, विद्युत लाइन और सिग्नल कनेक्टिविटी का काम पूरा हो चुका है। फ्रांस के इंजीनियर्स का एक प्रतिनिधिमंडल इसके निरीक्षण के बाद हरी झंडी दे चुका है।
सबसे पहले होगा लोको ट्रायल
अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च को सबसे पहले लोको ट्रायल होगा। इस इंटीग्रेटिड टेस्टिंग में खाली इंजन को ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा। यह ट्रायल सफल होता है तो इसके एक घंटे बाद इंजन के साथ मालगाड़ी के खाली डिब्बों को ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा। इस ट्रायल में जो भी कमियां आती हैं उन्हें पूरा कर लोड मालगाड़ियों का ट्रायल शुरू हो जाएगा। कई दिनों तक यह प्रक्रिया चलेगी। अधिकारियों द्वारा हरी झंडी देने के बाद ही इस ट्रैक पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू होगा।
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तैयारियों में जुटी निर्माण कंपनी-
इस ट्रेक का हापुड़ में नवंबर में ही ट्रायल होना था। लेकिन बारिश और दूसरी बाधाओं को देखते हुए थोड़ा कार्य पिछड़ गया था। तिथि घोषित होने के बाद अधिकारी इसकी तैयारियों में जुटे हैं। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बुधवार को अपनी टीम के साथ यहां पहुंच रहे हैं। उनकी टीम ट्रैक, ओएचई वायर और सिग्नल कनेक्टिविटी को परखेगी। ट्रैक में कमियों का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों के साथ इस पूरे ट्रैक का दौरा करेंगे।
ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
ट्रायल से पहले किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए एलएडंटी कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उन गांवों के लोगों को सूचना दी जा रही है, जिन गांवों से होकर यह ट्रैक गुजर रहा है। ट्रायल के दौरान अनाधिकृत रूप से पटरियों को पार न करने और ट्रैक से दूर रहने के लिए ग्रामीणों को कहा जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं। - गुरुविंदर सिंह, प्रबंधक, एलएंडटी।
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एलएंडटी कंपनी द्वारा खुर्जा से सहारनपुर के पिलखनी तक 225 किलोमीटर में कार्य कर रही है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के खुर्जा से मेेरठ के खतौली तक 133 किलोमीटर लंबी लाइन पर ट्रायल की तैयारियां पिछले काफी समय से चल रही थीं। हापुड़ में इस ट्रैक की लंबाई 21 किलोमीटर है। खुर्जा से खतौली तक रेलवे ट्रैक, विद्युत लाइन और सिग्नल कनेक्टिविटी का काम पूरा हो चुका है। फ्रांस के इंजीनियर्स का एक प्रतिनिधिमंडल इसके निरीक्षण के बाद हरी झंडी दे चुका है।
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सबसे पहले होगा लोको ट्रायल
अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च को सबसे पहले लोको ट्रायल होगा। इस इंटीग्रेटिड टेस्टिंग में खाली इंजन को ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा। यह ट्रायल सफल होता है तो इसके एक घंटे बाद इंजन के साथ मालगाड़ी के खाली डिब्बों को ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा। इस ट्रायल में जो भी कमियां आती हैं उन्हें पूरा कर लोड मालगाड़ियों का ट्रायल शुरू हो जाएगा। कई दिनों तक यह प्रक्रिया चलेगी। अधिकारियों द्वारा हरी झंडी देने के बाद ही इस ट्रैक पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू होगा।
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तैयारियों में जुटी निर्माण कंपनी-
इस ट्रेक का हापुड़ में नवंबर में ही ट्रायल होना था। लेकिन बारिश और दूसरी बाधाओं को देखते हुए थोड़ा कार्य पिछड़ गया था। तिथि घोषित होने के बाद अधिकारी इसकी तैयारियों में जुटे हैं। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बुधवार को अपनी टीम के साथ यहां पहुंच रहे हैं। उनकी टीम ट्रैक, ओएचई वायर और सिग्नल कनेक्टिविटी को परखेगी। ट्रैक में कमियों का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों के साथ इस पूरे ट्रैक का दौरा करेंगे।
ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
ट्रायल से पहले किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए एलएडंटी कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उन गांवों के लोगों को सूचना दी जा रही है, जिन गांवों से होकर यह ट्रैक गुजर रहा है। ट्रायल के दौरान अनाधिकृत रूप से पटरियों को पार न करने और ट्रैक से दूर रहने के लिए ग्रामीणों को कहा जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं। - गुरुविंदर सिंह, प्रबंधक, एलएंडटी।