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Hapur News: गेमिंग एप में मुनाफे का झांसा देकर युवक से 25 लाख रुपये ठगे
Wed, 26 Nov 2025 10:12 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 26 Nov 2025 10:12 PM IST
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बाबूगढ़। गेमिंग एप के माध्यम से मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगाें ने युवक से करीब 25 लाख रुपये ठग लिए। बड़ी बात यह है कि युवक ने अपने पिता को जमीन बेचने पर मिले रुपये भी इस एप के माध्यम से गंवा दिए। पीड़ित ने साइबर ठगों के खिलाफ बाबूगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव चक्रसैनपुर निवासी अजय ने बताया कि 07 जुलाई 2025 को उसने सोशल मीडिया पर एक गेमिंग एप का प्रचार देखा था। इसमें दिखाया गया था कि कम पूंजी में निवेश करने के बाद अधिक रुपये प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बाद उसने उसी दिन गेमिंग एप में तीन हजार रुपये निवेश किए, लेकिन वह हार गया। उसने दोबारा फिर से तीन हजार रुपये का निवेश किया। इन रुपयों को भी वह हार गया। इसके बाद उसके खाते में 2292 रुपये बचे थे। उसके बाद भी उसने इस एप में दो हजार रुपये का और निवेश कर दिया, लेकिन इन्न्हें भी वह हार गया।
पीड़ित ने बताया कि हारे हुए रुपये वापस लेने के चक्कर में उसने जान पहचान के लोगों से रुपया भी उधार लेना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पीड़ित ने बताया कि हाल ही में एचपीडीए ने उसके पिता की गांव में जमीन अधिग्रहीत की थी। मुआवजे के रूप में मिले 22 लाख रुपये उसके पिता के खाते में जमा थे। इन रुपयों से उसके पिता को मकान बनवाना था, लेकिन उसने अपने पिता से इस धनराशि को अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया था। इनको भी उसने गेमिंग एप में लगा दिया था।
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इस दौरान उसने 12 लाख रुपये जीते भी थे। इस एप में दिन में यूपीआई से पेमेंट की लिमिट एक लाख थी। इस दौरान उसने गेमिंग एप में पैसा लगाना बंद नहीं किया। बार-बार रुपये जीतने के लालच में वह करीब 25 लाख रुपये गंवा चुका है। इसके बाद उसने सचेत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। सीओ वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में छानबीन शुरू कर दी गई है। जल्द ही साइबर ठगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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गांव चक्रसैनपुर निवासी अजय ने बताया कि 07 जुलाई 2025 को उसने सोशल मीडिया पर एक गेमिंग एप का प्रचार देखा था। इसमें दिखाया गया था कि कम पूंजी में निवेश करने के बाद अधिक रुपये प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बाद उसने उसी दिन गेमिंग एप में तीन हजार रुपये निवेश किए, लेकिन वह हार गया। उसने दोबारा फिर से तीन हजार रुपये का निवेश किया। इन रुपयों को भी वह हार गया। इसके बाद उसके खाते में 2292 रुपये बचे थे। उसके बाद भी उसने इस एप में दो हजार रुपये का और निवेश कर दिया, लेकिन इन्न्हें भी वह हार गया।
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पीड़ित ने बताया कि हारे हुए रुपये वापस लेने के चक्कर में उसने जान पहचान के लोगों से रुपया भी उधार लेना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पीड़ित ने बताया कि हाल ही में एचपीडीए ने उसके पिता की गांव में जमीन अधिग्रहीत की थी। मुआवजे के रूप में मिले 22 लाख रुपये उसके पिता के खाते में जमा थे। इन रुपयों से उसके पिता को मकान बनवाना था, लेकिन उसने अपने पिता से इस धनराशि को अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया था। इनको भी उसने गेमिंग एप में लगा दिया था।
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इस दौरान उसने 12 लाख रुपये जीते भी थे। इस एप में दिन में यूपीआई से पेमेंट की लिमिट एक लाख थी। इस दौरान उसने गेमिंग एप में पैसा लगाना बंद नहीं किया। बार-बार रुपये जीतने के लालच में वह करीब 25 लाख रुपये गंवा चुका है। इसके बाद उसने सचेत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। सीओ वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में छानबीन शुरू कर दी गई है। जल्द ही साइबर ठगों को गिरफ्तार किया जाएगा।