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Hapur News: तेंदुआ पकड़ने के लिए वन विभाग ने खंगाला जंगल
Fri, 26 Apr 2024 11:38 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 26 Apr 2024 11:38 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव चित्तौड़ा के जंगल में किसानों पर तेंदुए द्वारा हमला किए जाने के बाद भले ही पांच जनपदों से आए वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन दूसरे दिन भी तेंदुआ नहीं पकड़ा जा सका हैं। वहीं ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीण एकत्र होकर हाथ में लाठी डंडे लेकर जा रहे है।
गांव चित्तौड़ा निवासी पीयुष कुमार -चित्तौड़ा-सालारपुर के जंगल में स्थित अपने खेत पर गया था। वहां उसके पड़ोसी खेत स्वामी गांव सलारपुर निवासी योगेंद्र, दुष्यंत सिंह गेहूं की फसल का काट रहे थे। तभी पीछे से आए तेंदुए ने तीनों पर हमला कर दिया। इससे पहले की वह कुछ समझ पाते तेंदुए के हमले में तीनों घायल हो गए थे। वहीं जानवर को पकडऩे के प्रयास में दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए। घटना के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हापुड़ समेत पाच जनपदों की वन विभाग की टीम ने पड़ाव डालकर तेंदुए को पकडऩे के प्रयास शुरू कर दिए। लेकिन दूसरे दिन भी कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी है। जिसके चलते भयभीत किसान गेहूं की फसल काटने, चारा लेने समेत अन्य कामों के लिए झुंड बनाकर हाथों में लाठी डंडे लेकर जा रहे है। क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि विभाग की टीम निरंतर गश्त कर रही हैं। तीन पिंजरे लगे हुए है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।
मुख्य वन संरक्षक ने दिए निर्देश
शुक्रवार को भी पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ उप्र संजय श्रीवास्तव, एनके जानू, मुख्य वन संरक्षण मेरठ एवं मुरादाबाद रमेश कुमार, जिला प्रभागीय वनाधिकारी पीके श्रीवास्तव क्षेत्र में मौजूद रहे। इस दौरान संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कोई भी जंगली जानवर अचानक हमला नहीं करता, छेड़े जाने अथवा अपने ऊपर हमले की आशंका से बचाव के लिए आक्रमण करता है।
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गांव चित्तौड़ा निवासी पीयुष कुमार -चित्तौड़ा-सालारपुर के जंगल में स्थित अपने खेत पर गया था। वहां उसके पड़ोसी खेत स्वामी गांव सलारपुर निवासी योगेंद्र, दुष्यंत सिंह गेहूं की फसल का काट रहे थे। तभी पीछे से आए तेंदुए ने तीनों पर हमला कर दिया। इससे पहले की वह कुछ समझ पाते तेंदुए के हमले में तीनों घायल हो गए थे। वहीं जानवर को पकडऩे के प्रयास में दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए। घटना के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हापुड़ समेत पाच जनपदों की वन विभाग की टीम ने पड़ाव डालकर तेंदुए को पकडऩे के प्रयास शुरू कर दिए। लेकिन दूसरे दिन भी कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी है। जिसके चलते भयभीत किसान गेहूं की फसल काटने, चारा लेने समेत अन्य कामों के लिए झुंड बनाकर हाथों में लाठी डंडे लेकर जा रहे है। क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि विभाग की टीम निरंतर गश्त कर रही हैं। तीन पिंजरे लगे हुए है। जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।
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मुख्य वन संरक्षक ने दिए निर्देश
शुक्रवार को भी पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ उप्र संजय श्रीवास्तव, एनके जानू, मुख्य वन संरक्षण मेरठ एवं मुरादाबाद रमेश कुमार, जिला प्रभागीय वनाधिकारी पीके श्रीवास्तव क्षेत्र में मौजूद रहे। इस दौरान संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कोई भी जंगली जानवर अचानक हमला नहीं करता, छेड़े जाने अथवा अपने ऊपर हमले की आशंका से बचाव के लिए आक्रमण करता है।
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