{"_id":"6682d6e67f0bfcc3990c82dd","slug":"first-day-three-fir-lodged-hapur-news-c-135-1-hpr1001-112213-2024-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: नए कानून लागू, पहले दिन जिले में दर्ज हुए तीन मुकदमे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: नए कानून लागू, पहले दिन जिले में दर्ज हुए तीन मुकदमे
Mon, 01 Jul 2024 09:48 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 01 Jul 2024 09:48 PM IST
विज्ञापन
-कपूरपुर थाने में दर्ज हुआ पहला मुकदमा, एक बाबूगढ़ और एक पिलखुवा में हुआ दर्ज
-सभी थाने सजाए गए, अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को नए कानूनों की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। सभी थानों में रविवार रात से नया कानून लागू हो गया। इस मौके पर सभी थानों को सजाया गया और पुलिसकर्मियों को नए कानूनों की जानकारी दी गई। पहले दिन जिले के दो थानों में कुल तीन मुकदमे दर्ज हुए। पहला मुकदमा कपूरपुर थाने में मारपीट की धाराओं में दर्ज हुआ।
नगर कोतवाली में एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि कानूनों में बड़े परिवर्तन किए गए हैं जैसे महिला सुरक्षा को एक प्राथमिकता मानते हुए प्रथम अध्याय में जोड़ा गया है। जो अपराध हत्या का धारा 302 में लिखा जाता था, उसे पहले अध्याय में सेक्शन 103 बीएनएस में परिभाषित किया गया है। संगठित अपराध को इसमें परिभाषित किया गया है। यही नहीं फोरेंसिक साक्ष्य को भी परिभाषित किया गया है और जरूरी किया गया है।
बाबूगढ़ थाने में एएसपी राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि जिस घटना में सात साल से ऊपर की सजा का प्रावधान है, उसमें फोरेंसिक साक्ष्य को जरूरी किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति के परिजन को सूचना दिया जाना भी इसमें जरूरी किया गया है। सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में मृत्यु दंड का प्रावधान किया गया है। महिला के प्रति होने वाले अपराध को आगे के सेक्शन में परिभाषित किया गया है।
विज्ञापन
नए कानून के तहत दर्ज हुए मुकदमे
मुकदमा-एक : थाना कपूरपुर में पहला मुकदमा दर्ज हुआ। गांव सपनावत निवासी नीरज देवी ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि सोमवार सुबह आठ बजे सगे देवर प्रेम कुमार ने गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध पर उसे बेरहमी से पीटा। पुलिस से शिकायत करने पर मौत के घाट उतारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत धारा 115(2), 352 व 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। पहली सुनवाई से 30 दिन में आरोप का विवरण दिया जाएगा।
मुकदमा -दो : पिलखुवा में दो बजकर एक मिनट पर दर्ज किया गया। एक युवक ने थाने पहुंचकर बताया कि उसकी बहन 30 जून की देर रात करीब दो बजे बिना बताए कहीं चली गई। तलाश करने पर पता चला कि उसकी बहन को गांव खैरपुर खैराबाद निवासी अभिषेक बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस मामले में बीएनएस के तहत धारा 87 में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें 10 साल की सजा का प्रावधान है।
मुकदमा-तीन : बाबूगढ़ में शाम को 3:46 मिनट पर मुकदमा दर्ज किया गया। गांव सिमरौली के आकाश कुमार ने तहरीर देते हुए बताया कि 30 जून की रात करीब साढ़े आठ बजे खरीदारी के लिए जीजा के साथ कस्बा क्षेत्र में आंबेडकर मूर्ति के पास गया था। मनीष, गोलू व उनके अज्ञात साथी ने गाली गलौज कर बेरहमी से पीटा। इसके बाद पीड़ित व उसके जीजा को हत्या की धमकी देकर फरार हो गए। मामले में मुकदमा बीएमएस के तहत धारा 115(2) व 351(2) के तहत दर्ज किया गया। इसमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है।
रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अब भी चक्कर लगा रहे पीड़ित
शिकायत के बाद भी रिपोर्ट दर्ज न करने का पुलिस का पुराना ढर्रा सोमवार को भी जारी रहा। नए कानूनों का पाठ पढ़ाने एसपी अभिषेक वर्मा कोतवाली पहुंचे थे। जब वह नए कानूनों के बारे में जानकारी दे रहे थे, उस समय दो महिलाएं उनके संबोधन के खत्म होने का इंतजार कर रही थीं। गढ़ रोड फ्लाईओवर के पास स्थित एक मोहल्ले में रहने वाली विधवा महिला एसपी से बातचीत नहीं हुई तो सीओ वरुण मिश्रा को फोन दिखाने लगी। सीओ ने भी कार्रवाई का आश्वासन दे दिया। महिला तीन दिन से शिकायत लेकर थाने पर चक्कर काट रही है। मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। थाना देहात क्षेत्र निवासी युवती ने बताया कि युवक चार साल तक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा, लेकिन अब शादी नहीं कर रहा है। इसकी शिकायत पर भी कुछ नहीं हुआ। एसपी अभिषेक वर्मा का कहा है कि अधिकारियों को स्पष्ट आदेश हैं कि ऐसे मामलों में लापरवाही न बरती जाए।
-- -- --
अधिकारियों को दिए गए हैं स्पष्ट आदेश
नए कानून के तहत जो भी प्रावधान हैं, उनके संबंध में सभी थानों और पुलिसकर्मियों को स्पष्ट रूप से आदेशित कर दिया गया है। इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिए गए हैं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।-अभिषेक वर्मा, एसपी।
विज्ञापन
-सभी थाने सजाए गए, अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को नए कानूनों की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। सभी थानों में रविवार रात से नया कानून लागू हो गया। इस मौके पर सभी थानों को सजाया गया और पुलिसकर्मियों को नए कानूनों की जानकारी दी गई। पहले दिन जिले के दो थानों में कुल तीन मुकदमे दर्ज हुए। पहला मुकदमा कपूरपुर थाने में मारपीट की धाराओं में दर्ज हुआ।
नगर कोतवाली में एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि कानूनों में बड़े परिवर्तन किए गए हैं जैसे महिला सुरक्षा को एक प्राथमिकता मानते हुए प्रथम अध्याय में जोड़ा गया है। जो अपराध हत्या का धारा 302 में लिखा जाता था, उसे पहले अध्याय में सेक्शन 103 बीएनएस में परिभाषित किया गया है। संगठित अपराध को इसमें परिभाषित किया गया है। यही नहीं फोरेंसिक साक्ष्य को भी परिभाषित किया गया है और जरूरी किया गया है।
विज्ञापन
बाबूगढ़ थाने में एएसपी राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि जिस घटना में सात साल से ऊपर की सजा का प्रावधान है, उसमें फोरेंसिक साक्ष्य को जरूरी किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति के परिजन को सूचना दिया जाना भी इसमें जरूरी किया गया है। सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में मृत्यु दंड का प्रावधान किया गया है। महिला के प्रति होने वाले अपराध को आगे के सेक्शन में परिभाषित किया गया है।
विज्ञापन
नए कानून के तहत दर्ज हुए मुकदमे
मुकदमा-एक : थाना कपूरपुर में पहला मुकदमा दर्ज हुआ। गांव सपनावत निवासी नीरज देवी ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि सोमवार सुबह आठ बजे सगे देवर प्रेम कुमार ने गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध पर उसे बेरहमी से पीटा। पुलिस से शिकायत करने पर मौत के घाट उतारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत धारा 115(2), 352 व 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। पहली सुनवाई से 30 दिन में आरोप का विवरण दिया जाएगा।
मुकदमा -दो : पिलखुवा में दो बजकर एक मिनट पर दर्ज किया गया। एक युवक ने थाने पहुंचकर बताया कि उसकी बहन 30 जून की देर रात करीब दो बजे बिना बताए कहीं चली गई। तलाश करने पर पता चला कि उसकी बहन को गांव खैरपुर खैराबाद निवासी अभिषेक बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस मामले में बीएनएस के तहत धारा 87 में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें 10 साल की सजा का प्रावधान है।
मुकदमा-तीन : बाबूगढ़ में शाम को 3:46 मिनट पर मुकदमा दर्ज किया गया। गांव सिमरौली के आकाश कुमार ने तहरीर देते हुए बताया कि 30 जून की रात करीब साढ़े आठ बजे खरीदारी के लिए जीजा के साथ कस्बा क्षेत्र में आंबेडकर मूर्ति के पास गया था। मनीष, गोलू व उनके अज्ञात साथी ने गाली गलौज कर बेरहमी से पीटा। इसके बाद पीड़ित व उसके जीजा को हत्या की धमकी देकर फरार हो गए। मामले में मुकदमा बीएमएस के तहत धारा 115(2) व 351(2) के तहत दर्ज किया गया। इसमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है।
रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अब भी चक्कर लगा रहे पीड़ित
शिकायत के बाद भी रिपोर्ट दर्ज न करने का पुलिस का पुराना ढर्रा सोमवार को भी जारी रहा। नए कानूनों का पाठ पढ़ाने एसपी अभिषेक वर्मा कोतवाली पहुंचे थे। जब वह नए कानूनों के बारे में जानकारी दे रहे थे, उस समय दो महिलाएं उनके संबोधन के खत्म होने का इंतजार कर रही थीं। गढ़ रोड फ्लाईओवर के पास स्थित एक मोहल्ले में रहने वाली विधवा महिला एसपी से बातचीत नहीं हुई तो सीओ वरुण मिश्रा को फोन दिखाने लगी। सीओ ने भी कार्रवाई का आश्वासन दे दिया। महिला तीन दिन से शिकायत लेकर थाने पर चक्कर काट रही है। मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। थाना देहात क्षेत्र निवासी युवती ने बताया कि युवक चार साल तक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा, लेकिन अब शादी नहीं कर रहा है। इसकी शिकायत पर भी कुछ नहीं हुआ। एसपी अभिषेक वर्मा का कहा है कि अधिकारियों को स्पष्ट आदेश हैं कि ऐसे मामलों में लापरवाही न बरती जाए।
अधिकारियों को दिए गए हैं स्पष्ट आदेश
नए कानून के तहत जो भी प्रावधान हैं, उनके संबंध में सभी थानों और पुलिसकर्मियों को स्पष्ट रूप से आदेशित कर दिया गया है। इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिए गए हैं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।-अभिषेक वर्मा, एसपी।