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Hapur News: कार्रवाई के डर से 150 जीएसटी फर्मों ने दोबारा कराया पंजीकरण
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संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। केंद्रीय व राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) टीम द्वारा चलाए गए सर्वे अभियान की कार्रवाई के डर से 150 जीएसटी फर्मों दोबारा पंजीकरण कराया है। अभियान में भौतिक सत्यापन के दौरान फर्म पर दर्ज पते पर फर्म नहीं मिलने पर आठ फर्मों पर कार्रवाई की गई थी।
एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था। उस समय कारोबारियों ने जीएसटी नंबर लिए और अधिकारियों ने बिना भौतिक सत्यापन के जीएसटी में पंजीयन कर दिया। जिस कारण बोगस फर्मों की संख्या बढ़ और ये फर्मे सरकार को चूना लगा रही थी। सरकार ने ऐसी जीएसटी फर्मो पर अंकुश लगाने के लिए 16 मई से 15 जुलाई तक ऑल इंडिया ड्राइव अगेंस्ट फेक रजिस्ट्रेशन अभियान चलाकर फर्मों की जांच की।
विभाग द्वारा जीएसटी में पंजीकृत डीलर की जांच कर व्यवसायिक स्थल का भौतिक सत्यापन कर व्यापार के प्रकृति की भी जांच की गई। अभियान के दौरान विभाग की टीम को आठ ऐसी फर्में भी मिलीं, जो पंजीकृत स्थल पर नहीं थी और फर्जी बिल लगाकर आईटीसी क्लेम कर रही थी। विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्लेम वापस वसूल लिया।
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जीएसटी अभियान में फर्मों की जांच का शुरूआत में व्यापारियों ने विरोध भी जताया। लेकिन इसके बाद भी विभाग द्वारा अभियान जारी। कार्रवाई से बचने के लिए 150 जीएसटी फर्मों ने पंजीकरण में संशोधन कराया, जो पूर्व में दूसरे पते पर पंजीकृत थी लेकिन अब कहीं ओर चल रही थी।
राज्य कर विभाग के जिला प्रभारी/उपायुक्त लालचंद्र ने बताया कि जीएसटी पंजीकरण में दर्ज कराए पते पर ही फर्म का संचालन किया जा सकता है। अभियान के दौरान व्यापार स्थल बदलने वाली 150 जीएसटी फर्मों ने संशोधन कराया है।
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हापुड़। केंद्रीय व राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) टीम द्वारा चलाए गए सर्वे अभियान की कार्रवाई के डर से 150 जीएसटी फर्मों दोबारा पंजीकरण कराया है। अभियान में भौतिक सत्यापन के दौरान फर्म पर दर्ज पते पर फर्म नहीं मिलने पर आठ फर्मों पर कार्रवाई की गई थी।
एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ था। उस समय कारोबारियों ने जीएसटी नंबर लिए और अधिकारियों ने बिना भौतिक सत्यापन के जीएसटी में पंजीयन कर दिया। जिस कारण बोगस फर्मों की संख्या बढ़ और ये फर्मे सरकार को चूना लगा रही थी। सरकार ने ऐसी जीएसटी फर्मो पर अंकुश लगाने के लिए 16 मई से 15 जुलाई तक ऑल इंडिया ड्राइव अगेंस्ट फेक रजिस्ट्रेशन अभियान चलाकर फर्मों की जांच की।
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विभाग द्वारा जीएसटी में पंजीकृत डीलर की जांच कर व्यवसायिक स्थल का भौतिक सत्यापन कर व्यापार के प्रकृति की भी जांच की गई। अभियान के दौरान विभाग की टीम को आठ ऐसी फर्में भी मिलीं, जो पंजीकृत स्थल पर नहीं थी और फर्जी बिल लगाकर आईटीसी क्लेम कर रही थी। विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्लेम वापस वसूल लिया।
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जीएसटी अभियान में फर्मों की जांच का शुरूआत में व्यापारियों ने विरोध भी जताया। लेकिन इसके बाद भी विभाग द्वारा अभियान जारी। कार्रवाई से बचने के लिए 150 जीएसटी फर्मों ने पंजीकरण में संशोधन कराया, जो पूर्व में दूसरे पते पर पंजीकृत थी लेकिन अब कहीं ओर चल रही थी।
राज्य कर विभाग के जिला प्रभारी/उपायुक्त लालचंद्र ने बताया कि जीएसटी पंजीकरण में दर्ज कराए पते पर ही फर्म का संचालन किया जा सकता है। अभियान के दौरान व्यापार स्थल बदलने वाली 150 जीएसटी फर्मों ने संशोधन कराया है।