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Hapur News: किसानों की बात सुने बिना चले गए गन्ना समिति के चेयरमैन, हंगामे के बाद सुनीं समस्याएं

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 11:58 PM IST
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Sugarcane committee chairman left without listening to farmers; heard their grievances after an uproar
नवीन मंडी स्थित गन्ना समिति के कार्यालय पर आयोजित बैठक में  भाग लेते चेयरमेन। संवाद
हापुड़। नवीन मंडी में शनिवार को गन्ना समिति की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में क्रय केंद्रों से संबंधित प्रस्तावों को लेकर किसानों ने विरोध जताया। किसानों का आरोप था कि उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला और समिति के चेयरमैन भी उनकी बात सुने बिना चले गए। मामला बढ़ने पर किसानों ने विरोध कर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद चेयरमैन कुणाल चौधरी मौके पर पहुंचे और किसानों की बात सुनी व उन्हें समाधान का आश्वासन दिया।
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हंगामे की सूचना पर भाकियू टिकैत के एनसीआर अध्यक्ष (युवा) एकलव्य सिंह सहारा भी मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। किसान नेता चौधरी विनय बाना ने बताया कि सभा में क्रय केंद्रों से जुड़े प्रस्ताव रखे जा रहे थे। किसानों की ओर से कुछ प्रस्तावों और व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष जताया गया। आरोप है कि गन्ना समिति के चेयरमैन कुणाल चौधरी अपनी बात रखने के बाद सभा समाप्त कर चले गए। इससे किसान नाराज हो गए और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।
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विनय बाना ने कहा कि गन्ना समिति का कार्यालय किसानों का है और उनकी समस्याओं को सुने बिना व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि समस्याओं और प्रस्तावों को प्राथमिकता से सुना जाए। अन्यथा, किसान तालाबंदी जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। इस पर किसानों को समझाया गया और कुणाल चौधरी वापस मौके पर आए। चेयरमैन ने किसानों की सभी बातें। उन्होंने कहा कि वह किसानों के बीच से ही हैं और किसानों ने उन्हें चेयरमैन बनाया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों की समस्याओं का समाधान होगा।
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इस दौरान छत्रपाल सिंह गुड्डू, जन्म सिंह, शाहरुख प्रधान, राज कुमार बाना, पौदन प्रधान, शेखर चौधरी, मोहित चौधरी, लोकेश प्रधान, वकील खान और ठाकुर भावेंद्र सिसोदिया आदि मौजूद रहे।
14 दिन में गन्ना भुगतान कराने की मांग
सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड के परिसर में शनिवार को हुई समिति की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक की अध्यक्षता सभापति कुणाल चौधरी ने की। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए समय से गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। बैठक में समय से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों के क्षेत्र और क्रय केंद्रों को काटकर पेराई सत्र 2026-27 में 14 दिन के भीतर भुगतान करने वाली चीनी मिलों को आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही 500 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग की गई। सभापति ने सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल को निर्देश देते हुए पेराई सत्र 2025-26 के अवशेष गन्ना मूल्य का 15 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने को कहा।



बैठक में दोनों चीनी मिलों के आवंटित गन्ना क्षेत्रफल और क्रय केंद्रों में बदलाव कर अन्य चीनी मिलों को क्षेत्र आवंटित करने व 15 अक्तूबर तक पेराई सत्र 2026-27 शुरू करने की बात कही गई। रोग रहित प्रजातियों के बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। बैठक में भूमि विकास बैंक के चेयरमैन रायसिंह और चीनी मिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



बैठक या इसके बाहर कोई हंगामा नहीं हुआ है। सभी किसानों की बकाया गन्ना भुगतान की समस्या है। आगामी 15 अक्तूबर तक किसानों को 100 करोड़ का भुगतान होगा। दोनों चीनी मिलें बिक चुकी हैं, इसका समाधान भी जल्द होने वाला है। - कुणाल चौधरी, चेयरमैन, गन्ना समिति
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