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Hapur News: बीएसए कार्यालय पर डीएम का छापा, भ्रष्टाचार में तीन कर्मचारी बर्खास्त
Fri, 02 May 2025 10:51 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 02 May 2025 10:51 PM IST
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हापुड़। बीएसए कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के बाद शुक्रवार को डीएम अभिषेक पांडेय ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब दो घंटे तक कार्यालय के गेट बंद कराकर दस्तावेज खंगाले गए। जिसके बाद डीएम के आदेश पर तीन संविदा कर्मियों को बर्खास्त किया गया है। एक संविदा कर्मी तीन दिन पहले 70 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। वहीं, मुख्यालय में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी को कार्यमुक्त कर दिया गया, इनका जनपद से बाहर स्थानांतरण के लिए भी शासन को पत्र भेजा जाएगा।
दोपहर करीब तीन बजे डीएम अभिषेक पांडेय बीएसए कार्यालय पहुंचे। डीएम की गाड़ी के अंदर जाते ही बाहर से गेट बंद करा दिए गए। मीडियाकर्मियों को भी गेट पर ही रोक दिया गया। डीएम ने कार्यालय में कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित फाइलें देखने के साथ ही नोटिस भेजने, स्कूलों की मान्यता से संबंधित, शिक्षकों के अवकाश व मेडिकल के दस्तावेज मंगवाए। करीब दो घंटे तक डीएम ने कार्यालय में दस्तावेज देखने के साथ निरीक्षण भी किया। बाद में संविदा सहायक लेखाकार निखिल व कपिल और डीसी निर्माण विशाल की सेवा समाप्ति के साथ ही बर्खास्त कर दिया गया। अब बर्खास्त होने के बाद ये किसी भी विभाग में नौकरी नहीं कर सकेंगे। इसमें निखिल व कपिल को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी मानते हुए कर्मचारी आचरण नियमावली के अंतर्गत बर्खास्त किया गया।
जबकि, डीसी निर्माण विशाल की चयन प्रक्रिया नियमानुसार नहीं हुई थी। यहां तक कि इनकी लगातार शिकायतें भी मिल रही थीं। जिस पर उन्हें भी बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा मुख्यालय में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी योगेश गुप्ता की लापरवाही पर उन्हें कार्यमुक्त करने के साथ ही जनपद से बाहर भी स्थानांतरण करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
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कार्रवाई के बाद हरकत में आए डीएम--
एंटी करप्शन की टीम ने तीन दिन पहले कार्रवाई की थी। बीएसए कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक दीपेंद्र शर्मा, संविदा कर्मचारी निखिल शर्मा को एक स्कूल की मान्यता को लेकर 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते टीम ने दबोचा था। इसके बाद बड़ी संख्या में डीएम को शिकायतें भी मिलीं।
डीएम थे अंदर, बाहर शिक्षिका खोल रही थी भ्रष्टाचार की पोल -
जिस समय डीएम कार्यालय के अंदर जांच कर रहे थे। उस समय गेट बंदकर सभी को कार्यालय के बाहर रोक दिया गया। तभी एक शिक्षिका भी पहुंच गईं। उन्होंने कार्यालय के अंदर फैले भ्रष्टाचार की परत खोलनी शुरू कर दी। शिक्षिका ने बताया कि कुछ शिक्षकों ने मिलकर करीब 25-25 हजार रुपये दिए थे। यदि वह रुपये न देते तो उनका वेतन रोकने की धमकी दी गई थी। इसलिए मजबूरी में उन्हें पैसे देने पड़े।
ततारपुर, चैनापुरी और एलएन रोड का जाना हाल
सुबह करीब साढ़े 11 बजे डीएम अभिषेक पांडेय सबसे पहले गांव ततारपुर पहुंचे। जहां डीएम ने राशन वितरण, प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की स्थिति देखने के साथ ही उन्हें टॉफी का वितरण किया। दो बच्चे ऐसे भी मिले, जिनका स्कूल में दाखिला नहीं हुआ था। उनके दाखिले के लिए आदेश दिए गए। डीएम ने तालाब में गंदगी और जलभराव का निरीक्षण भी किया। इसके बाद उन्होंने मोहल्ला चैनापुरी की स्थिति और एलएन रोड पर जर्जर सड़क की स्थिति देखी।
कोट -
शिक्षक संघ के पदाधिकारी मुझसे मिले थे। इस दौरान कई शिकायतें हुई थीं। अब एक एसओपी टीम बनाई गई है, जो स्कूलों में निरीक्षण और अन्य कार्रवाई करेगी। इसके अलावा हर बृहस्पतिवार को एक घंटा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए तय किया गया है।
- अभिषेक पांडेय, डीएम
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दोपहर करीब तीन बजे डीएम अभिषेक पांडेय बीएसए कार्यालय पहुंचे। डीएम की गाड़ी के अंदर जाते ही बाहर से गेट बंद करा दिए गए। मीडियाकर्मियों को भी गेट पर ही रोक दिया गया। डीएम ने कार्यालय में कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित फाइलें देखने के साथ ही नोटिस भेजने, स्कूलों की मान्यता से संबंधित, शिक्षकों के अवकाश व मेडिकल के दस्तावेज मंगवाए। करीब दो घंटे तक डीएम ने कार्यालय में दस्तावेज देखने के साथ निरीक्षण भी किया। बाद में संविदा सहायक लेखाकार निखिल व कपिल और डीसी निर्माण विशाल की सेवा समाप्ति के साथ ही बर्खास्त कर दिया गया। अब बर्खास्त होने के बाद ये किसी भी विभाग में नौकरी नहीं कर सकेंगे। इसमें निखिल व कपिल को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी मानते हुए कर्मचारी आचरण नियमावली के अंतर्गत बर्खास्त किया गया।
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जबकि, डीसी निर्माण विशाल की चयन प्रक्रिया नियमानुसार नहीं हुई थी। यहां तक कि इनकी लगातार शिकायतें भी मिल रही थीं। जिस पर उन्हें भी बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा मुख्यालय में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी योगेश गुप्ता की लापरवाही पर उन्हें कार्यमुक्त करने के साथ ही जनपद से बाहर भी स्थानांतरण करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
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कार्रवाई के बाद हरकत में आए डीएम
एंटी करप्शन की टीम ने तीन दिन पहले कार्रवाई की थी। बीएसए कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक दीपेंद्र शर्मा, संविदा कर्मचारी निखिल शर्मा को एक स्कूल की मान्यता को लेकर 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते टीम ने दबोचा था। इसके बाद बड़ी संख्या में डीएम को शिकायतें भी मिलीं।
डीएम थे अंदर, बाहर शिक्षिका खोल रही थी भ्रष्टाचार की पोल -
जिस समय डीएम कार्यालय के अंदर जांच कर रहे थे। उस समय गेट बंदकर सभी को कार्यालय के बाहर रोक दिया गया। तभी एक शिक्षिका भी पहुंच गईं। उन्होंने कार्यालय के अंदर फैले भ्रष्टाचार की परत खोलनी शुरू कर दी। शिक्षिका ने बताया कि कुछ शिक्षकों ने मिलकर करीब 25-25 हजार रुपये दिए थे। यदि वह रुपये न देते तो उनका वेतन रोकने की धमकी दी गई थी। इसलिए मजबूरी में उन्हें पैसे देने पड़े।
ततारपुर, चैनापुरी और एलएन रोड का जाना हाल
सुबह करीब साढ़े 11 बजे डीएम अभिषेक पांडेय सबसे पहले गांव ततारपुर पहुंचे। जहां डीएम ने राशन वितरण, प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की स्थिति देखने के साथ ही उन्हें टॉफी का वितरण किया। दो बच्चे ऐसे भी मिले, जिनका स्कूल में दाखिला नहीं हुआ था। उनके दाखिले के लिए आदेश दिए गए। डीएम ने तालाब में गंदगी और जलभराव का निरीक्षण भी किया। इसके बाद उन्होंने मोहल्ला चैनापुरी की स्थिति और एलएन रोड पर जर्जर सड़क की स्थिति देखी।
कोट -
शिक्षक संघ के पदाधिकारी मुझसे मिले थे। इस दौरान कई शिकायतें हुई थीं। अब एक एसओपी टीम बनाई गई है, जो स्कूलों में निरीक्षण और अन्य कार्रवाई करेगी। इसके अलावा हर बृहस्पतिवार को एक घंटा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए तय किया गया है।
- अभिषेक पांडेय, डीएम