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Hapur News: जिले की 273 ग्राम पंचायतों का खसरा होगा डिजिटल
Thu, 14 Dec 2023 10:15 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 14 Dec 2023 10:15 PM IST
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हापुड़। जिले की समस्त 273 ग्राम पंचायतों में खसरा डिजिटल होगा। हर फसल की जानकारी मौके पर जाकर अपडेट करनी होगी। ई-खसरा पड़ताल पर किसी भी खेत की स्थिति देखी जा सकती है। 10 गांवों में सफल सर्वे होने के बाद अब पूरे जिले को इसमें शामिल किया गया है। राजस्व विभाग के साथ कृषि अधिकारी मुहिम को पूरा करेंगे।
अब तक फर्द में चढ़कर आने वाले खसरे में फसलों की स्थिति कई बार मौके पर कुछ और ही होती थी। ऐसे में शासन को वास्तविक रकबा और उसके अनुसार खरीद फरोख्त की तैयारियों में परेशानी का सामना करना पड़ता था। पिछले साल पायलट प्रोजेक्ट के तहत हापुड़ जिले के 10 गांवों को शामिल कर, खसरा पोर्टल पर अपडेट कराया गया। जिसमें खेत पर जाकर जियो लोकेशन के हिसाब से फसलों का रकबा अंकित किया गया। यह प्रोजेक्ट हापुड़ में सफल रहा।
हाल ही में डीएम ने कृषि विभाग, राजस्व के अधिकारियों के साथ बैठक कर, पूरे जिले में यह व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए। इसके लिए संबंधित विभागों को खसरा डिजिटल करने और वास्तविक फसलों को अपलोड करने के निर्देश दिए गए। कुल मिलाकर जिस तरह खतौनी से मोबाइल पर ही किसान अपडेट रहते हैं, उसी तरह अब खसरे से भी अपडेट रह सकेंगे। इसके लिए मोबाइल पर ई-खसरा पड़ताल लॉंच किया गया है, जिसका किसानों को लाभ होगा। साथ ही सत्यापन के लिए उन्हें तहसीलों में भटकना नहीं पड़ेगा।
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-शुरू में ये गांव हुए थे शामिल
हापुड़ ब्लॉक के कांवी, मोहम्मदपुर आजमपुर, हाजीपुर, धौलाना ब्लॉक के छज्जुपुर, मतनावली, धर्मपुर, गढ़मुक्तेश्वर ब्लॉक के अहसानपुर, बहादुर खेड़ा, आलापुर गांव शामिल थे, जिनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया गया।
डिजिटल खसरे का यह होगा लाभ-
* फसल के उत्पादन और रकबे से विभाग रहेंगे अपडेट।
* किसानों को फसल बिक्री के दौरान पंजीकरण के लिए सत्यापन की नहीं पड़ेगी आवश्यकता।
* फसल उत्पादन के अनुसार खरीद केंद्रों की बन सकेगी योजना।
* फसल क्षति के दौरान किसानों को मिल सकेगा मुआवजा।
पूरे जिले का होगा डिजिटल सर्वे-
खसरे में फसलों को अपडेट रखने के लिए पूरे जिले में सर्वे शुरू होगा। इसकी तैयारी हो चुकी हैं, दस गांवों में किया सर्वे सफल रहा था। ई खसरा पड़ताल पर किसान अपडेट रह सकेंगे।-- डॉ.वीबी द्विवेदी, उप कृषि निदेशक।
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अब तक फर्द में चढ़कर आने वाले खसरे में फसलों की स्थिति कई बार मौके पर कुछ और ही होती थी। ऐसे में शासन को वास्तविक रकबा और उसके अनुसार खरीद फरोख्त की तैयारियों में परेशानी का सामना करना पड़ता था। पिछले साल पायलट प्रोजेक्ट के तहत हापुड़ जिले के 10 गांवों को शामिल कर, खसरा पोर्टल पर अपडेट कराया गया। जिसमें खेत पर जाकर जियो लोकेशन के हिसाब से फसलों का रकबा अंकित किया गया। यह प्रोजेक्ट हापुड़ में सफल रहा।
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हाल ही में डीएम ने कृषि विभाग, राजस्व के अधिकारियों के साथ बैठक कर, पूरे जिले में यह व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए। इसके लिए संबंधित विभागों को खसरा डिजिटल करने और वास्तविक फसलों को अपलोड करने के निर्देश दिए गए। कुल मिलाकर जिस तरह खतौनी से मोबाइल पर ही किसान अपडेट रहते हैं, उसी तरह अब खसरे से भी अपडेट रह सकेंगे। इसके लिए मोबाइल पर ई-खसरा पड़ताल लॉंच किया गया है, जिसका किसानों को लाभ होगा। साथ ही सत्यापन के लिए उन्हें तहसीलों में भटकना नहीं पड़ेगा।
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-शुरू में ये गांव हुए थे शामिल
हापुड़ ब्लॉक के कांवी, मोहम्मदपुर आजमपुर, हाजीपुर, धौलाना ब्लॉक के छज्जुपुर, मतनावली, धर्मपुर, गढ़मुक्तेश्वर ब्लॉक के अहसानपुर, बहादुर खेड़ा, आलापुर गांव शामिल थे, जिनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया गया।
डिजिटल खसरे का यह होगा लाभ-
* फसल के उत्पादन और रकबे से विभाग रहेंगे अपडेट।
* किसानों को फसल बिक्री के दौरान पंजीकरण के लिए सत्यापन की नहीं पड़ेगी आवश्यकता।
* फसल उत्पादन के अनुसार खरीद केंद्रों की बन सकेगी योजना।
* फसल क्षति के दौरान किसानों को मिल सकेगा मुआवजा।
पूरे जिले का होगा डिजिटल सर्वे-
खसरे में फसलों को अपडेट रखने के लिए पूरे जिले में सर्वे शुरू होगा। इसकी तैयारी हो चुकी हैं, दस गांवों में किया सर्वे सफल रहा था। ई खसरा पड़ताल पर किसान अपडेट रह सकेंगे।