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कोहरे में लिपटा रहा शहर
अमर उजाला, हापुड़
Updated Mon, 18 Jan 2016 10:38 PM IST
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जिले में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट बदली। शहरी और देहात क्षेत्र में हर ओर कोहरा ही कोहरा रहा। लोगों को हाड़ कंपा देने वाली सर्दी से परेशान होना पड़ा।
वाहन सड़कों पर लाइट जलाकर रेंग रहे थे। सूर्य देव के दर्शन होने पर लोगों को सर्दी से निजात मिल सकी। सोमवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुबह के समय घना कोहरा पडने से लोगों को थोड़ी दूर का भी नहीं दिखाई दे रहा था। कोहरे के कारण वाहन चालक हैडलाइट जलाकर चल रहे थे।
हाड़ कंपा देने वाली सर्दी को देखकर हर कोई जल्द सूर्य देव के दर्शन होने की कामना कर रहा था। छोटे छोटे बच्चे कोहरे में स्कूल जाने के लिए मजबूर हो रहे थे।
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विभिन्न शहरों में नौकरी पर जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। भारी वाहन चालको ने कोहरे के कारण होटलों पर अपने वाहन रोक लिए और कोहरा समाप्त होने का इंतजार करने लगे।
लोगों की दुंआ सूर्य देव ने सुनी और सुबह करीब 11 बजे कोहरे को छटांकर सूर्यदेव ने दर्शन दिए। धूप निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
कोहरे के कारण जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया,वहीं यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। सूर्य देवता के ढलते ही फिर से शीत लहर चलने शुरू हो गई और ठंड बढने लगी।
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वाहन सड़कों पर लाइट जलाकर रेंग रहे थे। सूर्य देव के दर्शन होने पर लोगों को सर्दी से निजात मिल सकी। सोमवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस रहा।
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सुबह के समय घना कोहरा पडने से लोगों को थोड़ी दूर का भी नहीं दिखाई दे रहा था। कोहरे के कारण वाहन चालक हैडलाइट जलाकर चल रहे थे।
हाड़ कंपा देने वाली सर्दी को देखकर हर कोई जल्द सूर्य देव के दर्शन होने की कामना कर रहा था। छोटे छोटे बच्चे कोहरे में स्कूल जाने के लिए मजबूर हो रहे थे।
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विभिन्न शहरों में नौकरी पर जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। भारी वाहन चालको ने कोहरे के कारण होटलों पर अपने वाहन रोक लिए और कोहरा समाप्त होने का इंतजार करने लगे।
लोगों की दुंआ सूर्य देव ने सुनी और सुबह करीब 11 बजे कोहरे को छटांकर सूर्यदेव ने दर्शन दिए। धूप निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
कोहरे के कारण जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया,वहीं यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। सूर्य देवता के ढलते ही फिर से शीत लहर चलने शुरू हो गई और ठंड बढने लगी।