UP: सूदखोरों के दबाव में खत्म हो गया परिवार, कर्ज में डूबे दंपती ने बेटी संग खाया जहर; तीनों की मौत
संजय कुमार उर्फ टीटू गांव में ही एक नर्सरी में पौधे उगाने का कार्य करते थे। परिवार में पत्नी प्रेमवती, दो बेटे रिंकू व पिंटू और एक 16 वर्षीय बेटी थी। परिजनों ने बताया कि संजय ने निजी फाइनेंस कंपनी और गांव के ही कुछ लोगों से करीब सात लाख रुपये का कर्ज लिया था।
विस्तार
यूपी के हापुड़ स्थित कपूरपुर थाना क्षेत्र के गांव सपनावत में कर्ज में डूबे मजदूर संजय कुमार उर्फ टीटू (50) ने पत्नी प्रेमवती (45) व नाबालिग बेटी संग शनिवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। संजय की कुछ ही घंटों में मौत हो गई, जबकि पत्नी व बेटी ने उपचार के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया। परिवार में एक साथ तीन मौत से कोहराम मचा है।
संजय कुमार उर्फ टीटू गांव में ही एक नर्सरी में पौधे उगाने का कार्य करते थे। परिवार में पत्नी प्रेमवती, दो बेटे रिंकू व पिंटू और एक 16 वर्षीय बेटी थी। परिजनों ने बताया कि संजय ने निजी फाइनेंस कंपनी और गांव के ही कुछ लोगों से करीब सात लाख रुपये का कर्ज लिया था। सूदखोर और फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी हर दिन घर पहुंचकर परिवार को किस्त चुकाने के लिए परेशान कर रहे थे।
रक्षाबंधन के बाद पत्नी और बेटी के साथ संजय अलीगढ़ के इमरतपुर स्थित ससुराल गए थे। संजय के भाई रामकुमार व पवन ने बताया कि इस दौरान कुछ युवक बार-बार घर आकर किस्त चुकाने को कह रहे थे। युवक खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताते थे। संजय के घर पर न मिलने पर अभद्रता करते थे। शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे संजय, पत्नी और बेटी के साथ गांव पहुंचे थे। उस समय संजय के दोनों बेटे घर पर नहीं थे।
करीब 10 मिनट बाद तीनों ने उल्टी करनी शुरू कर दी। परिजनों ने पूछा तो संजय ने बताया कि उन्होंने रास्ते में जहरीला पदार्थ खा लिया है। जिसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से तीनों को गांव में ही एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां संजय को मृत घोषित कर दिया गया। प्रेमवती और नाबालिग बेटी को पहले गुलावठी और इसके बाद मेरठ के एक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान रविवार की रात दोनों की मौत हो गई।
पुलिस को बिना सूचना दिए कर दिया संजय का अंतिम संस्कार
संजय की मौत के बाद परिजनों ने रविवार को गांव में ही पुलिस को बिना सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया था। रविवार की रात बेटी की मौत होने पर किसी ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद एएसपी विनीत भटनागर गांव में पहुंचे और पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि संजय की पत्नी और बेटी का मेरठ में ही पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
पुराना कर्ज उतारने में बिक गई 20 बीघा जमीन
संजय के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कर्ज के चक्कर में परिवार की करीब 20 बीघा पुस्तैनी जमीन बिक चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि संजय के पिता एदल सिंह सिसोदिया और चाचा चंद्रपाल के हिस्से में 20-20 बीघा पैतृक जमीन आई थी। एदल सिंह इसी जमीन से परिवार का गुजर बसर करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति शुरू से ही अच्छी नहीं थी। ऐसे में बच्चों को पढ़ाने और उनकी शादी करने के लिए एदल सिंह ने भी इधर-उधर से कर्ज लिया। इसके बाद कर्ज उतारने में सारी जमीन बिक गई।