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गुस्साई भीड़ ने एसएसवी चौकी पर शव रख घंटेभर लगाया जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 09 Aug 2016 09:59 PM IST
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मलबे में दबकर महिला की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में नो एंट्री के बावजूद मोदीनगर रोड की ओर जा रहा ओवरलोड ट्रक अनियंत्रित होकर रामलीला मैदान के गेट से टकरा गया। मलबे में दबकर लज्जापुरी की एक महिला की मौत हो गई। हादसे से गुस्साए लोगों ने एसएसवी चौकी के सामने शव रखकर एक घंटे तक यातायात रोक दिया।
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किसी तरह पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया लेकिन एक घंटा बाद फिर आक्रोशित भीड़ सड़क पर उतर आई, जिससे यातायात व्यवस्था दोबारा ध्वस्त हो गई। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई।
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लज्जापुरी की गली नंबर-पांच निवासी विधवा किरण (47) पत्नी स्व. कालू मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती थी। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे वह पैदल दिल्ली रोड की ओर जा रही थी। जैसे ही वह रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार पर पहुंची।
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दिल्ली रोड की ओर से आ रहा बेकाबू ओवरलोड ट्रक ने गेट में टक्कर मार दी। इसी दौरान वहां से गुजर रही किरण की गेट के मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए लज्जापुरी के लोगों ने एसएसवी पुलिस चौकी के सामने शव रखकर जाम लगा दिया।
इसके चलते गढ़-दिल्ली मार्ग पर भारी जाम लग गया। सूचना पर एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। करीब एक घंटा बाद जाम खुला तो चालकों ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर ट्रक सहित आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया। इसी बीच सुबह करीब 10:30 बजे फिर गुस्साई भीड़ दिल्ली रोड पर उतर गई और जाम लगा दिया। फिर पुलिस मौके पर पहुंची तो गुस्साए परिजनों से उनकी जमकर नोकझोंक हो गई।
किसी तरह पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर एक घंटा बाद फिर जाम खुलवाया। आक्रोशित मोहल्ले के लोगों का कहना था कि कहने को तो शहर में सुबह आठ बजे से रात 08 बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री रहती है।
लेकिन पुलिस उगाही के चक्कर में भारी वाहनों को लज्जापुरी से होते हुए वाया मोदीनगर रोड से रोज निकालती है। जिससे आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है। रामलीला मैदान में वाहन खड़ा करने को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।
जाम लगने के बाद दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों ने वाया बुलंदशहर रोड होते हुए बाईपास की राह पकड़ी। जबकि दिल्ली से शहर की ओर आने वाले वाहनों को जाम में फंसकर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सीओ सिटी विशाल यादव का कहना है कि ओवरलोड वाहन का नो एंट्री में प्रवेश करना गंभीर मामला है। पीड़ित परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। रामलीला समिति की ओर से भी गेट तोड़ने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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20 साल पहले हुई थी पति की हत्या, फिर बेटों को पढ़ाया
-एक पुत्र भी कर रहा है मेहनत-मजदूरी, तो दूसरा कर रहा कंप्टीशन की तैयारी
-गरीब परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर आये थे लोग
-गौरव शर्मा-
हापुड़। 20 साल पहले पति की हत्या कर दिए जाने के बाद किरण ने खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया। मजदूरी कर अपने बच्चों को अच्छी तालीम दिलवाई। लेकिन उसकी जिंदगी में खुशियां देखना कबूल नहीं था। इस गरीब परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए मंगलवार सुबह सैकड़ों की भीड़ सड़क पर उतर गई।
किरण के पति कालू की हत्या के बाद उसके दोनों बेटे सतेंद्र और जितेंद्र काफी छोटे थे। जिनकी परवरिश की जिम्मेदारी किरण ने अपने कंधों पर ले ली थी। मेहनत मजदूरी कर दोनों को अच्छी तालीम दिलवा रही थी।
जितेंद्र भी इस काम में मां की मदद कर रहा था। सतेंद्र वर्तमान में कंप्टीशन और बीएड की तैयारी कर रहा है। मंगलवार सुबह जब किरन मजदूरी करने के लिए निकली तो उसे नहीं पता था कि अब वह लौटकर नहीं आ सकेगी। इस घटना के बाद से मोहल्ले में सन्नाटा है।