फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Many digital marketing companies are active.

जिले में अब भी सक्रिय हैं कई डिजिटल मार्केटिंग कंपनियां

Fri, 03 Feb 2017 08:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Fri, 03 Feb 2017 08:37 PM IST
विज्ञापन
Many digital marketing companies are active.
डिजिटल मार्केटिंग कंपनियां - फोटो : अमर उजाला

एसटीएफ ने भले ही एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी में छापेमारी कर 37 अरब रुपये केेे गोलमाल का भंडाफोड़ कर दिया हो, लेकिन जिले में अब भी आधा दर्जन डिजिटल मार्केटिंग कंपनियां बेधड़क निवेशकों से क्लिक करा रही हैं।

विज्ञापन


हालांकि अचानक इन कंपनियों से जुड़े निवेशकों के खातों में भी पैसा आना बंद हो गया है। इससे निवेशकों की बेचैनी बढ़ गई है। आश्चर्य की बात यह है कि इन कंपनियों का पूरे जिले में कोई कार्यालय नहीं है। वहीं सोशल ट्रेड पर अब भी क्लिक आने से लोग हैरान हैं।
विज्ञापन


बीते छह महीने से जिले में डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों ने युवा और खासकर ग्रामीणों को चंद दिनों में लखपति बनने का सपना दिखा दिया था। हजारों की संख्या में लोगों ने लाखों रुपये इन कंपनियों में निवेश कर दिया। रोजाना बैंक खाते में पैसा आने से निवेशक फूले नहीं समा रहे थे। खासकर सोशल ट्रेड से जिले के अधिकांश लोग जुड़े हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी दौरान बीते दो महीनों में करीब आधा दर्जन अन्य डिजिटल कंपनियों ने भी जिले में तेजी से जाल बिछाया है। लोगों को प्रति क्लिक दस रुपये तक देने का सपना दिखा, इन कंपनियों ने ग्रामीण क्षेत्र में सैकड़ों लोगों को अपने जाल में फांस लिया है।

एसटीएफ की इस कार्रवाई से अन्य कंपनियों से जुड़े लोग अब अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। शहर में बिजली निगम कार्यालय, बीएसए और पुलिस कार्यालय में कार्यरत अनेक लोग इस जाल में फंसे हैं, जो अब काफी बेचैन हैं।

सोशल ट्रेड पर एसटीएम की छापेमारी के बाद से इन कंपनियों से जुड़े लोगों के खाते में भी पैसा नहीं आ रहा है। वहीं सोशल ट्रेड से जुड़े हजारों लोगों का तो बुरा हाल है।

इन दिनों जिले में वेब फॉर यू, एडमिन, मायाज, गो नेक्सट सहित आधा दर्जन डिजिटल मार्केटिंग कंपनियां सक्रिय हैं।

डिजिटल मार्केटिंग कंपनी के जाल में फंसने से सरकारी कर्मचारी भी अछूते नहीं रहे हैं। अधिकांश सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारियों ने इन कंपनियों में पैसा लगाया हुआ है। शुक्रवार को मुख्य कार्यालयों में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई थी। शहर में बिजली निगम कार्यालय, बीएसए कार्यालय में कार्यरत अनेक लोग इस जाल में फंसे हैं।

डिजिटल मार्केटिंग कंपनियों के आकर्षक प्लान की चकाचौंध से पुलिस कर्मी भी अछूते नहीं रहे। जिले के विभिन्न थानों में तैनात अनेक पुलिस कर्मियों ने भी इस कंपनी से जुड़कर लाखों रुपये कमाने का सपना देख लिया। हालांकि इस घपले का भंडाफोड़ होने पर उक्त पुलिस कर्मी अब सफाई देने में लगे हैं कि उन्होंने कोई पैसा नहीं लगाया।


डिजिटल मार्केटिंग कंपनी के लुभावने प्लान में फंस चुके निवेशक अब इस असमंजस में डूबे हुए हैं कि वह अपना पैसा कैसे निकालें। कई निवेशक तो अधिवक्ताओं से भी सलाह ले रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed