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गन्ने के ओवरलोड ट्रकों को सीज करने के आदेश
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:36 AM IST
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गन्ने के ओवरलोड ट्रकों को सीज करने के आदेश
हापुड़। बाबूगढ़ थाने के सामने कुछ दिन पहले ओवर लोड पलटे गन्ने के ट्रक की चपेट में आए पिता-पुत्र के मामले में एडीएम ने गन्ने के ओवरलोड ट्रकों को सीज करने के निर्देश परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। बुधवार को गांव मतनौरा के ग्रामीणों द्वारा चीनी मिल द्वारा मृतक और घायल को इलाज के लिए मुआवजा न देने की शिकायत की थी।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव मतनौरा निवासी लटूर (45) व उसका पुत्र शैंकी (15) पैदल ही कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बाबूगढ़ थाने के सामने गन्ने का ओवरलोड ट्रक दोनों के ऊपर पलट गया, जिसमें शैंकी की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि लटूर गंभीर रूप से घायल हो गया और भी एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा था।
दुर्घटना के बाद मिल प्रबंधन ने मुआवजे की बात कही थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि मिल ने कोई मुआवजा नहीं दिया है। जबकि घायल के इलाज का बिल ढाई लाख रुपये के करीब हो चुका है। गांव मतनौरा के कुछ ग्रामीण बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम रजनीश राय से मामले की शिकायत की। इसके बाद एडीएम ने एआरटीओ को गन्ने के ओवर लोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सख्ती से हर हाल में ऐसे वाहनों का संचालन बंद कराने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि मिल प्रबंधन एक बार फिर पीड़ित की मदद किये जाने की बात कह रहा है लेकिन इस पर अमल कब होगा। यह स्पष्ट नहीं किया गया।
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हापुड़। बाबूगढ़ थाने के सामने कुछ दिन पहले ओवर लोड पलटे गन्ने के ट्रक की चपेट में आए पिता-पुत्र के मामले में एडीएम ने गन्ने के ओवरलोड ट्रकों को सीज करने के निर्देश परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। बुधवार को गांव मतनौरा के ग्रामीणों द्वारा चीनी मिल द्वारा मृतक और घायल को इलाज के लिए मुआवजा न देने की शिकायत की थी।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव मतनौरा निवासी लटूर (45) व उसका पुत्र शैंकी (15) पैदल ही कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बाबूगढ़ थाने के सामने गन्ने का ओवरलोड ट्रक दोनों के ऊपर पलट गया, जिसमें शैंकी की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि लटूर गंभीर रूप से घायल हो गया और भी एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा था।
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दुर्घटना के बाद मिल प्रबंधन ने मुआवजे की बात कही थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि मिल ने कोई मुआवजा नहीं दिया है। जबकि घायल के इलाज का बिल ढाई लाख रुपये के करीब हो चुका है। गांव मतनौरा के कुछ ग्रामीण बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम रजनीश राय से मामले की शिकायत की। इसके बाद एडीएम ने एआरटीओ को गन्ने के ओवर लोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सख्ती से हर हाल में ऐसे वाहनों का संचालन बंद कराने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि मिल प्रबंधन एक बार फिर पीड़ित की मदद किये जाने की बात कह रहा है लेकिन इस पर अमल कब होगा। यह स्पष्ट नहीं किया गया।
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