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छात्रा के साथ दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष का कारावास
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छात्रा के साथ दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष का कारावास
हापुड़। ट्यूशन पढ़ने गयी नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेनू राव ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास व 23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि नगर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने थाने में दी तहरीर में बताया था कि तीन मार्च वर्ष 2016 को उसकी नाबालिग पुत्री अपने भाई के साथ सर्वोदय कालोनी निवासी एक शिक्षक के घर ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी। शिक्षक के साथ उसका भतीजा आदर्श उर्फ पिंकू रहता था। आदर्श उसकी पुत्री को ट्यूशन के बाद बहला-फुसलाकर घर के एक कमरे में ले गया था। जहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने किसी को मामले के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना के बारे में बताया। मौके पर पहुंचे गुस्साए परिजनों ने लोगों की मदद से आरोपी को दबोचकर पुलिस को सौंप दिया था।
इस मामले की सुनवाई कर रही अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट) रेनू राव सुबूत और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर 23 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
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हापुड़। ट्यूशन पढ़ने गयी नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेनू राव ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास व 23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि नगर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने थाने में दी तहरीर में बताया था कि तीन मार्च वर्ष 2016 को उसकी नाबालिग पुत्री अपने भाई के साथ सर्वोदय कालोनी निवासी एक शिक्षक के घर ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी। शिक्षक के साथ उसका भतीजा आदर्श उर्फ पिंकू रहता था। आदर्श उसकी पुत्री को ट्यूशन के बाद बहला-फुसलाकर घर के एक कमरे में ले गया था। जहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने किसी को मामले के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना के बारे में बताया। मौके पर पहुंचे गुस्साए परिजनों ने लोगों की मदद से आरोपी को दबोचकर पुलिस को सौंप दिया था।
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इस मामले की सुनवाई कर रही अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट) रेनू राव सुबूत और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर 23 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
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