{"_id":"57237bb14f1c1b7014a91666","slug":"cracks-were-stunned-to-see-the-chairman","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरारें देख दंग रह गईं चेयरमैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरारें देख दंग रह गईं चेयरमैन
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 29 Apr 2016 08:50 PM IST
विज्ञापन
मकानों में पड़ी दरारों को देखकर नगर पालिका चेयरमैन दंग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के प्राचीन माता मोहल्ला में मकानों में पड़ी बड़ी-बड़ी दरारों को देखकर नगर पालिका चेयरमैन मालती भारती भी दंग रह गईं। भूकंपरोधी तकनीक से बना मकान तक फर्श भी चटक गया है। दो मकान हल्के तिरछे हो गए हैं और पिलर व लेंटर के बीच जगह बन गई है।
विज्ञापन
चेयरमैन ने मामले को गंभीरता से लेकर डीएम से बात करने की बात कही है। माता मोहल्ला के मकानों में पड़ी दरारें बढ़ती जा रही हैं। सलीम के मकान में काफी दरारें आ गई हैं और फर्श में लगा पत्थर भी बैठने लगा है।
विज्ञापन
जबकि यह मकान भूकंपरोधक तकनीक से बना है। प्रशासनिक अफसर लोगों की मजबूरी को समझ नहीं रहे हैं। नगर पालिका की टीम तीन दिन से रोजाना मोहल्ले में गश्त कर रही है, लेकिन दरार आने के कारणों पता नहीं पाया है।
विज्ञापन
आलम यह है कि तीन दिन पूर्व मोहल्ले में टीम ने एक गड्ढा खोदा था, तभी से आला अफसर उस गड्ढे का निरीक्षण कर रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ मोहल्लेवासियों से घरों में सपोर्ट लगवाई जा रही हैं।
नगर पालिका के ईओ ने मोहल्ले में लगे एक नल को उखाड़ने के निर्देश दिए थे, लेकिन कर्मियों ने उसे अभी तक नहीं उखाड़ा है। शुक्रवार को नगर पालिका अध्यक्षा मालती भारती ने निरीक्षण किया। वह भी मकानों में दरारों को देखकर हैरान रह गई।
दो मकान तो तिरछे हो गए हैं।पिलर और लेंटर के बीच भी जगह बन चुकी है। नगर पालिका अध्यक्ष मालती भारती ने कहा कि मकानों में आईं दरारें सामान्य नहीं हैं। इस संबंध में वह स्वयं डीएम से वार्ता करेंगी।
माता मोहल्ला की जमीन को कहीं चूहे तो खोखला करने में नहीं लगे हैं। शुक्रवार को लोगों के नाली से मिट्टी हटाने पर वहां से दर्जनों मोटे-मोटे चूहे निकलकर दौड़ने लगे। लोगों ने कई चूहों को मार दिया।
मोहल्ले में कई स्थानों पर जमीन खोखली होने की आशंका है। क्योंकि वहां बनी सड़क पर पैर मारने पर कंपन होता है। हालांकि पांच दिन बाद भी मकानों में दरार आने का सही कारण अभी पता नहीं चल सका है। घरों के गिरने के डर से लोग बाहर रात बिताने को मजबूर हैं।