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Hapur News: विवाहिता की हत्या में पति व देवर को आजीवन कारावास
Thu, 18 Apr 2024 10:47 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 18 Apr 2024 10:47 PM IST
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हापुड़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने विवाहिता की हत्या के मामले में आरोपी पति व देवर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि पीतम पुत्र किशन लाल निवासी गांव रेतो वाली मंढ़ैय्या गढ़मुक्तेश्वर ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उसने अपनी बहन वर्षा की शादी 13 मई 2021 को गांव चकलठीरा थाना गढ़मुक्तेश्वर निवासी ओमवीर पुत्र मुरारी के साथ की थी। शादी में उसने अपनी हैसियत के अनुसार काफी दान-दहेज दिया था। लेकिन वर्षा के सुसराल पक्ष के लोगों को दहेज कम लगता था। इसलिए शादी के बाद से ही सुसराल पक्ष के लोग और दहेज लाने की मांग कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर सुसराल पक्ष के लोग उसकी बहन के साथ आए दिन मारपीट भी करते थे। सात सितंबर 2022 फोन से सूचना मिली कि उनकी बहन को सुसराल पक्ष के लोगों ने मार दिया है। सूचना मिलने पर वह अन्य परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे तो वर्षा का शव पड़ा मिला।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद दहेज हत्या सहित विभिन्न धाराओं में पति ओमवीर सिंह व देवर देवेंद्र उर्फ पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद पुलिस ने मामले के आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। उनके द्वारा मजबूत पैरवी के साथ कई गवाह न्यायालय में पेश किए। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कई बड़े साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने बृहस्पतिवार को मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने पति ओमवीर सिंह व देवर देवेंद्र उर्फ पप्पू को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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निजी गवाह हुए पक्ष द्रोही, होगा मुकदमा दर्ज
मामले में वादी पक्ष के सभी निजी गवाह पीतम सिंह, लच्छो देवी, मीरा, गौरव कुमार पक्ष द्रोही हो गए थे। जिस पर न्यायालय ने कहा कि इन सभी ने कोर्ट में मिथ्या साक्ष्य दिए है। इसलिए इन सभी पर वाद दायर किया जाए। जिसके लिए इन सभी को नोटिस जारी किए गए।
चिकित्सक की रिपोर्ट को न्यायालय ने माना अहम
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि मामले में मृतका के परिजन व अन्य निजी गवाह पक्ष द्रोही हो गए थे। जिससे अभियोजन पक्ष न्यायालय में दहेज हत्या साबित नहीं कर पाया। लेकिन चिकित्सक की रिपोर्ट व गवाही में स्पष्ट कहा गया है कि मृतका की मृत्यु का कारण उसके मुंह दबाकर सांस रुकने के कारण होना प्रतीत होता है। न्यायालय ने शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक की रिपोर्ट व गवाही को अहम माना। जिसके आधार पर कोर्ट ने मामले में आरोपियों द्वारा विवाहिता की हत्या करना माना।
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ताराचंद वर्मा
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प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि पीतम पुत्र किशन लाल निवासी गांव रेतो वाली मंढ़ैय्या गढ़मुक्तेश्वर ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उसने अपनी बहन वर्षा की शादी 13 मई 2021 को गांव चकलठीरा थाना गढ़मुक्तेश्वर निवासी ओमवीर पुत्र मुरारी के साथ की थी। शादी में उसने अपनी हैसियत के अनुसार काफी दान-दहेज दिया था। लेकिन वर्षा के सुसराल पक्ष के लोगों को दहेज कम लगता था। इसलिए शादी के बाद से ही सुसराल पक्ष के लोग और दहेज लाने की मांग कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर सुसराल पक्ष के लोग उसकी बहन के साथ आए दिन मारपीट भी करते थे। सात सितंबर 2022 फोन से सूचना मिली कि उनकी बहन को सुसराल पक्ष के लोगों ने मार दिया है। सूचना मिलने पर वह अन्य परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे तो वर्षा का शव पड़ा मिला।
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पुलिस ने मामले की जांच के बाद दहेज हत्या सहित विभिन्न धाराओं में पति ओमवीर सिंह व देवर देवेंद्र उर्फ पप्पू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद पुलिस ने मामले के आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। उनके द्वारा मजबूत पैरवी के साथ कई गवाह न्यायालय में पेश किए। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कई बड़े साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने बृहस्पतिवार को मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने पति ओमवीर सिंह व देवर देवेंद्र उर्फ पप्पू को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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निजी गवाह हुए पक्ष द्रोही, होगा मुकदमा दर्ज
मामले में वादी पक्ष के सभी निजी गवाह पीतम सिंह, लच्छो देवी, मीरा, गौरव कुमार पक्ष द्रोही हो गए थे। जिस पर न्यायालय ने कहा कि इन सभी ने कोर्ट में मिथ्या साक्ष्य दिए है। इसलिए इन सभी पर वाद दायर किया जाए। जिसके लिए इन सभी को नोटिस जारी किए गए।
चिकित्सक की रिपोर्ट को न्यायालय ने माना अहम
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद शर्मा ने बताया कि मामले में मृतका के परिजन व अन्य निजी गवाह पक्ष द्रोही हो गए थे। जिससे अभियोजन पक्ष न्यायालय में दहेज हत्या साबित नहीं कर पाया। लेकिन चिकित्सक की रिपोर्ट व गवाही में स्पष्ट कहा गया है कि मृतका की मृत्यु का कारण उसके मुंह दबाकर सांस रुकने के कारण होना प्रतीत होता है। न्यायालय ने शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक की रिपोर्ट व गवाही को अहम माना। जिसके आधार पर कोर्ट ने मामले में आरोपियों द्वारा विवाहिता की हत्या करना माना।
ताराचंद वर्मा