{"_id":"58062d7e4f1c1b726b7038af","slug":"convent-schools-poor-students-not-enrolled","type":"story","status":"publish","title_hn":"कान्वेंट स्कूलों में नहीं हुआ गरीब छात्रों का दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कान्वेंट स्कूलों में नहीं हुआ गरीब छात्रों का दाखिला
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 18 Oct 2016 08:26 PM IST
विज्ञापन
विद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत कान्वेंट स्कूलों में पढ़ने का सपना देेख रहे जिले के 260 बच्चों का भविष्य सत्यापन रिपोर्ट के झोल में फंसकर रह गया है। आधा सत्र बीतने के बाद भी चयनित छात्रों के आवेदन पत्रों का सत्यापन नहीं हो सका है।
विज्ञापन
बता दें गरीब तबके के 260 मेधावी छात्रों को शासन ने कान्वेंट स्कूलों में शिक्षा दिलाने का निर्णय लिया था। शुरू में यह पहल तेजी से चली, लेकिन जैसे ही आवेदकों की फाइलों के सत्यापन का नंबर आया यह पहल ठंडे बस्ते में चली गई।
विज्ञापन
आलम यह है कि स्कूलों में आधा शैक्षणिक सत्र बीत चुका है, लेकिन प्रशासन स्तर पर हो रही लेटलतीफी से छात्रों का सपना चकनाचूर हो गया है। जानकारी के मुताबिक, योजना से संबंधित फाइल तीन माह पूर्व डीएम कार्यालय पहुंची थी।
विज्ञापन
दो महीने तक यह फाइल सीडीओ और डीएम कार्यालय के बीच घूमती रही। इसके बाद जब फाइल तैयार हुई तो आवेदकों के प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश जारी हो गए। एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है,
लेकिन अभी तक भी सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थानीय प्रशासन गरीब बच्चों की शिक्षा को लेकर कितना सजग है।
वहीं, एसए देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि हमारे स्तर से कार्य पूरा हो चुका है। सत्यापन के लिए कई बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है। सत्यापन होते ही चयनित बच्चों का दाखिला कान्वेंट स्कूलों में करा दिया जाएगा।