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Hapur News: बंद इकाइयों में रात्रि में मिलावटी पनीर बनाने की शिकायत
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हापुड़। जिले में मिलावटी पनीर के खिलाफ हुई कार्रवाई के बावजूद बंद कराई गई इकाइयों में रात के समय चोरी-छिपे पनीर बनाने की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि छह इकाइयों को बंद कराया गया था, लेकिन रात के समय दोबारा उत्पादन कराया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी से संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई है। जिससे कि इकाइयों का संचालन न हो सके।
पिछले 15 दिनों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले में पनीर बनाने वाली छह इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और लाइसेंस संबंधी नियमों की जांच की गई। कार्रवाई के बाद तीन इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। वहीं, तीन अन्य इकाइयां बिना पंजीकरण के संचालित होती मिलीं, इन्हें भी बंद कराया जा चुका है।
अब ग्रामीण बंद हो चुकी इकाइयों में रात्रि के समय संदिग्ध गतिविधियां देखने की शिकायतें कर रहे हैं। शिकायत विभाग के सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा से की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद मिलावटी पनीर तैयार कर बाजार में खपाया जा सकता है। बता दें कि इन क्षेत्रों में बन रहे मिलावटी पनीर की आपूर्ति दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर आदि क्षेत्रों में हो रही है। पिछले दिनों करीब 8400 किलोग्राम मिलावटी पनीर नष्ट भी कराया जा चुका है। ऐसे में यह चिंता का विषय बन गया है।
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इन क्षेत्रों में संचालन की शिकायत--
पिछले दिनों टोडरपुर, सिंभावली, राजपुर, हिम्मतपुर में कार्रवाई की थी। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में अभी भी पनीर बनाने की कई इकाइयां संचालित हैं। इनके विरुद्ध ही कार्रवाई की अब तैयारी भी है।
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कोट
बंद इकाइयों में पनीर का निर्माण नहीं हो सकता है। इसलिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है। जिससे कि बंद इकाइयों का संचालन न हो।
- चंद्रशेखर मिश्रा, सहायक आयुक्त द्वितीय
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पिछले 15 दिनों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले में पनीर बनाने वाली छह इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और लाइसेंस संबंधी नियमों की जांच की गई। कार्रवाई के बाद तीन इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। वहीं, तीन अन्य इकाइयां बिना पंजीकरण के संचालित होती मिलीं, इन्हें भी बंद कराया जा चुका है।
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अब ग्रामीण बंद हो चुकी इकाइयों में रात्रि के समय संदिग्ध गतिविधियां देखने की शिकायतें कर रहे हैं। शिकायत विभाग के सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा से की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद मिलावटी पनीर तैयार कर बाजार में खपाया जा सकता है। बता दें कि इन क्षेत्रों में बन रहे मिलावटी पनीर की आपूर्ति दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर आदि क्षेत्रों में हो रही है। पिछले दिनों करीब 8400 किलोग्राम मिलावटी पनीर नष्ट भी कराया जा चुका है। ऐसे में यह चिंता का विषय बन गया है।
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इन क्षेत्रों में संचालन की शिकायत
पिछले दिनों टोडरपुर, सिंभावली, राजपुर, हिम्मतपुर में कार्रवाई की थी। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में अभी भी पनीर बनाने की कई इकाइयां संचालित हैं। इनके विरुद्ध ही कार्रवाई की अब तैयारी भी है।
कोट
बंद इकाइयों में पनीर का निर्माण नहीं हो सकता है। इसलिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है। जिससे कि बंद इकाइयों का संचालन न हो।
- चंद्रशेखर मिश्रा, सहायक आयुक्त द्वितीय