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कंपनियों से कमीशन ले कीटनाशक बिकवा रहे अधिकारी!
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Tue, 07 Mar 2017 09:55 PM IST
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कीटनाशक बिकवा रहे
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कृषि अधिकारी द्वारा कमीशनखोरी के चक्कर में जिलेभर की कीटनाशक दुकानों पर बेहद महंगी और खराब गुणवत्ता की दवाओं का स्टॉक रखवा दिया है। दुकानदारों पर दबाव बनाकर वह दो स्टॉक बिकवा भी चुके हैं।
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लगातार घाटे में जा रहे दुकानदारों ने तीसरी बार दवाओं को बेचने का विरोध किया तो उन्हें लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी गई। इससे आजिज विक्रेताओं ने मंगलवार को लामबंद होकर हापुड़ नवीन मंडी के पास प्रदर्शन कर, डीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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वहीं, डीओ मामले की जानकारी से इंकार किया है। किसानों को जागरूक करने और फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि विभाग में तैनात जिला कृषि अधिकारी अपने अधिकार का गलत लाभ उठा रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने एक कीटनाशक कंपनी से करार कर दवा बिकवाने का ठेका लिया हुआ है।
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यही कारण है कि जिलेभर में स्थापित कीटनाशक केंद्रों पर वह बीते एक महीने से इस कंपनी की दवा को जबरन बिक्री के लिए रखवा रहे हैं। एक लीटर (प्रति बोतल) की उक्त दवा की कीमत 1100 रुपये रखी गई है।
जिला कृषि अधिकारी के दबाव में आकर दो बार तो दुकानदारों ने घाटा खाकर दवा को बेच दिया। दुकानदारों की मानें तो उन्होंने उक्त दवा को 700 रुपये में बेचा है, ऐसे में प्रति बोतल उन्हें 400 रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है।
तीसरी बार फिर से जिला कृषि अधिकारी ने दवा का स्टॉक दुकानों पर पहुंचवा दिया है। इस बार दुकानदारों ने दवा को बेचने से साफ मना कर दिया। गुस्साए डीओ ने दुकानदारों को लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी है।
हालांकि पिछले एक माह से हो रहे उत्पीड़न से दवा विक्रेता अब लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को उन्होंने गढ़ रोड स्थित नवीन मंडी के बाहर प्रदर्शन कर, डीओ पर कार्रवाई की मांग की।
वहीं, डीओ शिवकुमार का कहना है कि उन पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। इस तरह का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। उधर, एसडीएम मीनू राणा ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। हालांकि, यह बेहद गंभीर आरोप है।
दुकानदार यदि शिकायत करते हैं तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।प्रदर्शन करने वालों में चौधरी महिपाल सिंह, अनिल त्यागी, गुरदेव सिंह, सुजीत सिरोही, योगेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, संजू सिंह आदि रहे।
जिले में कीटनाशक की देखरेख के लिए जिला कृषि रक्षा अधिकारी का पद है। मौजूदा समय में सतीश मलिक इस पद का कार्यभार संभाल रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी ने उक्त अधिकारी को दरकिनार कर कीटनाशकों की दुकानों पर अपना अधिकार जमा लिया है। यही कारण है कि वह जबरन कीटनाशक बिकवा रहे हैं।
कीटनाशक विक्रेता महिपाल चौधरी की मानें तो जो दवा डीओ ने बिक्री के लिए रखवाए हैं, विदेशों में यह रिजेक्ट हो चुकी है। गाड़ी को साफ करने के लिए इस केमिकल का प्रयोग किया जाता है। फसलों के लिए यह कीटनाशक खतरनाक है, डीओ किसानों को छलने का कार्य कर रहे हैं।
डीओ ने गढ़ रोड पर नवीन मंडी के पास शुभम कीटनाशक, गणेश ट्रेडर्स, किसान रक्षा केंद्र, चौधरी बीज भंडार, सार्थक बीज भंडार समेत एक दर्जन दुकानों पर इस दवा का स्टॉक रखवाया है। अनेक विक्रेता लाइसेंस निरस्त होने के डर से दवा को बेच रहे हैं।
भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री का कहना है कि किसानों से धोखा करने वाले अधिकारी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही वह अधिकारी का घेराव करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों से भी ऐसे अधिकारी पर कार्रवाई की मांग करेंगे।