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दो विभागों में घमासान.. निकल रही पौधों की ‘जान’
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 27 Apr 2016 09:21 PM IST
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पौधरोपण
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के सरकारी विभाग ही पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर नहीं है। हजारों पौधे दो विभागों की अनदेखी के कारण सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं।
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हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) ने प्रीत विहार और रेलवे लाइन के बीच खाली पड़ी रेलवे की जमीन पर दो साल पूर्व पौधरोपण कराया था। एचपीडीए के अधिकारियों का कहना है कि पौधो को रेलवे को हैंडओवर किया जा चुका है,
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जबकि रेलवे अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं। ऐसे में पौधे सूखते जा रह हैं। प्रीत विहार कालोनी और दिल्ली को जाने वाली रेलवे लाइन के बीच खाली पड़ी भूमि पर करीब दो साल पूर्व एचपीडीए ने विभिन्न प्रजाति के हजारों पौधे लगवाए थे।
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इनके रखरखाव की जिम्मेदारी प्राधिकरण ने रेलवे के अधिकारियों को दी थी, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी से पटरी के किनारे लगे पौधे सूख गए हैं। जबकि कुछ पौधे आग लगने की वजह से जल भी गए हैं।
अमर उजाला की टीम ने बुधवार को इस मामले पर प्राधिकरण और रेलवे के अधिकारियों से वार्ता की। दोनों विभागों के अधिकारियों की राय अलग-अलग मिली।
प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि प्राधिकरण ने पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल के लिए उन्हें रेलवे अधिकारियों को हैंडओवर किया था। इन पौधों के सूखने और जलने की वजह रेलवे अधिकारी ही बता सकते हैं।
रेलवे के एक्सईएन हरस्वरूप ने बताया कि प्राधिकरण ने पौधरोपण के लिए रेलवे की स्वीकृति मांगी थी, जो प्राधिकरण को दी गई और उसी के बाद वहां पौधे रोपे गए थे। प्राधिकरण ने वहां देखभाल की जिम्मेदारी रेलवे को नहीं दी। इस तरह दोनों विभागों ने अपने-अपने स्तर से पल्ला झाड़ लिया है। जिससे हजारों पौधे पांच से छह फीट के होने के बाद भी सूखते जा रहे हैं।