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Hapur News: जिस पद से जेल भेजा गया था, उसी पद पर कार्य कर रहा लिपिक
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संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। नगर पालिका में रिश्वत लेने के मामले में जेल जा चुके लिपिक को जमानत मिलने के बाद पालिका में वापस उसी पद पर तैनात कर दिया गया है। नगरवासी ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायकर्ता सुनील कुमार ने बताया कि साल 2019 में एंटी करप्शन टीम ने पालिका में छापा मारा था। इस दौरान पालिका में लेखा विभाग में तैनात में तैनात एक लिपिक को टीम ने 3 लाख 31 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा था। जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी से बरामद हुई नकदी के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि छह माह बाद लिपिक को जमानत मिली, जो पालिका में कार्य के लिए लौटा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी पद पर रहते हुए लिपिक को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन लिपिक को 20 फरवरी 2021 में वापस उसी पद पर का जिम्मा सौंप दिया। इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि वर्तमान में लिपिक सहायक लेखाकार का फर्जी तरीके से वेतन ले रहा है। जबकि इस निकाय में सहायक लेखाकार का कोई पद सृजित नहीं है। विधि विरुद्ध वेतन प्राप्त कर निकाय को आर्थिक हानि पहुंच रही है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और नगर विकास सचिव को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम अंकित कुमार वर्मा का कहना है कि संबंधित मामले में ईओ पालिका से वार्ता कर जांच कराई जाएगी। आरोपी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। नगर पालिका में रिश्वत लेने के मामले में जेल जा चुके लिपिक को जमानत मिलने के बाद पालिका में वापस उसी पद पर तैनात कर दिया गया है। नगरवासी ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायकर्ता सुनील कुमार ने बताया कि साल 2019 में एंटी करप्शन टीम ने पालिका में छापा मारा था। इस दौरान पालिका में लेखा विभाग में तैनात में तैनात एक लिपिक को टीम ने 3 लाख 31 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा था। जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी से बरामद हुई नकदी के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि छह माह बाद लिपिक को जमानत मिली, जो पालिका में कार्य के लिए लौटा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी पद पर रहते हुए लिपिक को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन लिपिक को 20 फरवरी 2021 में वापस उसी पद पर का जिम्मा सौंप दिया। इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि वर्तमान में लिपिक सहायक लेखाकार का फर्जी तरीके से वेतन ले रहा है। जबकि इस निकाय में सहायक लेखाकार का कोई पद सृजित नहीं है। विधि विरुद्ध वेतन प्राप्त कर निकाय को आर्थिक हानि पहुंच रही है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और नगर विकास सचिव को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
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एसडीएम अंकित कुमार वर्मा का कहना है कि संबंधित मामले में ईओ पालिका से वार्ता कर जांच कराई जाएगी। आरोपी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।