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खुले में शौच से रोकेगी बाल सेना
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 23 Sep 2016 07:25 PM IST
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प्रतीकात्मक चित्र
- फोटो : demo pic
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अभी तक आपने टीवी पर विज्ञापनों के माध्यम से बच्चों को खुले में शौच के प्रति जागरूक करते देखा होगा। जल्द ही बच्चे गांवों में बड़ों को खुले में शौच से रोकने की नसीहत देते नजर आएंगे। प्रशासन गांवों में बाकायदा बच्चों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर और देहात को शौच मुक्त करने के लिए शौचालयों का निर्माण जारी है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों प्रयासरत हैं। शौचालयों के निर्माण के साथ साथ लोगों द्वारा शौचालय प्रयोग कराने को लेकर जागरूकता एक बड़ी चुनौती है।
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यह समस्या गांवों में अधिक है। इस स्थिति से निपटने के लिए शासन की बाल सेना का सहारा लेने की योजना है। योजना के तहत गांवों में ऐसे बच्चों को चुना जाएगा, जो खुले में शौच करने वालों को जागरूक कर नसीहत देंगे।
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प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बाकायदा इन बच्चों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। सुबह शाम बच्चे गांव के बाहर तैनात रहकर खुले में शौच करने वालों की निगरानी करेंगे। इतना ही नहीं बार बार गलती करने वालों की रिपोर्ट भी इन बच्चों द्वारा प्रशासन को सौंपी जाएगी।
बच्चों के बाद ऐसे लोगों को समझाने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सीडीओ कुणाल सिल्कू का कहना है कि गांवों को पूरी तरह से शौच मुक्त करने के लिए बच्चों की मदद ली जा रही है। बाल सेना के नाम से पहले चरण में कुछ गांवों में बच्चों की कमेटी गठित की जाएगी।