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Hapur News: साल का पहला और अंतिम चंद्रग्रहण तीन घंटे 29 मिनट का रहेगा
Fri, 05 Sep 2025 10:34 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 05 Sep 2025 10:34 PM IST
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हापुड़। साल का पहला और अंतिम चंद्रग्रहण भाद्रपक्ष शुक्ल पूर्णिमा पर सात सितंबर को लग रहा है। रात्रि 9:57 बजे से 1:26 बजे तक तीन घंटे 29 मिनट की अवधि का यह खंडग्रास चंद्रग्रहण पितृपक्ष की पूर्व रात्रि पर पूरे देश में एक साथ देखा जा सकेगा। सात सितंबर को यह चंद्रग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि सात सितंबर को चंद्र ग्रहण लग रहा है जो भारत में दृश्य मान रहेगा। जिले के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में चंद्र ग्रहण रात्रि 9:57 बजे से आरंभ होगा। रात्रि 1:26 बजे तक ग्रहण का मोक्ष काल अर्थात समाप्त हो जाएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व होता है, उसके अनुसार मध्यान्ह 12:57 बजे से सूतक लग जाएंगे। गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से ध्यान दें की ग्रहण काल में निद्रा और खाना नहीं चाहिए और किसी भी वस्तु को ना काटे। जितना हो सके भगवन नाम जाप या गीता, रामायण, भागवत इत्यादि ग्रंथों का स्वाध्याय कर जप करें। ग्रहण काल में किया हुआ मंत्र, जाप कई गुना फलदायी होता है। बच्चे, बूढ़े, रोगी के लिए यह नियम लागू नहीं होते। सूतक काल में भगवान का स्पर्श और पूजा पाठ भी नहीं होगी, लेकिन ग्रहण काल में किया गया जप, तप, यज्ञ, व्रत, अनुष्ठान अनंत गुना फलदायी होता है।
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चंद्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव-
मेष : धन के लिए शुभ
वृष : शारीरिक पीड़ा
मिथुन : संतान के लिए कष्ट
कर्क : धन के लिए शुभ
सिंह : पारिवारिक और दांपत्य मतभेद, क्लेश
कन्या : भय और संघर्ष वृद्धि
तुला : खर्च की अधिकता धन व्यय
वृश्चिक : कार्य सिद्धि धन लाभ
धनु : धन लाभ मानसिक प्रसन्नता
मकर : धन हानि व्यर्थ व्यय
कुंभ : शारीरिक कष्ट
मीन : धन हानि
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ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि सात सितंबर को चंद्र ग्रहण लग रहा है जो भारत में दृश्य मान रहेगा। जिले के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में चंद्र ग्रहण रात्रि 9:57 बजे से आरंभ होगा। रात्रि 1:26 बजे तक ग्रहण का मोक्ष काल अर्थात समाप्त हो जाएगा। चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व होता है, उसके अनुसार मध्यान्ह 12:57 बजे से सूतक लग जाएंगे। गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से ध्यान दें की ग्रहण काल में निद्रा और खाना नहीं चाहिए और किसी भी वस्तु को ना काटे। जितना हो सके भगवन नाम जाप या गीता, रामायण, भागवत इत्यादि ग्रंथों का स्वाध्याय कर जप करें। ग्रहण काल में किया हुआ मंत्र, जाप कई गुना फलदायी होता है। बच्चे, बूढ़े, रोगी के लिए यह नियम लागू नहीं होते। सूतक काल में भगवान का स्पर्श और पूजा पाठ भी नहीं होगी, लेकिन ग्रहण काल में किया गया जप, तप, यज्ञ, व्रत, अनुष्ठान अनंत गुना फलदायी होता है।
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चंद्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव-
मेष : धन के लिए शुभ
वृष : शारीरिक पीड़ा
मिथुन : संतान के लिए कष्ट
कर्क : धन के लिए शुभ
सिंह : पारिवारिक और दांपत्य मतभेद, क्लेश
कन्या : भय और संघर्ष वृद्धि
तुला : खर्च की अधिकता धन व्यय
वृश्चिक : कार्य सिद्धि धन लाभ
धनु : धन लाभ मानसिक प्रसन्नता
मकर : धन हानि व्यर्थ व्यय
कुंभ : शारीरिक कष्ट
मीन : धन हानि