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गंगा एक्सप्रेस वे को मिले दो हजार करोड़, जिले के 67 गांवों को मिलेगा लाभ
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गंगा एक्सप्रेस वे को मिले दो हजार करोड़, जिले के 67 गांवों को मिलेगा लाभ
हापुड़। देश के सबसे लंबे 637 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस के लिए शासन ने बजट में दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। बजट स्वीकृत होने के बाद जिले के 67 गांवों से होकर गुजरने वाले एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी के आसार जगे हैं। एक्सप्रेस वे से प्रभावित हापुड़ और गढ़ तहसील क्षेत्र के इन किसानों को लाभ होगा।
मेरठ से प्रयागराज तक 637 किलोमीटर लंबे चार लेन गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर जिले के लोगों में खासी उत्सुकता है। एक्सप्रेस वे के निर्माण में करीब 36 हजार करोड़ की लागत आएगी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के राज्य सरकार के बजट में एक्सप्रेस वे के लिए दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस एक्सप्रेस वे का शिलान्यास मार्च में होने की उम्मीद जताई जा रही थी और इसे पूरा करने के लिए 2024 का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब 8164 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता है। बड़ी बात है कि इस एक्सप्रेस वे का बड़ा हिस्सा हापुड़ से होकर गुजरेगा और इस योजना से जिले के 67 गांव प्रभावित हैं। जिनमें हापुड़ तहसील के 17 और गढ़मुक्तेश्वर तहसील के 50 गांव शामिल हैं। बजट में एक्सप्रेस वे के लिए दो हजार करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद इसके निर्माण प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल चिन्हित गांवों में नपाई आदि का कार्य किया जा रहा है। लेकिन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। बजट स्वीकृत होने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
मुआवजे से हजारों किसान होंगे मालामाल
गंगा एक्सप्रेस वे के लिए हापुड़ के लिए 67 गांव चिन्हित किए हैं। इनमें हजारों की संख्या में किसानों की भूमि इस परियोजना के लिए अधिग्रहण की जाएगी। ऐसे में इन हजारों किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। बजट में गंगा एक्सप्रेस वे के लिए दो हजार करोड़ की स्वीकृति मिलने के बाद संबधित गांवों में खुशी की लहर है।
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जिले के इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस वे
हापुड़ तहसील- टियाला, वझीलपुर, खडखड़ी, मलकपुर, मुरादपुर निजामसर, आलमगीरपुर, मुजफ्फरा बागड़पुर, औरंगाबाद, मुक्तेश्वरा, श्यामपुर जट्ट, सलारपुर, माधापुर, हाजीपुर, हरौड़ा, दयानतपुर, उदयपुर, नली हुसैनपुर
गढ़मुक्तेश्वर तहसील- दतियाना, न्याजपुर खैय्या, शुक्लमपुरा, भगवानपुर, अकबरपुर, फरीदपुर, नवादा कला, सिखैड़ा, कुचेसर रोड चौपला, सिखैड़ा मुरादाबाद, सरूरपुर, भोवापुर मस्ताननगर, सिंभावली, बक्सर, वैट, बनखंडा, बंगौली, पीरनगर, राजपुरए टोडरपुर, हिम्मतपुर, सिखैरा, फरीदपुर सिंभावली, मोहम्मदपुर खुड़लिया, सिखेड़ा मुरादाबाद, मुरादाबाद, बिलाहरा, जखेड़ा रहमतपुर, चुचावली, भैना सदरपुर, ढोलपुर, भैना, अलीपुर, वाहपुर ठेरा, नेकनामपुर नानई, भैंसोरा, चांदनेर, शेखमीर, बहादुरगढ़, पसवाड़ा, भदस्याना, आलमनगर, बरारी, लहडरा, नवादा खुर्द, शेरपुर, आलापुर, पूठ, शंकराटीला बांगर, किरावली।
एडीएम जयनाथ यादव ने बताया कि एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए औद्योगिक विकास प्राधिकरण को डिजिटल नक्शे उपलब्ध करा दिए गए थे। जल्द ही इसके लिए अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
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हापुड़। देश के सबसे लंबे 637 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस के लिए शासन ने बजट में दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। बजट स्वीकृत होने के बाद जिले के 67 गांवों से होकर गुजरने वाले एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी के आसार जगे हैं। एक्सप्रेस वे से प्रभावित हापुड़ और गढ़ तहसील क्षेत्र के इन किसानों को लाभ होगा।
मेरठ से प्रयागराज तक 637 किलोमीटर लंबे चार लेन गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर जिले के लोगों में खासी उत्सुकता है। एक्सप्रेस वे के निर्माण में करीब 36 हजार करोड़ की लागत आएगी। वित्तीय वर्ष 2020-21 के राज्य सरकार के बजट में एक्सप्रेस वे के लिए दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस एक्सप्रेस वे का शिलान्यास मार्च में होने की उम्मीद जताई जा रही थी और इसे पूरा करने के लिए 2024 का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब 8164 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता है। बड़ी बात है कि इस एक्सप्रेस वे का बड़ा हिस्सा हापुड़ से होकर गुजरेगा और इस योजना से जिले के 67 गांव प्रभावित हैं। जिनमें हापुड़ तहसील के 17 और गढ़मुक्तेश्वर तहसील के 50 गांव शामिल हैं। बजट में एक्सप्रेस वे के लिए दो हजार करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद इसके निर्माण प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल चिन्हित गांवों में नपाई आदि का कार्य किया जा रहा है। लेकिन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। बजट स्वीकृत होने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
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मुआवजे से हजारों किसान होंगे मालामाल
गंगा एक्सप्रेस वे के लिए हापुड़ के लिए 67 गांव चिन्हित किए हैं। इनमें हजारों की संख्या में किसानों की भूमि इस परियोजना के लिए अधिग्रहण की जाएगी। ऐसे में इन हजारों किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। बजट में गंगा एक्सप्रेस वे के लिए दो हजार करोड़ की स्वीकृति मिलने के बाद संबधित गांवों में खुशी की लहर है।
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जिले के इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस वे
हापुड़ तहसील- टियाला, वझीलपुर, खडखड़ी, मलकपुर, मुरादपुर निजामसर, आलमगीरपुर, मुजफ्फरा बागड़पुर, औरंगाबाद, मुक्तेश्वरा, श्यामपुर जट्ट, सलारपुर, माधापुर, हाजीपुर, हरौड़ा, दयानतपुर, उदयपुर, नली हुसैनपुर
गढ़मुक्तेश्वर तहसील- दतियाना, न्याजपुर खैय्या, शुक्लमपुरा, भगवानपुर, अकबरपुर, फरीदपुर, नवादा कला, सिखैड़ा, कुचेसर रोड चौपला, सिखैड़ा मुरादाबाद, सरूरपुर, भोवापुर मस्ताननगर, सिंभावली, बक्सर, वैट, बनखंडा, बंगौली, पीरनगर, राजपुरए टोडरपुर, हिम्मतपुर, सिखैरा, फरीदपुर सिंभावली, मोहम्मदपुर खुड़लिया, सिखेड़ा मुरादाबाद, मुरादाबाद, बिलाहरा, जखेड़ा रहमतपुर, चुचावली, भैना सदरपुर, ढोलपुर, भैना, अलीपुर, वाहपुर ठेरा, नेकनामपुर नानई, भैंसोरा, चांदनेर, शेखमीर, बहादुरगढ़, पसवाड़ा, भदस्याना, आलमनगर, बरारी, लहडरा, नवादा खुर्द, शेरपुर, आलापुर, पूठ, शंकराटीला बांगर, किरावली।
एडीएम जयनाथ यादव ने बताया कि एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए औद्योगिक विकास प्राधिकरण को डिजिटल नक्शे उपलब्ध करा दिए गए थे। जल्द ही इसके लिए अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।