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Hapur News: छापा के बाद भी आरटीओ ऑफिस से नहीं हटे दलाल
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हापुड़ । उपसंभागीय कार्यालय (एआरटीओ कार्यालय) में प्राइवेट कर्मियों के प्रवेश और कर्मचारियों से सेटिंग कर काम कराने के मामले थम नहीं रहे हैं। तीन दिन पहले लगे एडीएम के छापे के बाद सोमवार को फिर कार्यालय में स्थिति बिगड़ी नजर आई। किसी ने बाइक पर ही दुकान सजाई है तो कोई सड़क के किनारे खड़े होकर सेटिंग कर रहा है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है।
शासन के तमाम आदेशों और सख्ती के बाद भी एआरटीओ कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली सुधरने का नाम नहीं ले रही है। तीन दिन पहले एडीएम संदीप सिंह और एसडीएम सदर शुभम श्रीवास्तव ने कार्यालय में छापा मारा था। उस समय प्राइवेट कर्मी और दलाल दूसरे दरवाजे से भाग निकले थे। इस कारण कोई प्राइवेट कर्मी पकड़ा नहीं जा सका था। जबकि, बाहर खुली दुकानों के शटर गिर गए थे। दो दिन तक कार्यालय के बाहर दुकानें नहीं खुल सकी थीं। माना जा रहा था कि किसी ने छापे की सूचना लीक कर दी थी, लेकिन सोमवार को फिर वहीं पुराना ढर्रा नजर आया। चंद रुपयों के काम के लोग गई गुना तक देकर दलालों के माध्यमों से कार्यालय में काम करा रहे थे।
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पहले बाहर की सेटिंग, फिर अंदर जाकर कराया काम--
कार्यालय के बाहर बनी दुकानों पर कुछ लोग मौजूद रहते हैं। कोई व्यक्ति फार्म आदि भरवाने पहुंचता है तो उसे वहीं पकड़कर कार्यालय में कर्मचारियों द्वारा उत्पीड़न करने की बातें कहकर उलझा लिया जाता है। जिस पर व्यक्ति मजबूर होकर दलालों की बातों में उलझकर काम कराने की बात मान जाता है। यही नजारा सोमवार को भी नजर आया। एक व्यक्ति कार्यालय के बाहर खड़े दलाल की बातों में उलझ गए, इसके बाद दलाल ने अंदर जाकर कार्यालय में काम कराया।
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कैमरा देखकर गिरा दिए शटर, गलियों में भागने लगे
जैसे ही कैमरे से मौके की स्थिति के फोटो लेने शुरू किए गए तो प्राइवेट कर्मियों ने कार्यालय के बाहर खोली दुकानों के शटर गिरा दिए। कुछ दुकानों के अंदर ही बंद हो गए। कई ने कार्यालय के पास से गुजर रही गलियों में भागना शुरू कर दिया। यह हाल बता रहा था कि कार्यालय में किस प्रकार दलालों ने अपने पैर जमाए हुए हैं।
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यह कहते हैं अधिकारी--
यदि कार्यालय में प्राइवेट कर्मी जाकर काम करा रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। एक बार फिर से कार्यालय का औचक निरीक्षण किया जाएगा। मौके पर कोई मिलेगा तो निश्चित ही कड़ी कार्रवाई करेंगे। - संदीप कुमार, एडीएम
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शासन के तमाम आदेशों और सख्ती के बाद भी एआरटीओ कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली सुधरने का नाम नहीं ले रही है। तीन दिन पहले एडीएम संदीप सिंह और एसडीएम सदर शुभम श्रीवास्तव ने कार्यालय में छापा मारा था। उस समय प्राइवेट कर्मी और दलाल दूसरे दरवाजे से भाग निकले थे। इस कारण कोई प्राइवेट कर्मी पकड़ा नहीं जा सका था। जबकि, बाहर खुली दुकानों के शटर गिर गए थे। दो दिन तक कार्यालय के बाहर दुकानें नहीं खुल सकी थीं। माना जा रहा था कि किसी ने छापे की सूचना लीक कर दी थी, लेकिन सोमवार को फिर वहीं पुराना ढर्रा नजर आया। चंद रुपयों के काम के लोग गई गुना तक देकर दलालों के माध्यमों से कार्यालय में काम करा रहे थे।
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पहले बाहर की सेटिंग, फिर अंदर जाकर कराया काम
कार्यालय के बाहर बनी दुकानों पर कुछ लोग मौजूद रहते हैं। कोई व्यक्ति फार्म आदि भरवाने पहुंचता है तो उसे वहीं पकड़कर कार्यालय में कर्मचारियों द्वारा उत्पीड़न करने की बातें कहकर उलझा लिया जाता है। जिस पर व्यक्ति मजबूर होकर दलालों की बातों में उलझकर काम कराने की बात मान जाता है। यही नजारा सोमवार को भी नजर आया। एक व्यक्ति कार्यालय के बाहर खड़े दलाल की बातों में उलझ गए, इसके बाद दलाल ने अंदर जाकर कार्यालय में काम कराया।
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कैमरा देखकर गिरा दिए शटर, गलियों में भागने लगे
जैसे ही कैमरे से मौके की स्थिति के फोटो लेने शुरू किए गए तो प्राइवेट कर्मियों ने कार्यालय के बाहर खोली दुकानों के शटर गिरा दिए। कुछ दुकानों के अंदर ही बंद हो गए। कई ने कार्यालय के पास से गुजर रही गलियों में भागना शुरू कर दिया। यह हाल बता रहा था कि कार्यालय में किस प्रकार दलालों ने अपने पैर जमाए हुए हैं।
यह कहते हैं अधिकारी
यदि कार्यालय में प्राइवेट कर्मी जाकर काम करा रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। एक बार फिर से कार्यालय का औचक निरीक्षण किया जाएगा। मौके पर कोई मिलेगा तो निश्चित ही कड़ी कार्रवाई करेंगे। - संदीप कुमार, एडीएम