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Hapur News: जीएसटी की चोरी कर रहे ईंट-भट्ठा संचालक
Wed, 07 Aug 2024 09:38 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 07 Aug 2024 09:38 PM IST
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हापुड़। ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के कई मामले सामने आए हैं। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) ने जिले में संचालित एक ईंट भट्ठा संचालक पर जीएसटी भुगतान न करने पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
ईंट भट्ठा पर छह और 12 प्रतिशत टैक्स निर्धारित है। समाधान योजना का विकल्प चुनने वाले कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के बिना छह फीसदी जीएसटी का भुगतान करते हैं। समाधान योजना का विकल्प न चुनने वाले कारोबारियों को आईटीसी के 12 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होता है। लेकिन ईंट भट्ठा संचालक इसमें हेरफेर कर विभाग को चूना लगा रहे हैं।
कारोबारी समाधान योजना का विकल्प नहीं अपनाते हैं और ईंट के निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल पर आईटीसी क्लेम करते हुए 12 फीसदी की दस से टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। जबकि जिले में पंजीकृत दस से अधिक ॉभट्ठा कारोबारियों के पास तो स्टॉक की भी जानकारी नहीं है और जीएसटी भी दाखिल नहीं कर रहे हैं। ऐसे ईंट भट्ठा संचालक एसआईबी की रडार पर आ गए हैं। पिछले सप्ताह एक ईंट भट्टा संचालक की जांच की गई तो स्टॉक की जानकारी भी नहीं मिल सकी। जिसके बाद राज्य कर विभाग द्वारा कारोबारी पर सात लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
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बरसात के बाद तेज होगी कार्रवाई-
जीएसटी चोरी करने वाले ईंट भट्ठा कारोबारी विभाग की रडार पर है। जिले में 11 ईंट-भट्ठा चिन्हित किए गए हैं जो जीएसटी चोरी कर रहे हैं या फिर शून्य देयता दर्शा रहे हैं। बरसात के बाद अभियान में तेजी लाई जाएगी और जीएसटी चोरी करने वाले ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - बृजेश दीपांकर, उपायुक्त एसआईबी
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ईंट भट्ठा पर छह और 12 प्रतिशत टैक्स निर्धारित है। समाधान योजना का विकल्प चुनने वाले कारोबारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के बिना छह फीसदी जीएसटी का भुगतान करते हैं। समाधान योजना का विकल्प न चुनने वाले कारोबारियों को आईटीसी के 12 फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होता है। लेकिन ईंट भट्ठा संचालक इसमें हेरफेर कर विभाग को चूना लगा रहे हैं।
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कारोबारी समाधान योजना का विकल्प नहीं अपनाते हैं और ईंट के निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल पर आईटीसी क्लेम करते हुए 12 फीसदी की दस से टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। जबकि जिले में पंजीकृत दस से अधिक ॉभट्ठा कारोबारियों के पास तो स्टॉक की भी जानकारी नहीं है और जीएसटी भी दाखिल नहीं कर रहे हैं। ऐसे ईंट भट्ठा संचालक एसआईबी की रडार पर आ गए हैं। पिछले सप्ताह एक ईंट भट्टा संचालक की जांच की गई तो स्टॉक की जानकारी भी नहीं मिल सकी। जिसके बाद राज्य कर विभाग द्वारा कारोबारी पर सात लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
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बरसात के बाद तेज होगी कार्रवाई-
जीएसटी चोरी करने वाले ईंट भट्ठा कारोबारी विभाग की रडार पर है। जिले में 11 ईंट-भट्ठा चिन्हित किए गए हैं जो जीएसटी चोरी कर रहे हैं या फिर शून्य देयता दर्शा रहे हैं। बरसात के बाद अभियान में तेजी लाई जाएगी और जीएसटी चोरी करने वाले ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - बृजेश दीपांकर, उपायुक्त एसआईबी