फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Battle over the road shifts to court... public awaits a wide highway.

Hapur News: सड़क की लड़ाई अदालत में...जनता को चौड़े हाईवे का इंतजार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:58 AM IST
विज्ञापन
Battle over the road shifts to court... public awaits a wide highway.
हापुड़। मेरठ से गढ़ को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 709ए के चौड़ीकरण का मामला उच्च न्यायालय इलाहाबाद से होते हुए देश की सर्वोच्च अदालत में पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टाटा प्रोजेक्ट से हाईकोर्ट में मुकदमा हारने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मामले के अदालती सफर में फंसने के बाद से लोगों का अच्छी सड़क के लिए इंतजार और बढ़ गया है।
विज्ञापन

मेरठ के गांव सिसौली से लेकर गढ़मुक्तेश्वर के गांव बदरखा तक हाईवे 709ए के निर्माण के लिए एनएचएआई ने वर्ष 2021 में में टाटा प्रोजेक्ट्स कंपनी से अनुबंध किया था। कार्य को पूरा करने के लिए 10 अक्तूबर 2021 से लेकर 10 अक्तूबर 2023 तक का समय कार्यदायी संस्था को दिया गया था। उस समय इस हाईवे के निर्माण में करीब 955 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत घोषित की गई थी।
विज्ञापन


लगभग दो साल में करीब 462 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी मात्र 48 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका। प्रोजेक्ट में देरी होने और लागत बढ़ने की स्थिति को देखते हुए एनएचएआई ने 23 दिसंबर 2024 को अनुबंध समाप्त करने के लिए कार्यदायी संस्था को नोटिस दिया, इसके बाद 30 दिसंबर 2024 को अनुबंध समाप्त भी कर दिया। विभागीय अधिकारियों ने दोबारा टेंडर की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन टाटा प्रोजेक्ट्स ने उच्च न्यायालय में वाद दायर कर दिया। दो साल चली सुनवाई के बाद एनएचएआई यह मुकदमा हार गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 08 जुलाई 2026 को प्राधिकरण के खिलाफ फैसला सुनाया। इसके बाद एनएचएआई ने देश की सर्वोच्च अदालत की ओर रुख किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जगह-जगह डायवर्जन से दिक्कत, हादसों की संख्या भी बढ़ी

हाईवे का कार्य बंद होने के कारण कुछ स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं, हाईवे पर जगह-जगह डायवर्जन है। जिस स्थान पर सड़क का निर्माण हुआ था, वहां कई स्थानों पर सड़क धंस गई है। हाईवे मुख्य रूप से मेरठ-हापुड़ को जोड़ता है। इस पर प्रतिदिन करीब 25 हजार वाहनों की आवाजाही होती है। डायवर्जन और गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर हादसों की संख्या भी काफी बढ़ गई है।



दो बाईपास, चार बड़े पुल और पांच अंडरपास प्रोजेक्ट में शामिल



मेरठ से गढ़ के बीच हाईवे निर्माण में कुल 32 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इनमें 23 गांव मेरठ और नौ गांव हापुड़ जिले के शामिल हैं। प्रोजेक्ट के अंतर्गत दो बाईपास भी निकाले जाएंगे। पहला बाईपास आठ किलोमीटर का गढ़ रोड पर स्थित नानपुर, शाहजहांपुर से होता हुआ किठौर से निकाला जाएगा। दूसरा दो किलोमीटर का बाईपास हसनपुर कलां से निकाला जाएगा। दो मुख्य इंटरकनेक्टर भी हैं। इनके तहत गढ़ रोड से हापुड़ रोड, गढ़ रोड से मवाना रोड को जोड़ा जाएगा। योजना में कुल पांच अंडरपास और चार बड़े ब्रिज का निर्माण भी शामिल है।

कंपनी ने मजबूती से रखा पक्ष, जमीन की बाधाएं दूर नहीं कर सका एनएचएआई
न्यायालय ने कुछ मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया। एनएचएआई समय से जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया। एनएचएआई को आवश्यक जमीन बाधामुक्त तरीके से देनी थी। निर्माण कंपनी की ओर से पेश की गई रिपोर्ट से सामने आया कि काफी हिस्से में मकान, धार्मिक स्थल, सीमा दीवार, भूमि विवाद आदि की बाधाएं मौजूद थीं। एनएचएआई के अपने दस्तावेज ही टाटा प्रोजेक्ट्स के पक्ष में चले गए। खास तौर पर आठ अगस्त 2022 के एनएचएआई के पत्र और 10 जुलाई 2024 की प्राधिकरण के अभियंता की रिपोर्ट में जमीन संबंधी बाधाओं को स्वीकार किया गया था। अभियंता ने समय बढ़ाने की सिफारिश भी की थी। टर्मिनेशन ऑर्डर में कंपनी के जवाब पर ठीक से विचार नहीं किया गया। कोर्ट ने पाया कि शो-कॉज नोटिस और टर्मिनेशन ऑर्डर में बहुत हद तक वही भाषा थी। कोर्ट ने इसे नॉन एप्लिकेशन ऑफ माइंड और मनमाना रवैया माना।



परियोजना निदेशक एनएचएआई साकेत मिश्रा का कहना है कि उच्च न्यायालय का आदेश टाटा प्रोजेक्ट्स कंपनी के पक्ष में आया है। एनएचएआई ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है। इस मार्ग पर वाहन चालकों को परेशानी न हो, इसके लिए बीच-बीच में मरम्मत कराई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed