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Hapur News: मेले में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं, मरीज बना रहे दूरी
Sun, 28 Jan 2024 10:07 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sun, 28 Jan 2024 10:07 PM IST
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हापुड़। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के जरिये लोगों को अवकाश के दिन स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सुविधा पटरी से उतरने लगी है। मेले में चिकित्सकों के बजाय फार्मासिस्ट के सहारे खानापूर्ति की जा रही है। इसके चलते मरीज मेलों से दूरी बनाने लगे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक इनमें पहुंचते ही नहीं हैं।
शासन से प्रत्येक पीएचसी पर मेला लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। रविवार को अरबन पीएचसी पर आरोग्य मेला लगा। जिलेभर में करीब 976 मरीज देखे गए, जिसमें खांसी बुखार वाले ही अधिक रहे। सामान्य दिनों की तरह से भी बदतर स्थिति में मेले लगते हैं। आलम यह है कि इनमें कोई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं पहुंचता। सिर्फ एक एमबीबीएस चिकित्सक के भरोसे ही पूरा मेला होता है। मजीदपुरा पीएचसी में फार्मासिस्ट और स्टॉफ नर्स ही मरीजों को देखती हैं। इसके अलावा जिन अस्पतालों में मेला लगता है, उस दिन कार्य करने वाला स्टाफ दूसरे दिनों में अवकाश ले लेता है, जिस कारण अन्य दिनों में भी ओपीडी सेवा प्रभावित रहती है। गंभीर बीमारियों के यहां आने वाले मरीजों को बिना उपचार दिए ही रेफर किया जाता है। क्योंकि अस्पतालों में कोई संसाधन ही नहीं हैं। मैनुअल जांच अधिक होती हैं, जिसके लिए मरीजों को रिपोर्ट का इंतजार करना पड़त है। चिकित्सकों की कमी को अफसर लंबे समय से दूर नहीं कर पाए हैं।
चिकित्सकों की कराई जा रही व्यवस्था
अस्पतालों में चिकित्सकों की व्यवस्था कराई जा रही है। आरोग्य मेले में आने वाले रोगियों को उपचार दिलाया जा रहा है, गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल या सीएचसी रेफर किया जाता है।-- डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
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शासन से प्रत्येक पीएचसी पर मेला लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। रविवार को अरबन पीएचसी पर आरोग्य मेला लगा। जिलेभर में करीब 976 मरीज देखे गए, जिसमें खांसी बुखार वाले ही अधिक रहे। सामान्य दिनों की तरह से भी बदतर स्थिति में मेले लगते हैं। आलम यह है कि इनमें कोई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं पहुंचता। सिर्फ एक एमबीबीएस चिकित्सक के भरोसे ही पूरा मेला होता है। मजीदपुरा पीएचसी में फार्मासिस्ट और स्टॉफ नर्स ही मरीजों को देखती हैं। इसके अलावा जिन अस्पतालों में मेला लगता है, उस दिन कार्य करने वाला स्टाफ दूसरे दिनों में अवकाश ले लेता है, जिस कारण अन्य दिनों में भी ओपीडी सेवा प्रभावित रहती है। गंभीर बीमारियों के यहां आने वाले मरीजों को बिना उपचार दिए ही रेफर किया जाता है। क्योंकि अस्पतालों में कोई संसाधन ही नहीं हैं। मैनुअल जांच अधिक होती हैं, जिसके लिए मरीजों को रिपोर्ट का इंतजार करना पड़त है। चिकित्सकों की कमी को अफसर लंबे समय से दूर नहीं कर पाए हैं।
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चिकित्सकों की कराई जा रही व्यवस्था
अस्पतालों में चिकित्सकों की व्यवस्था कराई जा रही है। आरोग्य मेले में आने वाले रोगियों को उपचार दिलाया जा रहा है, गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल या सीएचसी रेफर किया जाता है।
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