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Hapur News: एक्यूआई पहुंचा 258, जिले में ग्रेप का पहला चरण लागू
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रामपुर रोड पर लगी कबाड़ में आग। संवाद
हापुड़। जिले की हवा लगातार खराब हो रही है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 258 दर्ज किया गया, जबकि मंगलवार को एक्यूआई 230 था। दो दिनों में प्रदूषण का स्तर करीब 28 अंक बढ़ गया। इसे देखते हुए जिले में ग्रेप का पहला चरण लागू कर दिया गया है।इसके तहत कूड़ा जलाने और खुले में निर्माण सामग्री रखने पर रोक लगाने जैसे निर्देश हैं।
पिछले तीन दिनों में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। वर्तमान में हवा का स्तर खराब श्रेणी में दर्ज है।
नगर पालिकाओं को सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने और खुले में कूड़ा जलने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में जल्द वायु प्रदूषण का स्तर कम होगा।
- संदीप कुमार, एडीएम
आसपास के क्षेत्रों की वायु प्रदूषण की स्थिति
क्षेत्र का नाम वायु प्रदूषण (एक्यूआई)
दिल्ली 245
गाजियाबाद 223
ग्रेटर नोएडा 280
हापुड़ 258
बुलंदशहर 204
मेरठ 223
नोट : यह आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से लिए गए हैं।
इन कार्याें की होगी मनाही
बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी और कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए प्रमुख सड़कों पर नियमित रूप से मशीनों के जरिये सफाई और पानी का छिड़काव कराने, खुले में किसी भी प्रकार का कचरा या सूखा मलबा जलाने पर पूरी तरह रोक, नगर पालिकाओं को ठोस कचरे और निर्माण अपशिष्ट का समय पर उठाव करने, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के तमाम नियमों का पालन करने और साइटों पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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पिछले तीन दिनों में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। वर्तमान में हवा का स्तर खराब श्रेणी में दर्ज है।
नगर पालिकाओं को सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने और खुले में कूड़ा जलने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में जल्द वायु प्रदूषण का स्तर कम होगा।
- संदीप कुमार, एडीएम
आसपास के क्षेत्रों की वायु प्रदूषण की स्थिति
क्षेत्र का नाम वायु प्रदूषण (एक्यूआई)
दिल्ली 245
गाजियाबाद 223
ग्रेटर नोएडा 280
हापुड़ 258
बुलंदशहर 204
मेरठ 223
नोट : यह आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से लिए गए हैं।
इन कार्याें की होगी मनाही
बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी और कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए प्रमुख सड़कों पर नियमित रूप से मशीनों के जरिये सफाई और पानी का छिड़काव कराने, खुले में किसी भी प्रकार का कचरा या सूखा मलबा जलाने पर पूरी तरह रोक, नगर पालिकाओं को ठोस कचरे और निर्माण अपशिष्ट का समय पर उठाव करने, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के तमाम नियमों का पालन करने और साइटों पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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