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कैंसर से एक और मौत

Sun, 10 Apr 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Sun, 10 Apr 2016 01:04 AM IST
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Another death from cancer
heath - फोटो : अमर उजाला

गंगा खादर क्षेत्र के किनारे बसे दर्जनों गांवों का भूजल दूषित होने से ग्रामीण हेपेटाइटिस सी-बी की चपेट में आ रहे हैं। शनिवार सुबह लीवर कैंसर से सिंभावली क्षेत्र के गांव न्याजपुर खैया में एक मजदूर की मौत हो गई।

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उसका गाजियाबाद एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। पिछले पांच दिनों के अंदर कैंसर से यह पांचवीं मौत होने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण कैंसर से हो रही मौतों का कारण भूजल दूषित होना बता रह हैं।
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शनिवार की सुबह सिंभावली क्षेत्र के गांव न्याजपुर खैया में मजदूर रणपाल सिंह की हेपेटाइटिस सी से मौत हो गई। उसे लीवर कैंसर था। परिजन उसका इलाज गाजियाबाद के एक अस्पताल में करा रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि पांच दिन के अंदर गंगा किनारे स्थित गांवों में यह पांचवीं मौत है।
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इससे पहले गांव सलोनी में भाजपा मंडलाध्यक्ष अजयपाल सिंह के छोटे भाई ओमपाल सिंह, सलोनी मंढैया में करनसिंह की पत्नी विद्या, मुक्तेश्वरा में किसान रामकिशन और बक्सर में रफीक खां की बेटी गुलशन की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा किनारे गांव मेंभूजल दूषित होने से लोग बीमार हो रहे हैं।  

पांच साल 150 से अधिक जानें गईं
भूजल का दूषित पानी पीने से पिछले पांच वर्षों के भीतर महिलाओं समेत डेढ़ सौ से भी अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें जयावती, मंजू, सुनहरी, हरगुलाल, लख्मीचंद, झमेल सिंह, राजेंद्र, नेत्रपाल, यामीन, शेरसिंह, परशुराम, रामवीर, प्रेमसिंह, बनवारी, पुष्पेंद्र, कृष्णवी, भोपाल, रमजान, फकीरा, सत्तार, रामसिंह, समय सिंह, कहल सिंह, संजीव, कल्लो, वीरवती शामिल हैं। अभी भी दर्जन ग्रामीण हेपेटाइटिस सी-बी जैसी ग्रसित हैं।

इन गांवों का भूजल दूषित
गढ़ और बहादुरगढ़ समेत सिंभावली क्षेत्र के अधिकांश गांवों का भूजल दूषित हो गया है। इन गांवों में सेहल, भद्स्याना, आलमनगर, चांदनेर, जखैड़ा रहमतपुर, पलवाड़ा, पसवाड़ा, मुहम्मदपुर, रहरवा, क्रियावली, शकराटीला, भैना, सदरपुर, लहडरा, हशूपुर, वैट, फुलड़ी, दरियापुर, बलवापुर, पूठ, सलोनी, बक्सर शामिल हैं।

पूर्व प्रधान आरिफ खां, मुकेश सैनी, सरदार राजेंद्र सिंह का कहना है कि भूजल दूषित होने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सरकारी तालाबों के आसपास लगे हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह
गांवों में कैंसर से हो रहीं मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इसकी रोकथाम तो दूर बल्कि पीड़ितों की जांच तक कराने को तैयार नहीं है। बहादुरगढ़ और सिंभावली-बक्सर सहित आसपास के दो दर्जन से भी अधिक गांवों में कैंसर से पीड़ित मरीज अच्छी खासी तादाद है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।


सीएमओ की भी सुनिए
डॉ.एके सिंह का कहना है कि हेपेटाइटिस बी और सी से रोकथाम के लिए गांवों के भूजल का नमूना  प्रयोगशाला जांच को भेजा जाएगा। ग्रामीणों को एहतियात बरतने की हिदायत भी दी जाएगी। गांवों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की जाएगी।

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