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Hapur News: अधिवक्ताओं ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार के बंद किए कार्यालय
Mon, 21 Jul 2025 10:53 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 21 Jul 2025 10:53 PM IST
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हापुड़। तहसीलदार के खिलाफ हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारे लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इसके बाद तहसीलदार व नायब तहसीलदार के कार्यालय को बंद कर दिया गया। स्थानांतरण न होने तक तहसीलदार के न्यायालय का पूर्णत: बहिष्कार करने का एलान किया गया। मामले में डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर ईला प्रकाश को सौंपा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल ने आरोप लगाते हुए कहा कि तहसीलदार स्वाति गुप्ता का व्यवहार ठीक नहीं है। न्यायालय में कई अधिवक्ताओं के साथ तहसीलदार ने अभद्रता की है। वह अधिवक्ताओं की गरिमा का भी मजाक उड़ाती हैं। न्यायालय में सुनवाई के लिए समय से भी नहीं बैठती हैं।
सचिव वीरेंद्र सिंह सैनी ने कहा कि तहसीलदार की खराब कार्यशैली से वादकारियों को न्याय मिलना संभव नहीं है। जब तक तहसीलदार स्वाति गुप्ता का अन्य जिले में स्थानांतरण नहीं हो जाता है। तब तक अधिवक्ताओं द्वारा तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार किया जाएगा। सभी अधिवक्ताओं ने इसका समर्थन किया है। इसके विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ता रमेश चंद्रा व रविंद्र निमेष ने कहा कि अधिवक्ताओं का सम्मान सर्वोपरि है। इस प्रकार से अधिवक्ताओं का अपमान नहीं होने देंगे। वहीं, दस्तावेज लेखक तहसील संघ द्वारा अधिवक्ताओं का समर्थन किया गया। उन्होंने कहा कि तहसील में उनका शोषण भी हो रहा है। हंगामे के दौरान तहसीलदार व अन्य अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। कांवड़ यात्रा में ड्यूटी के कारण अधिवक्ता कार्यालय में नहीं पहुंचे।
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इस दौरान अधिवक्ता विकास त्यागी, अक्षय गुप्ता, भोपाल सिसोदिया, नरेंद्र मान, अजीत चौधरी, मोहित त्यागी, रजत शर्मा, अशोक त्यागी, महेंद्र कुमार , परवेज, यामीन खान, उज्ज्वल कंसल, सुधांशु दत्त शर्मा, मोनिका सिद्धू, रमा, किरन, उदय सिंह जयंत, सतीश चौधरी, सुभाष चंद सैनी, सतवीर आदि उपस्थित रहे।
पुलिसकर्मियों की रही मौजूदगी
तहसील परिसर में करीब एक घंटे तक हंगामा और नारेबाजी हुई। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। हंगामे की सूचना पर एसडीएम ईला प्रकाश मौके पर पहुंची। उन्होंने अधिवक्ताओं को समझाकर शांत किया। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए और ज्ञापन सौंपकर लौट गए, लेकिन अधिवक्ताओं ने सख्त चेतावनी दी कि वह स्थानांतरण तक कार्य बहिष्कार पर जरूर रहेंगे।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल ने आरोप लगाते हुए कहा कि तहसीलदार स्वाति गुप्ता का व्यवहार ठीक नहीं है। न्यायालय में कई अधिवक्ताओं के साथ तहसीलदार ने अभद्रता की है। वह अधिवक्ताओं की गरिमा का भी मजाक उड़ाती हैं। न्यायालय में सुनवाई के लिए समय से भी नहीं बैठती हैं।
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सचिव वीरेंद्र सिंह सैनी ने कहा कि तहसीलदार की खराब कार्यशैली से वादकारियों को न्याय मिलना संभव नहीं है। जब तक तहसीलदार स्वाति गुप्ता का अन्य जिले में स्थानांतरण नहीं हो जाता है। तब तक अधिवक्ताओं द्वारा तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार किया जाएगा। सभी अधिवक्ताओं ने इसका समर्थन किया है। इसके विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ता रमेश चंद्रा व रविंद्र निमेष ने कहा कि अधिवक्ताओं का सम्मान सर्वोपरि है। इस प्रकार से अधिवक्ताओं का अपमान नहीं होने देंगे। वहीं, दस्तावेज लेखक तहसील संघ द्वारा अधिवक्ताओं का समर्थन किया गया। उन्होंने कहा कि तहसील में उनका शोषण भी हो रहा है। हंगामे के दौरान तहसीलदार व अन्य अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। कांवड़ यात्रा में ड्यूटी के कारण अधिवक्ता कार्यालय में नहीं पहुंचे।
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इस दौरान अधिवक्ता विकास त्यागी, अक्षय गुप्ता, भोपाल सिसोदिया, नरेंद्र मान, अजीत चौधरी, मोहित त्यागी, रजत शर्मा, अशोक त्यागी, महेंद्र कुमार , परवेज, यामीन खान, उज्ज्वल कंसल, सुधांशु दत्त शर्मा, मोनिका सिद्धू, रमा, किरन, उदय सिंह जयंत, सतीश चौधरी, सुभाष चंद सैनी, सतवीर आदि उपस्थित रहे।
पुलिसकर्मियों की रही मौजूदगी
तहसील परिसर में करीब एक घंटे तक हंगामा और नारेबाजी हुई। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। हंगामे की सूचना पर एसडीएम ईला प्रकाश मौके पर पहुंची। उन्होंने अधिवक्ताओं को समझाकर शांत किया। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए और ज्ञापन सौंपकर लौट गए, लेकिन अधिवक्ताओं ने सख्त चेतावनी दी कि वह स्थानांतरण तक कार्य बहिष्कार पर जरूर रहेंगे।